Home Blog Page 765

लव जिहाद पर अब UP में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान, विधानसभा में योगी सरकार ने पेश किया विधेयक: धर्मांतरण को बनाया ‘गंभीर श्रेणी’ का अपराध

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लव जिहाद से जुड़े कानून को और सख्त बनाने जा रही है। नए कानून के मुताबिक अब किसी का जबरन धर्मांतरण करवाने वाले आरोपित को 10-15 साल की सजा नहीं बल्कि उम्रकैद तक की सजा होगी। इस नियम को लागू कराने के लिए योगी सरकार ने इससे जुड़ा विधेयक सोमवार (29 जुलाई 2024) को सदन में पेश किया। विधेयक में कई नए अपराधों को भी शामिल करने की तैयारी है जैसे विधि विरुद्ध धर्मांतरण के लिए फंडिग को भी कानून के तहत अपराध के तगत दायरे में लाने की तैयारी है।

मालूम हो कि विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया गया था। इसमें कहा गया था कि अब यदि कोई व्यक्ति धर्मांतरण कराने की नीयत से किसी व्यक्ति को उसके जीवन या संपत्ति के लिए धमकाता है, हमला करता है, विवाह या विवाह करने का वादा करता है अथवा इन सब चीजों के लिए षड्यंत्र करता है, नाबालिग, महिला या किसी व्यक्ति की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा और उसे उल्लेखित सजा भुगतनी होगी।

बता दें कि लव जिहाद की घटनाओं की रोकथाम के लिए योगी सरकार ने साल 2020 में पहली बार लव जिहाद विरोधी कानून बनाने की बात सामने आई थी। बाद में साल 2021 में यूपी विधानसभा में धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक पारित किया गया । इसमें लव जिहाद आरोपितों के लिए 1 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान था।

कानून में कहा गया था कि सिर्फ शादी के लिए किया गया धर्मांतरण अमान्य होगा। इसके अलावा झूठ बोलकर, धोखा देकर, धर्म परिवर्तन को अपराध माना जाएगा। वहीं स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के मामले में 2 महीने पहले मजिस्ट्रेट को बताना होगा।

पहले विधेयक के मुताबिक जबरन धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए 15000 रुपए जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान था। वहीं अगर ये धोखेबाजी दलित लड़की के साथ ऐसा होता है तो 25000 रुपए जुर्माने के साथ 3-10 साल की सजा का प्रावधान था। हालाँकि अब अगर इस मामले में बदलाव होता है तो ऐसे केसों में आरोपित की सजा दुगनी होगी यानी 10 साल या फिर आजीवन कारावास का प्रावधान होगा।

गौरतलब है कि साल 2020-21 के बीच लव जिहाद के तमाम मामले सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए सामने आए थे। उन्हीं मामलों की शिकायत जब योगी सरकार के पास पहुँची तो उन्होंने मामलों की जाँच करवाई और पुष्टि होने के बाद आरोपित गिरफ्तार हुआ। साथ ही प्रदेश में ये कानून लाया गया कि धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

जिस नुरुद्दीनपुर की आबादी 8 हजार, UP के उस गाँव से बने 12 हजार जन्म प्रमाण-पत्र, रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों को ‘भारतीय’ बना देते थे जीशान खान और विजय यादव

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। खुलासा हुआ है कि फर्जीवाड़े का स्तर इतना बढ़ा कि गाँवों की आबादी को भी ध्यान में नहीं रखा गया, उनकी आबादी से अधिक प्रमाण पत्र जारी कर दिए। एक गाँव में उसकी आबादी के डेढ़ गुना प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। यह काम जीशान ने ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव के साथ मिलकर किया।

अधिकारी विजय यादव का काम इन जन्म, आय, जाति और मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन करना था। जबकि जीशान केवल आवेदक के कहने पर इनके लिए आवेदन कर सकता था। हालाँकि, विजय यादव ने अपना वह नम्बर जीशान को दिया जिससे सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस नम्बर पर OTP आता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि आवेदन सही है और प्रमाण पत्र बनने की अनुमति दी जाती है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया।

कितना बड़ा फर्जीवाड़ा

आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, विजय यादव के अधिकार क्षेत्र वाले रायबरेली के गाँव नुरुद्दीनपुर में आबादी से डेढ़ गुना जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। नुरुद्दीनपुर के ग्राम प्रधान पति ने बताया कि उनके गाँव की आबादी लगभग 7-8 हजार ही है। लेकिन इस गाँव के पते के आधार पर कम से कम 12 हजार जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने प्रधान को दी है।

उन्होंने बताया कि यह प्रमाण पत्र लगातार जारी होते रहे लेकिन उनके पास मौजूद परिवार रजिस्टर में इनकी जानकारी नहीं दर्ज करवाई गई। इसका अर्थ है कि बिना प्रधान को जानकारी दिए ही लगातार जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाते रहे। इसकी जानकारी ना ही CSC वाले जीशान ने और ना ही विजय यादव ने प्रधान को दी।

