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‘गोल्डी’ और ‘अशोक’ के मसलों में खतरनाक कीटनाशक, किडनी-लीवर हो जाएँगे डैमेज: 13 मसाला कंपनियों की जाँच, 35 में से 23 उत्पाद फेल

जिन मसालों को हम अपनी रसोई का अहम हिस्सा मानते हैं, वे हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। गोल्डी, अशोक, भोला सब्जी मसाले समेत 13 कंपनियों के नूमने जाँच में फेल हो गए हैं। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का कहना है कि इन कंपनियों के कई उत्पाद खाने के योग्य नहीं हैं। इससे पहले MDH और एवरेस्ट के मसालों पर सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग ने प्रतिबंध लगा दिया था।

दरअसल, इस साल मई में कानपुर स्थित मसालों की 13 कंपनियों पर FSDA के अफसरों ने छापा मारा था। इनके अलग-अलग मसालों के 35 उत्पाद के नमूने जाँच के लिए भेजे थे। इनमें से 23 की रिपोर्ट सामने आई है। इन मसालों में पेस्टीसाइड और कीटनाशक की मात्रा काफी अधिक मिली है। इसमें कीड़े भी मिले हैं। इसके बाद FSDA ने इन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है।

FSDA के अफसरों ने कानपुर के दादानगर की शुभम गोल्डी मसाला कंपनी से सैंपल इकट्ठा किए थे। उनमें सांभर मसाला, चाट मसाला और गरम मसाला खाने योग्य नहीं है। इसमें कीटनाशक की मात्रा खतरनाक स्तर तक पाया गया है। दरअसल, शुभम गोल्डी कंपनी गोल्डी ब्रांड नाम से मसाला प्रोडक्ट बनाती है। बता दें कि गोल्डी मसाले के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता सलमान खान हैं।

इसी तरह नामी अशोक मसालों की दो कंपनियों के उत्पादों में भी खामियाँ पाई गई हैं। इनके धनिया पाउडर, गरम मसाला और मटर पनीर मसाला खाने योग्य नहीं है। ये स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। वहीं, भोला मसाले के प्रोडक्ट की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। इसके बिरयानी मसाला, सब्जी मसाला और मीट मसाला सेफ नहीं है।

लोकल लेवल पर बिकने वाली 14 अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट में भी हानिकारक पदार्थ पाए गए हैं। इन कंपनियों के हल्दी पाउडर में भी पेस्टिसाइट्स मिला है। एक अन्य नामचीन मसाले में प्रोपरगाइट मिला है। इसका इस्तेमाल कीड़ों, खासकर मकड़ी से फसलों की रक्षा के लिए किया जाता है। 16 सैंपल में खतरनाक कीटनाशक और 7 में माइक्रो बैक्टीरिया मिले हैं। 

अब खाद्य विभाग इन सभी कंपनियों के खिलाफ एडीएम सिटी कोर्ट में वाद दायर करेगा। इसके बाद जुर्माना तय होगा। जानकारों ने बताया कि ब्रांडेड कंपनियों के मसाले गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, वाराणसी, फतेहपुर, बहराइच समेत कई शहरों में बेचे जा रहे हैं। सहायक खाद्य आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

कीटनाशक वाले मसालों के कारण हृदय, लिवर और किडनी पर बुरा प्रभाव पर सकता है। MDH और एवरेस्ट मसालों के नमूने फेल होने के बाद शासन के निर्देश पर सैंपल लिए गए थे। खाद्य एवं औषधि विभाग ने मई में अभियान चलाकर शहर की 16 मसाला फैक्ट्रियों पर रेड की थी। MDH और एवरेस्ट के मसालों पर सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में प्रतिबंध लगा दिए थे।

घर में घुस रिकॉर्ड किया BJP की महिला प्रवक्ता का वीडियो, राजदीप सरदेसाई ने सोशल मीडिया पर डाल दिया: फ्रैक्चर वाला पाँव दिखा कर बोलीं शाजिया इल्मी – कोर्ट जाऊँगी

भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता शाजिया इल्मी और इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के बीच सोशल मीडिया पर विवाद देखा गया। ये विवाद हुआ 26 जुलाई को इंडिया टुडे पर एक कार्यक्रम के बाद। राजदीप सरदेसाई ने एक वीडियो शेयर करते हुए दिखाया कि उनके वीडियो पत्रकार के साथ इल्मी ने बदसलूकी की है जबकि दूसरी ओर इल्मी ने कहा कि बदसलूकी उन्होंने नहीं की बल्कि शो के दौरान राजदीप सरदेसाई ने और शो के बाद उनके वीडियो पत्रकार ने उनसे की है। इल्मी के अनुसार उनके माइक उतारने के बाद भी उन्हें उनके घर में रिकॉर्ड किया गया।

