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लव जिहाद पर अब UP में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान, विधानसभा में योगी सरकार ने पेश किया विधेयक: धर्मांतरण को बनाया ‘गंभीर श्रेणी’ का अपराध

विधानसभा में पारित किए गए विधेयक में कई नए अपराधों को भी शामिल करने की तैयारी है जैसे विधि विरुद्ध धर्मांतरण के लिए फंडिग को भी कानून के तहत अपराध के तगत दायरे में लाने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लव जिहाद से जुड़े कानून को और सख्त बनाने जा रही है। नए कानून के मुताबिक अब किसी का जबरन धर्मांतरण करवाने वाले आरोपित को 10-15 साल की सजा नहीं बल्कि उम्रकैद तक की सजा होगी। इस नियम को लागू कराने के लिए योगी सरकार ने इससे जुड़ा विधेयक सोमवार (29 जुलाई 2024) को सदन में पेश किया। विधेयक में कई नए अपराधों को भी शामिल करने की तैयारी है जैसे विधि विरुद्ध धर्मांतरण के लिए फंडिग को भी कानून के तहत अपराध के तगत दायरे में लाने की तैयारी है।

मालूम हो कि विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया गया था। इसमें कहा गया था कि अब यदि कोई व्यक्ति धर्मांतरण कराने की नीयत से किसी व्यक्ति को उसके जीवन या संपत्ति के लिए धमकाता है, हमला करता है, विवाह या विवाह करने का वादा करता है अथवा इन सब चीजों के लिए षड्यंत्र करता है, नाबालिग, महिला या किसी व्यक्ति की तस्करी करता है तो उसके अपराध को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा और उसे उल्लेखित सजा भुगतनी होगी।

बता दें कि लव जिहाद की घटनाओं की रोकथाम के लिए योगी सरकार ने साल 2020 में पहली बार लव जिहाद विरोधी कानून बनाने की बात सामने आई थी। बाद में साल 2021 में यूपी विधानसभा में धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक पारित किया गया । इसमें लव जिहाद आरोपितों के लिए 1 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान था।

कानून में कहा गया था कि सिर्फ शादी के लिए किया गया धर्मांतरण अमान्य होगा। इसके अलावा झूठ बोलकर, धोखा देकर, धर्म परिवर्तन को अपराध माना जाएगा। वहीं स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के मामले में 2 महीने पहले मजिस्ट्रेट को बताना होगा।

पहले विधेयक के मुताबिक जबरन धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए 15000 रुपए जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान था। वहीं अगर ये धोखेबाजी दलित लड़की के साथ ऐसा होता है तो 25000 रुपए जुर्माने के साथ 3-10 साल की सजा का प्रावधान था। हालाँकि अब अगर इस मामले में बदलाव होता है तो ऐसे केसों में आरोपित की सजा दुगनी होगी यानी 10 साल या फिर आजीवन कारावास का प्रावधान होगा।

गौरतलब है कि साल 2020-21 के बीच लव जिहाद के तमाम मामले सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए सामने आए थे। उन्हीं मामलों की शिकायत जब योगी सरकार के पास पहुँची तो उन्होंने मामलों की जाँच करवाई और पुष्टि होने के बाद आरोपित गिरफ्तार हुआ। साथ ही प्रदेश में ये कानून लाया गया कि धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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