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दिल्ली और MCD में AAP की सरकार, फिर भी BJP पर आरोप लगा रही केजरीवाल सरकार: विधायक दुर्गेश पाठक ने पल्ला झाड़ा, इलाके की होकर भी मेयर शैली ने नहीं दिया ध्यान

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव IAS एकेडमी के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन विद्यार्थियों की मौत के मामले में राजनीति शुरू हो गई है। नगर निगम और दिल्ली सरकार वाली आम आदमी पार्टी के नेता-मंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद पर आरोप लगा रहे हैं। राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से AAP विधायक दुर्गेश पाठक ने घटना का दोष भाजपा पर मढ़ा है।

पाठक ने कहा, “अभी वहाँ (घटनास्थल) पर पानी तो निकल गया है, लेकिन अब हद हो गई है। दिल्ली के सिर्फ ओल्ड राजेंद्र नगर में नहीं, बहुत सारी जगहों पर कोचिंग इंस्टीट्यूट बेसमेंट को कमर्शियल परपश के यूज कर रहे हैं। यहाँ के बारे में बताया जा रहा है कि यहाँ वॉटर लॉगिंग होती है। पानी सड़क से निकल रहा था। इनके (राव IAS इंस्टीट्यूट) बेसमेंट में बच्चे पढ़ रहे थे।”

उन्होंने आगे कहा, “वहाँ से कोई गाड़ी गुजरी है और उनका दरवाजा टूटा है, जिसके कारण उनके बेसमेंट पानी गया है। लेकिन, बेसमेंट में बच्चे पढ़ क्यों रहे थे? वहाँ लाइब्रेरी खोल रखी है। यह टोटल क्रिमिनल एक्टिविटी है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें जो भी ऑफिसर रिस्पॉन्सिबल है, उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे तो पूरी दिल्ली बर्बाद हो जाएगी।”

स्थानीय विधायक पाठक ने कहा, “खुद मैं 20 दिन पहले दिल्ली जल बोर्ड के CEO से मिलकर आया था। जल बोर्ड के नीचे लेवल के अधिकारियों से मिलकर आया। एमसीडी के अधिकारियों से मिलकर आया। ड्रेनेज मशीनों की माँग कर रहा हूँ। जहाँ 10 मशीनों की माँग की, वहाँ दो मशीनें आ रही हैं। 2 घंटे के लिए मशीनें आ रही हैं। उसमें है कमी, मैं मानता हूँ।”

हालाँकि, सारा दोष कोचिंग संस्थानों पर डालते हुए विधायक पाठक ने कहा, दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम बर्बाद है। इसका कारण है कि यहाँ (एमसीडी में) 15 साल सत्ता में भारतीय जनता पार्टी रही। ड्रेनेज पर उसने कोई काम नहीं किया। हमलोग एक साल से सत्ता में आए हैं। ड्रेनेज के ऊपर काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब तक बेसमेंट के ऊपर ऐक्शन नहीं होगा, तब ऐसी चीजें चलती रहेंगी।

जिस जगह यह घटना हुई है, उस क्षेत्र के AAP विधायक इस घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को तैयार नहीं हैं। ड्रेनेज सिस्टम और साफ-सफाई एमसीडी के अंतर्गत आता है। एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार है। इसलिए पाठक इस पूरे मामले को बेसमेंट का मुद्दा बता रहे हैं। वहीं, दिल्ली में भी AAP की ही सरकार है। फिर भी वे अपनी जिम्मेदारी मानने को तैयार नहीं हैं।

सबसे बड़ी ये है कि एमसीडी के मेयर शैली ओबरॉय राजेंद्र नगर से सटे पूर्वी पटेल नगर से AAP की पार्षद हैं। वे पटेल नगर में पली-बढ़ी और शिक्षा ग्रहण की हैं। यहीं रहते हुए मेयर भी बनीं। इसके बावजूद वे इलाके को जल-जमाव से निजात नहीं दिला पाईं। अभी पिछले सप्ताह ही यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र की पानी में करंट तोड़ने से मौैत हो गई थी। फिर राजेंद्र नगर की घटना हो गई।

वहीं, इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के लिए AAP की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पहुँची थी। इसके बाद छात्रों ने उन्हें लौटाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ‘स्वाति मालीवाल वापस जाओ’ के नारे लगाते हुए कहा कि वे उन्हें राजनीति नहीं करने देंगी। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरा।