इसके साथ ही इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा करते समय जन्म दर जैसे अनुपात का ध्यान तक नहीं रखा गया। ऐसा ही मामला आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट टीम को पलाही गाँव में मिला। यहाँ 4500 की आबादी वाले उनके गाँव में 819 जन्म प्रमाण पत्र बनाने की बात सामने आई है।

यहाँ के प्रधान दीपक ने बताया कि उनके गाँव में केवल एक मुस्लिम परिवार है लेकिन उनके गाँव के नाम से जारी किए गए अधिकांश जन्म प्रमाण पत्र मुस्लिम नामों से हैं। उनको भी इस बात की जानकारी यह मामला खुलने से पहले नहीं थी। उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य जताया है। इसके अलावा और भी गाँवों में ऐसा ही फर्जीवाड़ा हुआ है।

विजय यादव ने ही दर्ज करवाई शिकायत

मामला खुलने के बाद जिस विजय यादव की आईडी से यह सारे प्रमाण पत्र बनाए गए, वह खुद को बचाने में जुट गया है। उसका दावा है कि उसके साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी हुई है और जीशान ने उसके साथ विश्वासघात किया है। विजय यादव ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज करवाई है।

हालाँकि, पुलिस और ATS बाक़ी एंगल से भी इस मामले में जाँच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विजय यादव जीशान के घर में ही किराए पर रहता था। विजय यादव का कहना है कि उसने विश्वास के आधार पर अपना CUG नम्बर जीशान को दिया था, जिसका गलत इस्तेमाल फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में हुआ।

जीशान से किसने करवाया ये काम, इसकी हो रही जाँच

जीशान ने इस काम से करोड़ों की सम्पत्ति बढ़ाई है। उसने हजारों लोगों के प्रमाण पत्र बनाए जो देश के अलग-अलग हिस्सों में पकड़े गए। बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र बांग्लादेशी और रोहिंग्या के पास पकड़े गए। PFI की भूमिका भी इस मामले में सामने आई। अब इस बात की जाँच हो रही है कि जीशान से यह काम कोई बड़ा संगठन करवा रहा था या उसके पास यह सभी एक एक करके पहुँच रहे थे। इसके अलावा उसको हर फर्जी प्रमाण पत्र दिए जाने के कितने पैसे मिलते थे, इस बात की जाँच भी चल रही है।

मामले में अभी तक जीशान उसके पिता रियाज और साथ ही एक और व्यक्ति को विजय यादव के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में ATS की कार्रवाई के दौरान और लोगों के पकडे जाने जाने और साथ ही कई और खुलासे होने की बात कही जा रही है।

थूक, मूत्र, माँसाहार और कटी उंगली… यूँ ही काँवड़िए ‘किसी भी’ दुकान में घुसने से नहीं करते परहेज, ऑपइंडिया से बोले- पहचान बताने वाला निर्देश सही, SC भी जल्द समझेगा

साल 2024 के सावन माह में काँवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। इस बार की काँवड़ यात्रा प्रशासन के उस आदेश को लेकर अधिक चर्चा में है जिसमें सभी को अपने असली नाम से दुकानदारी करने के लिए कहा गया था। आनन-फानन में इसे मुस्लिमों पर अत्याचार बताकर सुप्रीम कोर्ट में लगभग डेढ़ दर्जन वकील खड़े कर दिए गए। ऑपइंडिया ने इस पूरे विवाद पर ग्राउंड में उतर कर पड़ताल की। हमें नाम बदलकर की जा रही धांधली के कई साइड इफेक्ट दिखे। कुछ लोगों ने कैमरे पर जबकि कई ने सामने न आने की शर्त पर अपने-अपने अनुभव साझा किए।

थूक-मूत्र के डर से हम बनाते हैं अपना खुद का भोजन

गाजियाबाद के हिंडन विहार में स्थित हनुमान मंदिर के महंत मछेन्द्र पुरी ने इस मामले में ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रशासन का कई बार धन्यवाद किया और कहा कि असली पहचान बताने वाले आदेश से समाज में एक सकारात्मक जागरूकता फैल गई है। मछेन्द्र पुरी का दावा है कि वो कम से कम 8 बार हरिद्वार से काँवड़ ला चुके हैं। हमें बताया गया कि पहली कांवड़ में ही उन्होंने भांप लिया था कि रास्ते में कई मुस्लिम नाम बदल कर हिन्दुओं के प्रतीकों पर व्यापार कर रहे हैं।

महंत मछेन्द्र पुरी ने हमें आगे बताया कि उन्होंने रास्ते में कई बार महसूस किया कि नाम बदले ढाबे वाले मुस्लिम काँवड़ियों के भोजन को गंदे ढंग से अपवित्र कर रहे हैं। अब मच्छेंद्र पुरी अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ काँवड़ लेने जाते हैं। इस दौरान वो भोजन आदि बनाने के लिए अपना खुद का कारीगर साथ लेकर चलते हैं। मछेन्द्र पुरी ने आरोप लगाया कि रास्ते में कई नाम बदले लोग धर्म भ्रष्ट करने की फिराक में है जिनसे बचने का एकमात्र तरीका उनको यही लगा। मछेन्द्र पुरी के साथ न सिर्फ काँवड़ यात्री और कारीगर चलते हैं बल्कि खाना बनाने का पर्याप्त रसद भी उनके साथ ही रहता है।