दरअसल, कल के इंडिया टुडे के प्राइम टाइम डिबेट में शाजिया इल्मी पैनेलिस्ट थीं। इसी दौरान राजदीप सरदेसाई ने उनका माइक बंद करने को कह दिया। शाजिया इस बर्ताव को देख कुर्सी से उठने लगीं। पहले उन्होंने माइक उतारा और फिर शर्ट से वायर निकालने लगीं। इस बीच कैमरा चलता रहा। शाजिया ने कुछ नहीं कहा। हद्द पार तब हुई जब इल्मी फ्रेम से निकल गईं फिर भी चलता हुआ कैमरा वीडियो पत्रकार ने दूसरी ओर मोड़ दिया। इसी हरकत को देख बाद शाजिया इल्मी भड़क गईं। उन्होंने पत्रकार को उनके घर से जाने को कहा।

अब इस मामले को ट्विस्ट करके सोशल मीडिया पर कैसे परोसा गया उसे समझिए।

जिस वीडियो में शाजिया को रिकॉर्ड करते शूट किया गया उसी वीडियो को आधार बनाते हुए राजदीप सरदेसाई ने शाजिया इल्मी पर निशाना साधा। उन्होंने इल्मी के उस ट्वीट पर जवाब देते हुए ये वीडियो लगाई जिसमें उन्होंने कहा था कि दोबारा शो में फेडर नीचे करने की कोशिश मत करना। सरदेसाई ने इसी ट्वीट के बदले ऐसे दिखाया जैसे उन लोगों की गलती नहीं थी और शाजिया बदसलूकी पर उतर आईं थीं।

सरदेसाई ने ट्वीट में लिखा- “शाजिया इल्मी मैम, मैं अपने हर गेस्ट का आदर करता हूँ। फेडर (आवाज कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला डिवाइस) सिर्फ इसलिए कम किया गया था ताकि बातें न टकराएँ और शो में हल्ला न हो। अगर आपको मुझसे कोई मुझसे या सेना के किसी जनरल से शिकायत थी तो निस्संदेह ये आपका विशेषाधिकार है। मैं उसका भी सम्मान करता हूँ, लेकिन आपके लिए माइक को झटता देना और हमारे वीडियो पत्रकार को गाली देना और उसे अपने घर से बाहर जाने का रास्ता दिखाना ठीक नहीं है। वह सिर्फ अपना काम कर रहे थे।”

इस ट्वीट के बाद शाजिया इल्मी ने भी एक ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “जब आप मुझे अपमानित करते हैं और कहते हैं कि शाजिया का माइक काट दो, तो मैं आपके शो में क्यों रहूँगी? सिर्फ़ इसलिए क्योंकि मैंने आपसे पूछा था कि क्या आपको लगता है कि सभी रक्षा प्रमुख झूठ बोल रहे हैं। आपके बारे में नहीं पता, लेकिन मेरा आत्मसम्मान है।” इसके बाद शाजिया इल्मी ने कैमरामैन के बर्ताव का भी विवरण दिया और बताया कि उन्होंने कैमरामैन को क्यों निकाला।

अपने एक अन्य ट्वीट में शाजिया इल्मी ने घटना का पूरा विवरण दिया। उन्होंने वीडियो में उस जगह को दिखाया जहाँ बैठकर वो शो में शामिल हुईं। उन्होंने दिखाया कि उनके पाँव में दो हफ्ते से प्लास्टर है और जब वो इंडिया टुडे के कार्यक्रम से जुड़ीं तो भी प्लास्टर था। उन्होंने बताया कि शो में राजदीप ने बड़ी बदतजीजी से उनका माइक काटने को कहा था। इसी पर उन्होंने कहा कि वो उठ रही हैं। अब डिस्कशन में शामिल नहीं होंगी।

इसके बाद शाजिया कहती हैं कि कैमरामैन लगातार उन्हें दिखाता रहा। उसने दिखाया कि कैसे वो माइक निकाल रही हैं, फिर वहाँ से उठकर जा रही हैं। शाजिया कहती हैं कि उन्हें शर्म आ रही थी क्योंकि पहले उन्हें लगा कि सिर्फ उनकी अपर बॉडी पर फोकस है, लेकिन बाद में पता चला कि पूरा दिखा रहा है। उन्होंने उसे कई बार कहा कि माइक बंद कर दो, लेकिन उसने नहीं किया। उलटा जहाँ वह जा रही थी वो वहाँ जाने लगा।

शाजिया इल्मी कहती हैं कि जब शो खत्म हो गया था तब क्यों उनके प्राइवेट स्पेस को दिखाया गया। क्यों जब शो खत्म हो गया तो बार-बार उनके शरीर को दिखाया गया। जब वो कह रही थी जाओ तो वो क्यों नहीं गया। कैमरा घुमाकर क्यों फॉलो किया। जब कहा रिकॉर्ड मत करो तो उसे फौरन बंद कर देना चाहिए था। शाजिया ने कहा कि वो इस मामले में जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई लड़ेंगी जिसके लिए सबूत उन्हें राजदीप सरदेसाई ने ही खुद दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि वो मामले को कोर्ट में लेकर जाएँगी।