उधर, दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस घटना का मजिस्ट्रेट से जाँच कराने के लिए कहा है और 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी है। वहीं, मेयर शैली ओबेरॉय ने एमसीडी आयुक्त को निर्देश दिया है कि दिल्ली में एमसीडी के अधिकार में आने वाले वैसे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जो अवैध रूप से बेसमेंट में चल रहे हैं। राजेंद्र नगर की जाँच कराकर उसकी रिपोर्ट भी माँगी है।

दिल्ली भाजपा के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “यह एक हत्या है और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने आप विधायक दुर्गेश पाठक से कई बार नाले की सफाई करवाने का आग्रह किया था। लेकिन उन्होंने नहीं करवाए।” वहीं, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस मृत्यु की जिम्मेदार केजरीवाल की सरकार है।

BJP नेता ने शेयर किया टैक्स और सब्सिडी पर पोस्ट, कार्टून देख आहत हुई मुस्लिम भीड़: कर्नाटक के थाने के बाहर किया बवाल, शांत कराने के लिए पुलिस ने 2 को गिरफ्तार किया

कर्नाटक के कोलर जिले में मुस्लिम भीड़ ने पुलिस थाने के बाहर बवाल किया है। बताया जा रहा है कि ये सब एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ है। पुलिस ने घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक भारतीय जनता पार्टी के नेता भी हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला केजीएफ जिले के रॉबर्टसन थाने का है। यहाँ मुस्लिम भीड़ थाने के पास इकट्ठा होकर हल्ला करने लगी। इनकी माँग थी कि पुलिस भाजपा नेता नवीन जैन और चेतन बांतिया की गिरफ्तारी करे, जिन्होंने मुस्लिम समाज को लेकर कार्टून शेयर किया जिसमें टैक्स भरने की बात थी।

टीवी9 कन्नड़ की रिपोर्ट के अनुसार, कार्टून में मुस्लिम परिवार दिखाया गया है। इसमें एक मुस्लिम आदमी है, दो प्रेगनेंट महिलाएँ हैं और दो छोटे बच्चे हैं। ऊपर लिखा है 31 जुलाई करीब आ रही है कृपया अपना टैक्स समय पर भरें। आगे इसी कार्टून में तंज कसते हुए कहा गया, “आखिरकार आपका दिया टैक्स ही किसी को मिलने वाली सब्सिडी है।”

इसी पोस्ट को शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर खूब बवाल हुआ। बाद में पुलिस उपाधीक्षक पांडुरंगा घटनास्थल पर पहुँचे और मुस्लिम नेताओं से बाच की। बाद में पुलिस ने एक्शन लेते हुए भाजपा नेता नवीन जैन और व्यापारी चेतन बांतिया को गिरफ्तार किया।

2022 में कर्नाटक के हुबली में बवाल

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब इस तरह सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कर्नाटक में बवाल देखा गया हो। इससे पहले साल 2022 में पुलिस थाने का घेराव करके बहुत बवाल हुआ था। उस समय भी एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया को आधार बनाकर उपद्रव हुआ था। तब, कर्नाटक के धारवाड़ जिले के ओल्ड हुबली थाने पर पथराव की घटना सामने आई थी। इसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था। बवाल इतना बड़ा था कि हिंसा के बाद शहर में 144 लागू करनी पड़ी थी। बाद में पुलिस ने करीबन 40 लोगों पर कार्रवाई की थी।

प्रोजेक्ट परी, मिशन ओलंपिक, चीयर फॉर भारत के साथ ‘हर घर तिरंगा’: PM मोदी के मन की बात में चराईदेउ मैदाम पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (28 जुलाई 2024) को अपने मासिक रेडियो शो ‘मन की बात’ के 112वें संस्करण में देशवासियों के सामने अपनी बात रखी। मोदी 3.0 में ये दूसरी बार था, जब उन्होंने मन की बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने पेरिस ओलंपिक से लेकर मैथ्य ओलंपियाड, असम के चराईदेउ मैदाम, प्रोजेक्ट परी, हर घर तिरंगा जैसे मुद्दों पर बात की।