कई बार तो भूखे ही चलना पड़ता है

मेरठ और मुज़फ्फरनगर के बीच में हमें काँवड़ यात्री अभिषेक गुप्ता मिले। अभिषेक ने हमें बताया कि वो काँवड़ यात्रा मार्ग पर असली नाम लिखने के प्रशासनिक आदेश से काफी खुश हैं। उनको उम्मीद है कि अंत में सुप्रीम कोर्ट से भी ऐसा ही आदेश आएगा। अभिषेक ने बताया कि पहले लाई गई काँवड़ों में उन्होंने कई दुकानों के बोर्ड पर नाम तो हिन्दुओं के देखे लेकिन हावभाव से लग गया कि वो उसके मालिक असल में मुस्लिम हैं।

खाने में मिल चुकी है कटी उंगली

काँवड़िया अभिषेक का दावा है कि तब उनको ये समस्या होती थी कि कौन असली और कौन नकली? इसी समस्या के चलते उनका दावा है कि वो कई बार भूखे से लम्बे समय तक चलते रहे थे। अभिषेक ने कुछ साल पहले की एक घटना का जिक्र भी किया जिसमें उनको बुलंदशहर के पास एक ढाबे में खाने के दौरान इंसान की कटी हुई ऊँगली मिली थी। हालाँकि तब उन्होंने इस मामले को तूल देना उचित नहीं समझा था।

हमें बाहर किसी ढाबे पर पर भरोसा नहीं

ऑपइंडिया ने मुज़फ्फरनगर के पास काँवड़ियों के एक जत्थे को रोक कर उनसे बातचीत की। इस जत्थे में विनोद सैनी, हैरी राजपूत, भोला और मनोज कुमार सिंह थे। इन सभी ने कहा कि नाम में डुप्लीकेसी से वो इतने परेशान हैं कि खाना अपना खुद का बना कर ही खाते हैं। सभी काँवड़ियों के खुद को आधे दर्जन काँवड़ में शामिल बताते हुए दावा किया कि रास्ते में कई दुकानें ऐसी हैं जिनके मालिक मुस्लिम हैं पर बोर्ड पर नाम हिन्दुओं के हैं। इन सभी ने सामूहिक रूप से कहा कि वो खुद भी कई ऐसी घटनाओं को देख चुके हैं जिसमें मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को दिए जा रहे खाने-पीने के सामानों को अपवित्र किया जा रहा है।

काँवड़ियों की सुविधा के लिए भगवान वराह के चित्र

असली नाम लिखने का आंदोलन शुरू करने वाले मुज़फ्फरनगर के स्वामी यशवीर भारती ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने दावा किया कि एक ही नहीं बल्कि ऐसे होटल ढाबों की तादाद सैंकड़ों में है जो मुस्लिम हो कर हिन्दू नाम से कारोबार कर रहे हैं। उनका दावा है कि इन होटल और ढाबों पर थूक, मूत्र और माँसाहार के जरिए आए दिन ऐसी हरकतें की जाती हैं जो हिन्दुओं का धर्म भ्रष्ट करने की साजिश जैसी होती है। यशवीर भारती ने हमें बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिन्दुओं को सनातनी दुकान की पहचान के लिए उन्होंने अपने अभियान को नया मोड़ दिया है।

अब स्वामी यशवीर और उनके अनुयायी मुज़फ्फरनगर और आसपास के जिलों में ढाबों पर भगवान वराह का चित्र लगवा रहे है। भगवान वराह को विष्णु के अवतारों में से एक माना जाता है जिसमें उनका आधा शरीर वराह (सूअर) का नजर आता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह रूप उन्होंने तब धारण किया था जब हिरण्याक्ष नाम के राक्षस ने धरती को किसी जगह पर डुबोने का प्रयास किया था। स्वामी यशवीर का दावा है कि हिन्दू दुकान मालिक भगवान वराह के चित्र ख़ुशी-ख़ुशी अपनी दुकानों पर लगवा रहे हैं।

केरल के कॉलेज में जो नमाज के लिए माँग रहे थे जगह, उनके विरोध में इस्लामी संगठन भी आए आगे: कहा- मुस्लिम छात्रों की इस डिमांड का नहीं करते हैं समर्थन

केरल के मुवत्तुपुझा में स्थित चर्च संचालित निर्मला कॉलेज में छात्रों के नमाज की जगह माँगने के मामले में नया मोड़ आया है। मुस्लिम छात्र-छात्राओं की माँग का स्थानीय महल (मुस्लिम संगठन) कमेटी ने विरोध किया है और छात्रों के कृत्यों के लिए माफी भी माँगी है।

स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने निर्मला कॉलेज प्रशासन से इस मामले में सोमवार (28 जुलाई, 2024) को मिलने पहुँचे। उन्होंने मुस्लिम छात्रों के कृत्य को लेकर निर्मला कॉलेज प्रशासन से मिलकर नमाज की माँग का विरोध किया और माफी माँगी। मुवत्तुपुझा महल कमिटी के KM अब्दुल मजीद और PA बशीर ने कॉलेज प्रशासन से मुलाक़ात की है।