जैसा राजदीप सरदेसाई ने कहा, वैसा ममता बनर्जी ने किया… बीवी बनी सांसद तो ‘पत्रकारिता’ की आड़ में TMC के लिए बना रहे रणनीति? नीति आयोग की बैठक का भी राजनीतिकरण

क्या ममता बनर्जी की पार्टी TMC की रणनीति अब राजदीप सरदेसाई तैयार कर रहे हैं? ये सवाल इसीलिए उठ रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसा किया है, जिसकी भविष्यवाणी राजदीप सरदेसाई ने पहले ही कर दी थी। मामला शनिवार (27 जुलाई, 2024) को हुई नीति आयोग की बैठक से जुड़ा है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। विपक्ष के कई मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक का बहिष्कार किया, जबकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नीति आयोग के साथ समन्वय आवश्यक है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन, केरल के पिनाराई विजयन, कर्नाटक के सिद्दारमैया, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंजाब के CM भगवंत मान ने इस बैठक का बहिष्कार किया। हालाँकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नई दिल्ली में हुई इस बैठक में पहुँचीं तो ज़रूर, लेकिन वो बीच मीटिंग में ही इसका बॉयकॉट करते हुए निकल गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात नहीं सुनी गई, उनका माइक ऑफ कर दिया गया था।

बता दें कि राजदीप सरदेसाई ने हाल ही में ‘द लल्लनटॉप’ के कार्यक्रम ‘नेता नगरी’ में कहा था, “ये संघीय देश है। विपक्ष के मुख्यमंत्री इसमें नहीं जा रहे हैं, मुझे लगता है सिर्फ ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन इसमें जाएँगे। ऐसा चर्चा है कि वो अपनी बात रख कर वॉकआउट भी कर सकते हैं। ये खतरनाक है। ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। हम चाहते हैं कि सारे मुख्यमंत्री एक साथ बैठें।” उन्होंने नीति आयोग की इस बैठक के ठीक 1 दिन पहले ये बात कही थी।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ठीक वैसा ही किया है, जैसा राजदीप सरदेसाई ने कहा था। यहाँ एक और बात ध्यान में रखने लायक है कि ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई की पत्नी सागरिका घोष TMC से ही राज्यसभा सांसद हैं। सागरिका घोष भी इससे पहले ‘पत्रकार’ ही हुआ करती थीं। अब वो TMC की तरफ से विपक्षी प्रपंच का हिस्सा बनती हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को 20 मिनट बोलने का मौका दिया गया, जबकि उन्हें मात्र 5 मिनट।

‘मजहबी आतंकवाद को तुरंत कुचला जाए’: एक और जवान के बलिदान के बाद भड़के ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्देशक, कहा – हिन्दुओं में डर फ़ैलाने की साजिश

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादी हमला हुआ है। ये आतंकवादी हमला कुपवाड़ा के मच्छल सेक्टर में हुआ, जिसमें पाकिस्तानी सेना के BAT जवान शामिल बताए जा रहे हैं। इस हमले में एक मेजर समेत 4 जवान घायल हो गए थे, जिसमें एक जवान को वीरगति प्राप्त हुई।

जानकारी के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में मच्छल सेक्टर के कामकारी में फॉर्वर्ड पोस्ट पर पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया। इस गोलीबारी में एक पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर हुआ है। सूत्रों का कहना है ये हमला पाकिस्तानी सेना के बैट जवानों ने किया है, जिसमें 2 आतंकवादी सीमा पार भागने में भी सफल रहे। वहीं, भारतीय सेना आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। वहीं, घायलों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, हमले में शामिल BAT टीम में पाकिस्तान सेना के नियमित सैनिक और SSG कमांडो के होने का संदेह है, जो आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं। भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नियंत्रण रेखा पर मच्छल सेक्टर के कमकारी में एक अग्रिम चौकी पर अज्ञात कर्मियों के साथ गोलीबारी हुई है। इसमे एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया है जबकि हमारे 5 जवान घायल हुए हैं।

जम्मू में हिंदुओं के बीच डर का माहौल, जड़ से खत्म किया जाए मजहबी आतंकवाद

फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री मच्छल सेक्टर में आतंकी हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आतंकवादी घटनाओं को मजहबी आतंकवाद कहा और कहा कि जम्मू में हिंदुओं को डराने के लिए नया पैटर्न तैयार किया गया है, जिससे पुरजोर तरीके से निपटने की जरूरत है। उन्होंने जम्मू क्षेत्र से आतंकवाद को बुरी तरह से कुचल डालने का आह्वान किया।

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “कश्मीर में धार्मिक आतंकवाद लगभग हर रोज हो रहा है। जम्मू क्षेत्र में हिंदुओं के बीच डर का माहौल है, जो कि इरादा है और यह बहुत खतरनाक है। इसे तुरंत जड़ से खत्म किया जाना चाहिए। वैसे, मच्छल का नाम माँ दुर्गा यानी मच्छल माता के नाम पर रखा गया है।”

डोडा हमले में शामिल 3 आतंकवादियों के स्केच जारी, 5 लाख का ईनाम घोषित

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पुलिस ने 3 आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं। इन आतंकियों के डोडा के ऊपरी इलाकों में छिपे होने का अंदेशा है। ये आतंकी 16 जुलाई 2024 को देसा डोडा के उरार बागी इलाके में हुई आतंकी घटना में शामिल थे।

इन आतंकियों के बारे में जानकारी देने वालों को 5 लाख का ईनाम भी दिया जाएगा (फोटो साभार : J&K Police)

इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक शैडो ग्रुप ‘कश्मीर टाइगर्स’ ने ली थी। पुलिस ने प्रत्येक आतंकवादी की सूचना देने पर 5 लाख रुपए का नकद इनाम देने का भी ऐलान किया है।

5 साल में कनाडा में 172 भारतीय छात्रों ने गँवाई जान: संसद में केंद्र सरकार ने बताया – विदेश में 633 छात्रों की मौत

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया कि पिछले पाँच वर्षों में 41 देशों में कम-से-कम 633 भारतीय छात्रों की मौत हुई है। केरल के सांसद कोडिकुन्निल सुरेश द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि भारतीय छात्रों की सबसे अधिक मौैत कनाडा में हुई है। यहाँ 172 छात्रों की मौत हुई है।

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित उत्तर में कहा कि विदेश में भारतीय छात्रों की मृत्यु ‘प्राकृतिक कारणों, दुर्घटनाओं, चिकित्सा आपात स्थितियों’ सहित कई कारणों से हुई है। कनाडा के बाद सबसे अधिक भारतीय छात्रों की मौत अमेरिका (108), फिर यूके (58), ऑस्ट्रेलिया (57), रूस (37) और जर्मनी (24) में हुई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी एक छात्र की मौत की खबर है।

विदेशों में भारतीय छात्रों पर हमलों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विदेशों में भारतीय मिशनों/केंद्रों के पास उपलब्ध आँकड़े बताते हैं कि हाल के दिनों में भारतीय छात्रों पर हिंसक हमलों में वृद्धि नहीं हुई है। विदेशों में हिंसा/हमले के कारण मरने वाले छात्रों के कुल संख्या 19 है। इनमें सबसे अधिक कनाडा में 9, अमेरिका में 6 तथा आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चीन और किर्गिस्तान में एक-एक मौत शामिल है।

उन्होंने कहा कि विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट द्वारा अप्रिय घटनाओं के मामलों को तुरंत मेजबान देश के संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जाता है, ताकि अपराधियों को दंडित किया जाए। आपात स्थिति या संकट की स्थिति में विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट संकटग्रस्त/फँसे भारतीय छात्रों को भोजन, आश्रय, दवाइयाँ प्रदान करने में मदद करते हैं।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि संकटग्रस्त या विदेशों में फँसे भारतीयों की जल्द-से-जल्द वापसी/निकासी सुनिश्चित किया जाता है। हाल ही में दुनिया भर के देशों में फँसे भारतीय छात्रों को वंदेभारत मिशन, ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन) और ऑपरेशन अजय (इज़राइल) के माध्यम से भारत लाया गया। बांग्लादेश से कई भारतीय छात्रों की वापसी भी भारतीय उच्चायोग ने सुगम बनाया है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस साल तक विदेशों में अध्ययनरत करने वाले भारतीय छात्रों की कुल संख्या 13.30 लाख है। पिछले तीन वर्षों में विदेश में अध्ययन करने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। साल 2022 में यह संख्या 7.5 लाख थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 9.3 लाख और अब 13.33 लाख हो गई है।

देश-वार आँकड़ों के अनुसार, विदेश में अध्ययन करने वाले छात्रों में सबसे अधिक छात्र कनाडा में पढ़ाई करते हैं। इनकी संख्या 4.27 लाख है। इसके बाद अमेरिका में 3.37 लाख, ब्रिटेन में 1.85 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 1.22 लाख, जर्मनी में 42997, यूएई में 25000 और रूस में 24940 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। कम-से-कम 8580 भारतीय छात्र चीन (हांगकांग सहित) में पढ़ाई कर रहे हैं।

वहीं, 7300 छात्र न्यूजीलैंड में, 2134 नेपाल में, 2000 सिंगापुर में, 1532 जापान में और 1020 ईरान में पढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि कम-से-कम 14 भारतीय छात्र पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी पढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के जवाब से पता चलता है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन में 2510 भारतीय छात्र अभी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

न रहेगी अग्निपथ न मिलेगा अग्निवीरों को आरक्षण: अखिलेश यादव का इरादा साफ, ऐलान कर बोले- सत्ता में आते ही ये योजना 24 घंटे में रद्द करेंगे