बशीर ने कहा, “कॉलेज में नमाज के लिए कमरे की माँगमहल समिति की सहमति के बिना उठाई गई थी। मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन (MSF) का नाम भी इस विवाद में घसीटा गया, जिसका उद्देश्य छिपा हुआ था। मुवत्तुपुझा में मुस्लिम समुदाय सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा करना चाहता है और ऐसे कदमों का समर्थन नहीं करेगा।”

महल समिति ने साफ किया है किया कि वह कॉलेज परिसर में नमाज के लिए कमरे की माँग का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बजाय दोपहर की नमाज अदा करने के लिए कॉलेज के पास में स्थित मस्जिद में व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्राएँ भी इसमें शामिल हो सकें। वहीं मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन (MSF) ने नमाज के लिए कमरा माँगने की माँग का विरोध किया है।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर प्रसारित हुई जिसमें दावा किया गया कि छात्रों ने निर्मला कॉलेज नमाज के लिए कमरे की माँग के दौरान प्रिंसिपल को बंधक बनाया। माँग ना माने जाने पर उन्होंने प्रिंसिपल के कमरे के बाहर केले के पत्ते पर श्रद्धांजलि वाले फूल रख दिए। यानी उनकी मौत की बात की गई।

गौरतलब है कि यह मामला शुक्रवार (26 जुलाई, 2024) से चालू हुआ था। इस दिन निर्मला कॉलेज के वेटिंग हॉल में कुछ मुस्लिम छात्राओं ने नमाज पढ़ी थी। इसकी जानकारी कॉलेज के कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन को दी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने लड़कियों को यहाँ नमाज पढ़ने से रोक दिया। 

इसके बाद कॉलेज में मुस्लिम छात्रों ने प्रदर्शन चालू कर दिया और कैम्पस के भीतर ही रोज नमाज पढ़ने के लिए अलग से एक कमरे की माँग करने लगे। मुस्लिम छात्रों ने कहा कि यह उनके मजहब का हिस्सा है और उन्हें अलग से कमरा चाहिए ही। इस पर कॉलेज के प्रिंसिपल जस्टिन कन्नड़न ने साफ इनकार कर दिया। 

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह एक सेक्युलर संस्थान है और यहाँ किसी को नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कॉलेज प्रशासन ने मुस्लिम छात्रों से कहा कि यदि वह नमाज ही पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें शुक्रवार को इसके लिए छुट्टी दे दी जाएगी, बस उन्हें लिखित आवेदन देना होगा। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि कॉलेज से मस्जिद की दूरी मात्र 200 मीटर है और छात्र-छात्राएँ वहाँ जाने के लिए स्वतंत्र हैं। मुस्लिम छात्रों की इस मांग का विरोध ईसाई संगठनों ने भी किया था।

केरल के ईसाई संगठन साइरो मालाबार चर्च ने इसे ईसाई संस्थानों में मजहबी दखल का नाम दिया है। साइरो मालाबार चर्च की पब्लिक अफेयर्स कमिटी ने कहा कि ईसाई संस्थानों में मजहबी दखल के प्रयासों का विरोध किया जाएगा। केरल के एक और बड़े ईसाई संगठन कैथोलिक कॉन्ग्रेस ने भी नमाज के लिए कमरे दिए जाने की माँग का विरोध किया था। कैथोलिक कॉन्ग्रेस ने कहा, ”चर्च संचालित कॉलेज और स्कूलों में नमाज़ पढ़ने के लिए कोई कमरा या जगह नहीं दी जाएगी। हालाँकि, छात्रों को नमाज़ के लिए नज़दीकी मस्जिदों में जाने की अनुमति होगी।”

गौरतलब है कि निर्मला कॉलेज 1953 में स्थापित किया गया था। यह एक ईसाई अल्संपख्यक संस्थान है। इसका संचालन केरल की सीरियन कैथोलिक चर्च करता है। इस संस्थान के भीतर 3000 छात्र पढ़ते हैं और यहाँ एक चर्च भी है। मुस्लिम छात्रों की नमाज पढ़ने की जगह के माँग के बाद यहाँ अब विवाद खड़ा हो गया है।

जिस करीना कपूर खान को ‘प्रेग्नेंसी बाइबिल’ पर माँगनी पड़ी थी माफी, वह ईसाइयत का कर रही हैं अनुकरण: तैमूर की नर्स ने खोला राज, कहा- सुनती हैं यीशु के भजन

पिछले दिनों मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद चर्चा में आई उनकी बचपन की नर्स ललिता डी सिल्वा ने हाल में एक इंटरव्यू दिया है। इंटरव्यू में उन्होंने अनंत अंबानी से लेकर तैमूर खान तक की परवरिश पर बात की। इसी दौरन उन्होंने करीना कपूर से जुड़े भी कई राज खोले।