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अग्निवीरों को प्रदेश पुलिस में आरक्षण देने के ऐलान के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि अगर वो सत्ता में आए तो अग्निपथ योजना को खत्म कर देंगे।

अपने ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा, “सत्ता में आते ही 24 घंटे में रद्द होगी, देश के सुरक्षा से समझौता करनेवाली और सैनिकों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाली अल्पकालिक ‘अग्निवीर’ सैन्य भर्ती। ‘अग्निवीर’ पर यही माँग हमारी। पुरानी भर्ती की फिर हो बहाली।”

उन्होंने अवधेश सिंह की वीडियो को शेयर करते हुए ये ऐलान किया। वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिखाई दे रहे हैं कि पीएम मोदी कहते हैं कि अग्रिवीर को लेकर विपक्ष गुमराह कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि शुरुआत उन्होंने की है। इतना दिन बीत गया था कि किसी ने केवल 4 साल के लिए व्यवस्था नहीं की थी। उन्होंने ही की।

अवधेश सिंह आगे बोले अग्निवीर योजना से युवाओं का मनोबल गिरा है। उनके मन में सवाल हैं चार साल बाद वो क्या करेगा। उनकी इनकाम का सोर्स क्या होगा। इस वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिख रहे हैं कि सरकार आने के 24 घंटे के भीतर वो अग्निवीर योजना को वापस लेंगे। सुई की घड़ी इधर-उधर हो सकती है, उनकी बात नहीं।

बता दें कि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी कारगिल पहुँचे थे। वहाँ उन्होंने कारगिल के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद यूपी के सीएम ने ऐलान किया कि सेवानिवृत्त अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी बल (प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी) में महत्व (वेटेज) दिया जाएगा। मालूम हो कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात सरकार ने सेना के अग्निवीरों को राज्य पुलिस की भर्ती में आरक्षण देने की घोषणा की है। वहीं उत्तराखंड और हरियाणा में पहले रिजर्वेशन का ऐलान हो चुका है।

नंग-धड़ंग बुजुर्ग, विशालकाय शरीर वाली महिला, उलटे-पुलटे जेंडर वाले जीव… ‘Woke’ वायरस ने जीसस क्राइस्ट को भी नहीं छोड़ा, पेरिस ओलंपिक का विरोध कर रहे ईसाई

फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहा 2024 के ओलंपिक खेलों की ओपनिंग सेरेमनी विवादों का विषय बन गई है। ईसाई आरोप लगा रहे हैं कि इसमें उनके मजहब का मजाक बनाया गया है। बता दें कि ओलंपिक के ओपनिंग कार्यक्रम में जीसस क्राइस्ट के ‘The Last Supper’ को रिक्रिएट किया गया, लेकिन एकदम Woke तरीके से। अत्याधुनिक Wokeism को बढ़ावा देने वाला पश्चिमी जगत अब खुद इससे जूझ रहा है, जिसे दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भी दिमागी वायरस बता चुके हैं।

‘मोनालिसा’ वाली पेंटिंग के लिए मशहूर लियोनार्डो डा विंसी ने ही ‘द लास्ट सपर’, अर्थात ‘अंतिम भोज’ के क्षण को अपनी कला के जरिए उकेरा है। ये एक ऐतिहासिक पेंटिंग है। इसमें जीसस को अपने 12 अनुयायियों के साथ देखा जा सकता है, जहाँ वो येरुशलम स्थित माउंट सियोन में उनके साथ भोजन कर रहे हैं। इस जगह को ‘The Upper Room’ के नाम से भी बुलाया जाता है। यहाँ भोजन करने के बाद जीसस के साथ उनके ही एक अनुयायी ने धोखेबाजी की और उन्हें शूली पर लटका दिया गया, जिसे उनके Crucification के रूप में जाना जाता है।

लीज़ चर्चिल नामक ‘X’ इन्फ्लुएंसर ने पेरिस ओलंपिक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ये शैतानी प्रवृत्ति और बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने जैसा है।” वहीं ब्रॉडकास्टर नियाल बॉयलन ने लिखा, “जीसस को एक महिला के रूप में चित्रित किया गया है और उनके अनुयायियों को विपरीतलिंगियों के कपड़े पहनने वाला दिखाया गया है।” उन्होंने पूछा कि क्या इस्लाम को इस तरह दिखाने कि किसी में हिम्मत है? एली डेविड नामक रिसर्चर ने कहा कि एक यहूदी होकर भी उन्हें ये देख कर दुःख हो रहा है।

पेरिस ओलंपिक के ओपनिंग समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रौं अतिथियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे। जिस वीडियो को लेकर विवाद है, उसमें देहा जा सकता है कि अत्यधिक चर्बी वाली एक महिला जीसस क्राइस्ट बन कर खड़ी हैं, वहीं एक बुजुर्ग नग्न होकर माइक पर गीत गा रहा है। साथ ही महिलाओं के कपड़े पहने पुरुष भी दिखाई दे रहे हैं। ‘The Last Supper’ के दौरान जीसस ने ब्रेक तोड़ कर अपने अनुयायियों को देते हुए कहा था कि ये उनका शरीर है जो वो लोगों को अर्पण कर रहे हैं, वहीं प्याले में वाइन देते हुए कहा था कि ये उनका रक्त है जो उनके लिए बह रहा है।

एस-400 ‘सुदर्शन’ का दिखा दम: दुश्मनों के हमलावर ‘पैकेज’ का 80% हिस्सा किया साफ, IAF हुई और भी ताकतवर

भारत के सुदर्शन एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ने शानदार तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया है। सुदर्शन ने अपनी तैनाती के दौरान एक अभ्यास सत्र में दुश्मन के 80 प्रतिशत हमलावर लड़ाकू विमानों, मिसाइलों को मार गिराया, तो 20 प्रतिशत लड़ाकू विमानों को अपने हमले रोककर पीछे हटने को मजबूर कर दिया।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह अभ्यास भारतीय वायुसेना द्वारा एक थिएटर में किया गया था, जहाँ सेना ने लंबी दूरी के एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम सुदर्शन के एक स्क्वाड्रन को तैनात किया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा मिसाइल प्रणाली के बल में पूर्ण एकीकरण को प्रदर्शित करने के लिए यह अभ्यास आयोजित किया गया था। एस-400 मिसाइल सिस्टम एक एकीकृत मल्टीफ़ंक्शन रडार के साथ आता है, जिसमें लक्ष्य की पहचान कर उसे नष्ट करने की ताकत होती है। इसमें एंटी-एयर मिसाइल लांचर और कमांड और कंट्रोल मिसाइल भी शामिल हैं। यह एक स्तरित रक्षा के लिए मिसाइलों को फायर करने में सक्षम है।

बता दें कि भारतीय वायुसेना ने अपने एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली का नाम पौराणिक संदर्भ में ‘सुदर्शन’ रखा है। सुदर्शन भगवान कृष्ण का प्राथमिक हथियार है। सुदर्शन एक बार चलने के बाद किसी भी लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। वहीं, भारतीय वायुसेना ने अब इस प्रणाली को पूरी तरह से एकीकृत कर लिया है, जिसके तीन स्क्वाड्रन पहले ही शामिल किए जा चुके हैं और 2026 में दो और की आपूर्ति होने की उम्मीद है। ये सौदा इसी साल पूरा हो जाना था, लेकिन अब इसके अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

सुदर्शन के 5 स्क्रॉड्रन की होनी है तैनाती, स्वदेशी-इजरायली मिसाइल भी मिली

गौरतलब है कि भारत ने रूस के साथ 2018-19 में एस-400 के 5 स्क्वॉड्रन के लिए 35,000 करोड़ रुपए से अधिक का समझौता किया था। भारत को तीन स्क्वॉड्रन मिल चुकी हैं, 2 अभी आनी आनी हैं। रूस पिछले 2 साल से यूक्रेन के साथ युद्ध में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से एस-400 सिस्टम की डिलीवरी पर भी असर पड़ा है। हालाँकि रूस और भारत के बीच समझौते के मुताबिक, 2026 तक सभी 5 सिस्टम्स की आपूर्ति कर दी गई जाएगी। इस बीच, भारतीय रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में प्रोजेक्ट कुशा के तहत भारतीय लॉन्ग रेंज सरफेस एयर मिसाइल सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्वदेशी एमआर-एसएएम और आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ इजरायली स्पाइडर क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम भी सेना को मिली हैं।

मटन के नाम पर परोसा जा रहा होटल में कुत्ते का मीट?: अब्दुल रज्जाक के मँगाए 150 कार्टन बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से जब्त, FSSAI करेगी मीट का जाँच

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रेलवे स्टेशन पर 26 जुलाई को मीट (मांस) के एक बड़े पार्सल को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि मटन (बकरे का मांस) के नाम पर बेंगलुरु के होटलों में कुत्ते के मांस की सप्लाई की जा रही है। हंगामे के बाद मीट के 150 कार्टन जब्त किए गए हैं और उसके सैंपल को जाँच के लिए भेज दिया गया है। वहाँ पर RPF को भी तैनात कर दिया गया है।

दरअसल, जयपुर से मांस का एक बड़ा शिपमेंट बेंगलुरु के KCR सिटी रेलवे स्टेशन पहुँचा था। 26 जुलाई की शाम को यह शिपमेंट जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस में आया था। उसमें मीट के 150 कार्टन थे। ‘गोरक्षक’ पुनीथ केरहल्ली और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया कि स्टेशन पर मीट का जो पार्सल उतारा गया है, वह कुत्ते का मांस है। इसके बाद स्टेशन पर खूब हंगामा हुआ।