यूट्यूब चैनल हिंदी रश को इंटरव्यू देते हुए ललिता डी सिल्वा ने इंटरव्यू में बताया कि करीना कपूर अपनी माँ की तरह ईसाई धर्म का पालन करती हैं। ललिता ने बताया, “वह मुझसे कहती थीं कि अगर तुम्हें क्रिश्चियन भजन बजाना पसंद है, तो मेरे बच्चों (तैमूर और जेह) के लिए भजन बजाओ। मैं भजन बजाती थी। करीना मुझसे पंजाबी भजन – एक ओंकार बजाने के लिए भी कहती थीं। वह यह भी जानती हैं कि हमारे बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा से घिरा रखना महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “करीना बहुत ही ज्यादा अपने बच्चों से प्यार करती हैं। वह बेहद अनुशासित हैं और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी मां (बबीता) भी बेहद अनुशासित हैं। मैंने करीना का बचपन व्यक्तिगत रूप से नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने जो कहा, उससे मुझे पता चला कि उनकी माँ बेहद अनुशासित थीं, हमेशा उनकी पढ़ाई पर ध्यान देती थीं और एक टाइमटेबल बनाकर उसका पालन करती थीं।”

इस इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पटौदी फैमिली बहुत ही साधारण परिवार है। खान परिवार में मॉर्निंग रूटीन कुछ इस तरह शुरू होता था कि करीना, सैफ और सभी स्टाफ एक ही खाना खाता था। सभी एक साथ खाना खाते थे। वहाँ ऐसा कुछ नहीं है कि अलग-अलग खाना है या अलग तरह का खाना स्टाफ और घरवालों के लिए होना चाहिए।

बता दें कि बच्चों को ईसाई भजन सुनवाने वाली करीना कपूर 2021 में प्रेगनेंसी बाइबल लिखने के कारण चर्चा में आई थीं। उन्होंने ‘प्रेग्नेंसी बाइबिल: द अल्टीमेट मैनुअल फॉर मॉम्स-टू-बी’ लिखी थी। किताब की सह-लेखिका अदिति शाह भीमजयानी भी हैं। किताब में बताया गया था कि सेलेब्रिटी ने अपनी दोनों गर्भाव्स्थाओं के दौरान कैसा अनुभव किया। इस किताब का नाम जब सार्वजनिक हुआ तो ईसाई समूह अल्फा ओमेगा क्रिश्चियन महासंघ ने विरोध किया था। समूह के अध्यक्ष आशीष शिंदे ने शिवाजी नगर थाने में शिकायत करवाते हुए माँग की कि लेखक के विरुद्ध ईशनिंदा के आरोप में कार्रवाई हो।

अब झारखंड में रेल हादसा, हावड़ा से मुंबई जा रही ट्रेन के 18 डिब्बे पटरी से उतरे: केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच भूस्खलन, मलबे में सैकड़ों दबे

मंगलवार (30 जुलाई, 2024) सुबह झारखंड के चक्रधरपुर में एक ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। चलती ट्रेन के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए जिस कारण कई यात्री घायल हो गए। वहीं केरल के वायनाड में मंगलवार रात को ही भारी भूस्खलन हुआ। इस हादसे में 12 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। दोनों जगह पर राहत बचाव के लिए टीमें जुटी हुई हैं।

बताया गया कि मंगलवार सुबह को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से मुंबई जा रही हावड़ा-CSMT एक्सप्रेस (12810) हादसे का शिकार हो गई। बताया गया कि यह हादसा सुबह लगभग 4 बजे के आसपास चक्रधरपुर के बड़ा बाम्बू गाँव के पास हुआ। हादसे में ट्रेन के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए।

हादसे में 6 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से दो की मौत हो गई है जबकि बाकी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। NDRF समेत पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। लगातार राहत बचाव अभियान चलाकर फंसे हुए यात्रियों को बचाने और रेल यातायात दोबारा चालू करने के प्रयास चल रहे हैं।

ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण अभी नहीं साफ़ हो सका है। मामले में राहत बचाव के बाद जाँच चालू की जाएगी। वहीं इसी स्थान के आसपास एक मालगाड़ी के भी पटरी से उतरने की भी सूचना है। चक्रधरपुर डिविजन ने बताया है कि वह यहाँ एक और ट्रेन लोगों को घर पहुँचाने के लिए भेज रहा है।

वायनाड में भूस्खलन से 5 मौत

केरल के वायनाड में जिलों में अलग-अलग जगह पर मंगलवार रात हुए भूस्खलन के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। वायनाड के मेप्पडी, मुनादक्कई और चूरल मामला इलाके में भारी भूस्खलन हुआ। सबसे पहले मुनादक्कई इलाके में रात 1 बजे भूस्खलन हुआ और उसके बाद बाकी जगह भी ऐसी ही खबरें आईं। बताया गया बारिश के कारण कारण भारी तबाही हुई।

इस भूस्खलन की चपेट में कई स्कूल, घर और बाकी इमारतें आ गए। कई गाँवों के लोग अब भी भूस्खलन के बीच फंसे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक भूस्खलन के कारण 80 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। यह आँकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है। कई लोग गायब हैं जबकि सैकड़ों लोग भूस्खलन और बाढ़ में फंसे हुए हैं। भूस्खलन के कारण एक पुल भी टूट गया है। इसके कारण भूस्खलन प्रभावित गाँवों में जाने में दिक्कत आ रही है।