  मामले की शिकायत मिलने पर BBMP (बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका) के स्वास्थ्य अधिकारी और कॉटनपेट इलाके की पुलिस मौके पर पहुँची। मीट के कार्टन जब्त कर जाँँच के लिए उसके सैंपल लिए गए और उसकी की जाँच के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) को भेज दी गई है। FSSAI जाँच कर रही है कि यह मीट किस जानवर का है।

आरोप है कि यह कुत्ते का मांस होटलों में सप्लाई होने जा रहा था। इसका कुल वजन लगभग 5,000 किलोग्राम बताया जा रहा है। हालाँकि, अधिकारियों ने इसके 1500 किलोग्राम होने का दावा किया है। प्रारंभिक जाँच में पुलिस को पता चला है कि यह मांस बाजार में 600 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा था, जबकि मटन की कीमत 800 रुपए प्रति किलोग्राम है।

इससे अधिकारियों की शंका बढ़ गई है। मीट का शिपमेंट मँगाने वाले शख्स का नाम अब्दुल रजाक बताया जा रहा है। अब्दुल रज्जाक ने कहा कि इस खेप से संबंधित उसके पास कानूनी दस्तावेज हैं। अब्दुल रज्जाक ने कहा कि जिस किसी को भी शक हो वह मांस के सैंपल में जानवर की पूँछ देख सकता है। अब्दुल रज्जाक ने दावा किया कि ये कुत्ता का मांस नहीं, बल्कि भेड़ का मांस है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुँच गए और हंगामा किया। हंगामे के देखते हुए वहाँ पुलिस तैनात कर दिया गया है। बता दें कि इससे पहले BBMP को स्थानीय भोजनालयों में परोसे जाने वाले मीट की क्वालिटी को लेकर शिकायत मिली थी। BBMP ने तब FSSAI के साथ मिलकर मामले की जाँच शुरू की थी। 

पुलिस ने की सिर्फ पूछताछ, गिरफ्तार नहीं: हज पर मुस्लिम महिलाओं के यौन शोषण की आवाज उठाने वाले दीपक शर्मा पर कट्टर इस्लामी फैला रहे थे झूठ

विदेशी मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित जानकारी के आधार पर पिछले दिनों हज में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर कुछ सवाल सोशल मीडिया पर उठे थे। लोगों ने ट्वीट करते हुए पूछा था कि आखिर हज पर मुस्लिम महिलाओं के साथ ये सब क्या हो रहा है। इन लोगों में एक नाम दीपक शर्मा का भी था। ऑपइंडिया की तरह, दीपक ने विदेशी मीडिया की रिपोर्ट सीएनएन वर्ल्ड में जो महिलाओं की आपबीती बताई गई थी उसी विवरण के कुछ मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए ये मामला सोशल मीडिया पर उठाया था।

सामान्य लोग जहाँ इस जानकारी के बारे में पढ़कर हैरान हुए तो वहीं कट्टर इस्लामी मानसिकता के लोग ट्वीट पर भड़क गए। उन्होंने दीपक शर्मा के विरुद्ध शिकायत करनी शुरू करनी शुरू कर दी जिसके बाद कल खबर आई कि आंध्र प्रदेश पुलिस दीपक शर्मा को पकड़ने उनके घर पहुँची है। इस खबर को भी कट्टर इस्लामवादियों ने खूब प्रसारित किया। कहीं कहा गया कि दीपक शर्मा फरार हो गया है, तो कहीं कहा गया वो डर गया है या फिर उसे पुलिस ने पकड़ लिया है आदि-आदि। हालाँकि ऑपइंडिया ने जब दीपक शर्मा से पुलिस के आने पर उनके बात की तो सारी हकीकत पता चली।

ऑपइंडिया से दीपक शर्मा की बातचीत

ऑपइंडिया से बात करते हुए दीपक शर्मा ने बताया कि वो कहीं फरार नहीं हुए। उन्हें किसी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। उनके ट्वीट पर शिकायतें हुई थीं तो अलग-अलग जगहों की पुलिस ने उनसे संपर्क करके ट्वीट के बारे में पूछा। जब उन्हें बताया गया कि ट्वीट का आधार क्या है तो वो भी समझ गए कि इल्जाम बेबुनियाद हैं। दीपक शर्मा ने कहा- “न तो पुलिस ने मेरे साथ बदसलूकी की है और न ही गिरफ्तार किया है। जो-जो उन्होंने पूछा मैंने सब बता दिया है।”

दीपक शर्मा ने कहा कि सीएनएन की रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई ऑपइंडिया की रिपोर्ट में कहीं से कहीं कोई भी गड़बड़ नहीं थी। पूरी रिपोर्ट तथ्यों पर थी। अब अगर कोई कहे कि यौन शोषण का शिकार पीड़िता का नाम बताओ तो ये तो कानूनन अपराध है, वो इसे कभी नहीं करेंगे।