राहत बचाव की टीमें लगातार लोगों को भूस्खलन प्रभावित इलाके से निकालने में जुटी हुई हैं। इस भूस्खलन के कारण 400 लोगों के फंसने की आशंका जताई जा रही है। केरल की स्थानीय राहत बचाव टीमों के साथ NDRF की टीमें भी मौके पर पहुँची हैं। राहत बचाव के दौरान एक बच्चे का शव भी बरामद हुआ है।

कोचिंग और बिल्डिंग के मालिकों समेत 7 गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में FIR दर्ज, ‘राव IAS’ में लगा ताला: विकास दिव्यकीर्ति की ‘दृष्टि’ की इमारत भी निकली अवैध

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में शनिवार (27 जुलाई 2024) को राव IAS कोचिंग सेंटर में अचानक पानी भर गया था। इस हादसे में 2 छात्राओं और 1 छात्र की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और MCD (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ डेल्ही) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राव IAS के मालिक और कॉर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना से पहले सामने से गुजरी SUV कार को भी जब्त कर के उसके मालिक को हिरासत में ले लिया गया है।

बेसमेंट में चल रहीं तमाम कोचिंग सेंटर को सील करवा दिया गया है। सील हुईं इन तमाम कोचिंगों में विकास दिव्यकीर्ति की ‘दृष्टि IAS’ भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल मीडिया पर काफी चर्चित विकास दिव्यकीर्ति का कोचिंग दिल्ली के वर्धमान मॉल के बेसमेंट में लम्बे समय से चल रहा था। 30 जून 2023 में MCD के बिल्डिंग विभाग ने विकास दिव्यकीर्ति के दृष्टि IAS (विजन IAS) का यहाँ संचालन अवैध माना था। तब से MCD दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को 9 अलग-अलग मौकों पर कार्रवाई किए जाने की माँग को ले कर पत्र लिख चुका है। हालाँकि इन पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब राव IAS कोचिंग में हुए हादसे के बाद दृष्टि IAS को सील कर दिया गया है। इसके साथ कुल 5 कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन ने ताला जड़ा है।

उधर राव IAS में हुई 3 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद अब तक कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार हुए इन आरोपितों में राव IAS कोचिंग का मालिक अभिषेक गुप्ता, बिल्डिंग का मालिक, उसका बेटा और 4 रिश्तेदार व उस SUV कार मालिक भी शामिल है जो घटना के पहले सड़क से गुजरती दिखाई पड़ी थी। SUV को भी सीज कर के थाने में खड़ा कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी DCP एम हर्षवर्धन ने मीडिया से साझा की। उन्होंने बताया कि इन आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता में गैर इरादतन हत्या की धारा 105, जल्दबाजी और लापरवाही में किसी व्यक्ति की मौत की वजह बनने की धारा 106 (1), स्वेच्छा से चोट पहुँचाने की धारा 115 (2), इमारतों की मरम्मत में लापरवाही बरतने की धारा 290 और 35 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जाँच की जा रही है।

दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना भी इस घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदार होगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच घटना में तूल पकड़ लिया है। हजारों प्रतियोगी छात्रों ने एकजुट हो कर करोल बाग़ में प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों की कई मौकों पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारी इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दोबारा ऐसी घटना न हो इस दिशा में भी कड़े कदम उठाने की माँग कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि कई कोचिंग सेंटर मालिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

भेजता था अश्लील मैसेज, एडिटेड वीडियो करता था वायरल… महिलाओं ने वीडियो ब्लॉगर मोहम्मद अली जिन्ना को बाँध कर पीटा, चलाता है कपड़े की दुकान

केरल के पलक्क्ड़ में कुछ महिलाओं ने छेड़छाड़ के आरोप में एक ब्लॉगर की रस्सी से बाँध कर पिटाई की है। ब्लॉगर का नाम मोहम्मद अली जिन्ना है। पिटाई करने वाली महिलाएँ तमिलनाडु की हैं जो लम्बे समय से जिन्ना की तलाश में थीं। महिलाओ का आरोप है कि जिन्ना ने पहले उनके साथ छेड़खानी की और बाद में उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताया यह भी जा रहा है कि जिन्ना अपने सोशल मीडिया हैंडलों से महिलाओं को अश्लील मैसेज भी भेजा करता था।

पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (26 जुलाई 2024) की बताई जा रही है जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला पलक्कड़ के कोट्टाथारा चंटकदां इलाके की है। यहाँ का रहने वाला मोहम्मद अली जिन्ना एगली बाजार में कपड़े की दुकान चलाता है। इसके अलावा जिन्ना सोशल मीडिया के फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी काफी एक्टिव है। वह अक्सर इन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अपनी रील शेयर किया करता है। शुक्रवार (26 जुलाई) को उसकी दुकान पर कपड़े खरीदने के बहाने कुछ महिलाएँ पहुँची। ये महिलाएँ तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों से आईं थीं। कुछ ही देर में जिन्ना की उसकी दुकान पर इन महिलाओं से बहस शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि बहस ने बढ़ते-बढ़ते मारपीट का रूप ले लिया। इन महिलाओं ने एकजुट होकर मोहम्मद अली जिन्ना के हाथों और पैरों को बाँध दिया और उसकी बुरी तरह से पिटाई करने लगीं। इस घटना के चलते आसपास भीड़ जमा हो गई। महिलाओं का आरोप है कि जिन्ना उनके साथ सोशल मीडिया पर अश्लील बातें करता है। इसके अलावा आरोप यह भी है कि जिन्ना ने कुछ महिलाओं की एडिटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया था। पीड़ित महिलाओं की संख्या 13 बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने जिन्ना को महिलाओं के चंगुल से बचाया और अपने साथ ले गई। जिन्ना की तहरीर पर पुलिस ने पिटाई करने वाली महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। महिलाओं ने भी मोहम्मद अली जिन्ना के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने इस तहरीर पर भी क्रॉस केस दर्ज कर लिया है। दोनों ही मामलों की जाँच करवाई जा रही है। ऑपइंडिया ने मोहम्मद अली जिन्ना को कॉल किया तो उसका फोन बंद आया।

शाहिद नूर ने गोवंश को पेट्रोल डाल कर जलाया, रोकने पर दंगा करवाने की धमकी: राजस्थान में सड़क पर उतरे ग्रामीण, कहा – पहले भी कर चुके हैं ऐसी हरकत

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यह तनाव गोवंश पर पेट्रोल डाल कर आग लगाने की वजह से हुआ है। मुख्य आरोपित का नाम शाहिद नूर है। घटना में 5-7 अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अब तक 1 आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। घायल गोवंश का ग्रामीणों ने इलाज करवाया है। इस हरकत के विरोध में हिन्दू संगठनों ने बाजार को बंद करवा दिया और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की जा रही है। घटना रविवार (28 जुलाई, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना भीलवाड़ा के थाना क्षेत्र परोली की है। बताया जा रहा है कि रविवार की शाम शब्बीर के बेटे शाहिद नूर ने अपने 5-7 साथियों के साथ बाजार में घूम रहे एक गोवंश पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी थी। पेट्रोल एक कनस्तर में भर कर लाया गया था। आग लगने से गोवंश बुरी तरह से झुलस गया। ग्रामीणों ने गोवंश का इलाज करवाया। इस घटना से आसपास तनाव की स्थिति हो गई। हिन्दू संगठन के सदस्य थाने पहुँच गए और शाहिद नूर व उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब वो शाहिद नूर और उसके साथियों को ऐसा करने से मना कर रहे थे तब आरोपितों ने उन्हें न सिर्फ देख लेने बल्कि इलाके में दंगा करने की भी धमकी दी। दावा यह भी किया जा रहा है कि शाहिद नूर व उसके साथी पहले भी इस तरफ की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में आरोपितों को सामाजिक शांति के लिए खतरा बताया। आक्रोशित लोगों ने सोमवार (29 जुलाई) को बाजार को बंद करवा दिया और सड़क पर उतर कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक पुलिस ने 1 आरोपित को गिरफ्तार किया है बाकी की तलाश की जा रही है। हालात को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और चौकसी बढ़ा दी गई है। घायल गोवंश का इलाज चल रहा है। आक्रोशित लोग शाहिद नूर के साथ उसके साथियो की भी गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं। पुलिस के मुताबिक हालत सामान्य हैं।

‘काँवड़ियों ने तोड़ दी पुलिस की गाड़ी’: वीडियो दिखा कर ‘माकूल इलाज’ की बात कर रहा इस्लामी गिरोह, जानिए कैसे पीड़ित शिवभक्तों को ही बता रहा अपराधी

साल 2024 में काँवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले ही इसके खिलाफ दुष्प्रचार का एक बड़ा अभियान छेड़ा गया है। यात्रा में होने वाले हर विवाद को एकतरफा सूचना के साथ एक ख़ास गिरोह द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने की होड़ मची हुई है। ताजा मामला गाजियाबाद जिले का है जहाँ पुलिस का स्टीकर चिपकाए और हूटर लगाए एक गाड़ी में कुछ काँवड़ियों द्वारा तोड़फोड़ की जा रही है। मोहम्मद ज़ुबैर जैसे अफवाहबाजों द्वारा उड़ाई गई इस खबर की ऑपइंडिया ने जमीनी तौर पर पड़ताल की।

आए दिन भ्रामक और हिन्दू विरोधी खबरें शेयर करने के लिए कुख्यात कथित पत्रकार ज़ाकिर अली त्यागी ने सोमवार (29 जुलाई, 2024) को 45 सेकेंड का एक वीडियो कुछ तस्वीरों के साथ शेयर किया है। उसने अपने ‘X’ हैंडल पर लिखा, “ग़ाज़ियाबाद के दुहाई में पुलिस की गाड़ी ग़लती से काँवड़िया लेन में घुस गई। कावड़ियों को गुस्सा आ गया और उन्होंने गाड़ी में ख़ूब तोड़फोड़ की और उसे पलट भी दिया। पुलिस की गाड़ी का हूटर बजता रहा कि काँवड़िए डर जाएँगे, लेकिन ऐसा नही हुआ क्योंकि एक कहावत है लातों के भूत बातों से नही मानते।”