दीपक शर्मा ने यही कहा कि ये मान लीजिए कि अगर खबर में या उनके ट्वीट में कहीं से कहीं तक कोई गलती निकलती तो अब तक एफआईआर हो चुकी होती, उन लोगों को अरेस्ट कर लिया जाता जिन्होंने इस मुद्दे पर बात रखी। उन्होंने इस सारी ट्रोलिंग के पीछे लेफ्ट विंग के बड़े-बड़े नामों को जिम्मेदार बताया, जिन्होंने अपनी बंदूक छोटे लोगों पर रखकर चलाई। दीपक शर्मा ने कहा कि इन लोगों को लगा था कि इस तरह प्रोपगेंडा फैला दिया जाएगा और शिकार फँसा लिया जाएगा लेकिन हुआ ऐसा कुछ नहीं क्योंकि पुलिस ने सारे लिंक चेक किए। पड़ताल के बाद समझा कि ये सारी बातें तथ्यों के आधार पर हैं।

सोशल मीडिया पर दीपक शर्मा को सपोर्ट

बता दें कि सोशल मीडिया पर दीपक शर्मा और आंध्र पुलिस के बीच होती बातचीत की वीडियो सामने आने के बाद जहाँ लिबरल जमात खुशियाँ मना रहा था और फैलाया जा रहा था कि दीपक गिरफ्तार हो गए, तो वहीं इसी बीच सैंकड़ों ट्वीट दीपक शर्मा के समर्थन में भी हो रहे थे। एक्स पर हैशटैग चल रहा था #IstandWithDeepakSharma और इस हैशटैग में कई नामी एक्स हैंडल दीपक के समर्थन में ट्वीट कर रहे थे।

प्रदीप मैखुरी ने बताया कि दीपक शर्मा के घर आंध्र प्रदेश पुलिस पहुँची तो कुछ लोग सोशल मीडिया पर फैलाने लगे कि दीपक शर्मा फरार हैं, लेकिन सच तो ये है कि वो अपने घर ही पर थे। उन्होंने जो भी कहा वो निराधार नहीं है। सीएनएन और बीबीसी की रिपोर्ट पर ये कहा गया है। इस ट्वीट का जवाब देते हुए दीपक शर्मा ने बताया था कि वो सुरक्षित हैं और अपने घर पर हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा, “दीपक शर्मा ने हज पर जाने वाली महिलाओं के साथ जो बेहूदगी होती है उसे लिखा तो पुलिस पकड़ने आ गई। जबकि दीपक ने जो लिखा वो दुनिया भर के अंग्रेजी अखबारों में छप चुका है। मैंने खुद X पर ऐसी बेहूदगी के वीडियो देखे हैं। फिर इस सच को दबाने की कोशिश कौन कर रहा है?”

पत्रकार अजीत भारती इस मामले पर कहते हैं, “CNN से लेकर ‘दी प्रिंट’ तक कह रहा है कि मुस्लिम महिलाओं ने हज पर अपने साथ सेक्सुअल मोलेस्टेशन की घटनाएँ बताई हैं। दीपक शर्मा ने लिख दिया तो पुलिस पहुँच गई। न तो दीपक शर्मा ने, न ही ऑपइंडिया में कुछ भी गलत लिखा। मेरा पूर्ण समर्थन है इन सबको।”

वहीं दीपक शर्मा ने अभी अपने एक ट्वीट में कहा है कि वो मस्त हैं और सुरक्षित हैं। उन्होंने मुस्लिमों से ये भी कहा कि उन लोगों को एक बार सोचना चाहिए, अगर उन्होंने कुछ भी झूठी खबर फैलाई होती तो उसके खिलाफ अब तक मोहम्मद जुबैर कुछ न कुछ बोल चुका होता। लेकिन वो चुप है क्योंकि उसे पता है न्यूज रिपोर्ट सही हैं, जहाँ से उन्होंने यह जानकारी ली।

CNN वर्ल्ड की रिपोर्ट पर आधारित ऑपइंडिया की रिपोर्ट का भी हुआ विरोध

बता दें कि विदेशी मीडिया में हज पर महिलाओं के यौन शोषण की तमाम कहानियाँ पहले से मौजूद हैं। कुछ दिन पहले ये मुद्दा सोशल मीडिया पर उठा और कुछ वीडियोज सामने आई तो ऑपइंडिया ने सीएनएन वर्ल्ड पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर कुछ महिलाओं की आपबीती हिंदी भाषा में स्पष्ट रूप से लिखी। लेकिन, इस रिपोर्ट के बाद इस्लामी भड़क गए। उन्होंने ऑपइंडिया बैन कराने तक के लिए हैशटैग चला दिया। मगर रिपोर्ट खोलकर ये पढ़ने या देखने की मेहनत नहीं की कि हर रिपोर्ट के साथ एक वो लिंक है जिसकी जानकारी पर आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है। जब सोशल मीडिया पर इसे लेकर बवाल किया गया तो तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसी फोटो और वीडियोज साझा की जिसमें वाकई मजहबी स्थल पर घिनौने काम हो रहे थे। ये सारी वीडियोज आदि एक्स समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।