ज़ाकिर अली त्यागी ने काँवड़ियों को उपद्रवियों, पत्थरबाजों और लठैत कह कर सम्बोधित किया और पुलिस से उनका ‘माक़ूल इलाज़’ करने की माँग की है। इसी वीडियो को ज़ाकिर अली का आदतन साथी वसीम अकरम त्यागी ने भी शेयर किया है। उसने DGP उत्तर प्रदेश से काँवड़ियों पर बुलडोजर चलाने और उन्ही से वसूली करने की माँग की है।

चित्र – X/@WasimAkramTyagi

सचिन गुप्ता और ममता त्रिपाठी ने भी अपने-अपने ‘X’ हैंडलों से इस गाड़ी को पुलिस का वाहन बताया है। ममता त्रिपाठी ने तो योगी आदित्यनाथ द्वारा काँवड़ियों को पढ़ाए अनुशासन के पाठ का भी जिक्र किया है। सचिन गुप्ता ने तो अपने इस ट्वीट को पिन कर रखा है।

चित्र- X/@SachinguptaUP & @MamtaTripathi80

फैक्ट चेक के नाम पर मज़हबी एजेंडा चला रहा मोहम्मद ज़ुबैर भी इसमें पीछे नहीं रहा। उसने भी गाड़ी को पुलिस का बताया और अपने ‘X’ हैंडल से भ्रम फैला दिया।

X -मोहम्मद ज़ुबैर

गाड़ी पुलिस की नहीं, स्टीकर अवैध

ऑपइंडिया ने इस घटना की जमीनी पड़ताल की तो पता चला कि मामला गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी शैलेन्द्र तोमर ने ऑपइंडिया से बताया कि जिस वाहन में तोड़फोड़ की गई है वह पुलिस विभाग की नहीं है। क्षतिग्रस्त किया गया महिंद्रा बोलेरो वाहन गाजियाबाद के ही लोनी निवासी एक प्राइवेट व्यक्ति का है। फिलहाल यह वाहन बिजली विभाग में संविदा पर लगाया गया है जिसे पुलिस का स्टीकर लगाने का अधिकार नहीं था।

अनाधिकृत रूप से घुस कर काँवड़ियों को मारी ठोकर

पुलिस सूत्रों से ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस का स्टीकर और हूटर लगाया वाहन अनाधिकृत रूप से मुरादनगर के पास बैरिकेड क्रॉस कर के अवैध तौर पर काँवड़ मार्ग पर घुसा था। वाहन में एक ड्राइवर मौजूद था जो बेढंगे अंदाज़ में गाड़ी चला रहा था। वाहन जिस इलाके में चलाया जा रहा था वो काँवड़ियों के लिए आरक्षित थी। लगभग 6-7 किलोमीटर चलने के बाद मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में इस वाहन ने एक काँवड़ यात्री को ठोकर मार दी। ठोकर से काँवड़ यात्री को मामूली चोट आई। इस से साथ चल रहे अन्य काँवड़िए भड़क गए।

माफ़ी माँगने की बजाए झाड़ रहा था रौब

घटनास्थल पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ऑपइंडिया को बताया कि काँवड़ यात्री (भोले) को ठोकर मारने के बाद आरोपित ड्राइवर अवनीश त्यागी माफ़ी माँगने की बजाए काँवड़ियों पर रौब झाड़ने लगा। वह हूटर बजा कर वहाँ से भागने की भी कोशिश करने लगा। काँवड़ खंडित होने का आरोप लगा कर पहले से नाराज काँवड़ियों को इस बीच यह भी पता चल चुका था कि गाड़ी पुलिस की नहीं है बल्कि हूटर और स्टीकर का अवैध तौर पर दुरुपयोग हो रहा था। भड़के काँवड़ियों ने गाड़ी में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

ड्राइवर हिरासत में, कानूनी कार्रवाई जारी

थाना प्रभारी शैलेन्द्र तोमर ने ऑपइंडिया से बताया कि आरोपित ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। ड्राइवर का मेडिकल परीक्षण आदि भी करवाया जा रहा है। मामले में वीडियो फुटेज आदि के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है। फिलहाल हालात पूरी तरह से सामान्य हैं और काँवड़ यात्रा सामान्य रूप से जारी है। बताया यह भी जा रहा है कि घटना के समय आरोपित ड्राइवर गाड़ी को व्यक्तिगत कार्य में प्रयोग कर रहा था। उच्चाधिकारियों के साथ वाहन के संबंधित विभाग को भी जानकारी भेज दी गई है।

ऑपइंडिया ने गाड़ी मालिक का पक्ष जानने के लिए उन्हें कॉल किया तो फोन बंद आया। वाहन मालिक का पक्ष आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।