मन की बात में पीएम मोदी ने पेरिस ओलंपिक की बात करते हुए भारत के खिलाड़ियों को समर्थन देने की बात की। पीएम मोदी ने चीयर फॉर भारत का स्लोगन भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड का जिक्र करते हुए उन्होंने इससे जुड़े छात्रों से फोन पर बात की और उनके अनुभवों को भी जाना।

पीएम मोदी ने चराई देव मैदाम का जिक्र करते हुए कहा कि असम के चराई देव मैदाम को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नॉर्थ-ईस्ट की पहली साइट होगी। इसकी खासियत बताते हुए उन्होंने इसका मतलब भी बताया। पीएम मोदी ने बताया कि चराईदेउ मैदाम का मतलब साइनिंग सिटी ऑन द हिल्स है। यह अहोम राज्य की राजधानी थी। 13वीं शताब्दी में शुरू हुआ ये साम्राज्य 19वीं शताब्दी तक रहा, ये बहुत बड़ी बात है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप भविष्य में इस साइट को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट परी का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रोजेक्ट परी के बारे में बताते हुए कहा कि इसका मतलब ‘पब्लिक आर्ट ऑफ इंडिया’ है। प्रोजेक्ट परी, पब्लिक ऑर्ट के उभरते कलाकारों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली के भारत मंडपम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ पर देश भर के पब्लिक आर्ट देखे जा सकते हैं।

खादी के उपयोग को बढ़ाने की अपील

हरियाणा के रोहतक की महिलाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने उन्नति सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ने का फैसला लिया और अब ये महिलाएँ लाखों रुपये कमा रही हैं। खादी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई लोग होंगे जो खादी का उपयोग नहीं करते होंगे लेकिन आज गर्व से खादी पहन रहे हैं। पहली बार खादी का कारोबार 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है। खादी की बिक्री 400 प्रतिशत बढ़ी है। इससे सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आपने अब तक खादी का वस्त्र नहीं खरीदा है तो इसे इसी साल से शुरू कर दें।

मानस कॉल सेंटर का जिक्र

पीएम मोदी ने ड्रग्स की चुनौती की चर्चा करते हुए कहा कि ये हर परिवार की चिंता होती है। इसके लिए सरकार ने मानस नाम से एक विशेष केंद्र खोला है। मानस की हेल्प लाइन और पोर्टल को कुछ दिन पहले ही शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 1933 पर कॉल करके कोई भी जरूरी सलाह या जानकारी ले सकता है। अगर कोई अन्य जानकारी है तो वह भी इसी नंबर पर कॉल करके साझा कर सकते हैं। इस पर साझा की गई हर जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

देखें: मन की बात का 112वाँ एपिसोड

बाघों को बचाने की अपील

पीएम मोदी ने कहा कि कल दुनिया भर में टाइगर डे मनाया जाएगा। ये हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हम सभी ने किस्सों-कहानियों में बाघों से जुड़ी कहानियाँ सुनी हैं। हमारे देश में कई गाँव हैं, जहाँ इंसान और बाघ के बीच कई टकराव की स्थिति नहीं आती, लेकिन जहाँ ऐसी स्थिति आती है वहाँ भी बाघों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहा है। कुल्हाड़ी बंद पंचायत इसी का एक हिस्सा है। रणथंभौर से शुरू हुआ यह अभियान रोचक है। स्थानीय लोगों ने ही संकल्प लिया है कि ये जंगल नहीं काटेंगे, इससे बाघों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार हो रहा है। हमारे देश में वन क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम के तहत देश भर से लोग जुड़ रहे हैं। इसके तहत इंदौर में एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए। इस अभियान से आप भी जरूर जुड़ें और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करें।

हर घर तिरंगा अभियान

पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त का दिन दूर नहीं है। इसके साथ एक और अभियान जुड़ गया है। हर घर तिरंगा अभियान भी इससे जुड़ गया है। पिछले कुछ सालों से लोगों में इसके लिए जोश हाई रहता है। आपने गौर किया होगा कि जब एक-एक घर पर तिरंगा लहराता है तो दूसरे घरों पर भी तिरंगा दिखने लगता है। यह एक यूनिक फेस्टिवल बन चुका है। इस साल भी आप तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी जरूर अपलोड करें। इसके अलावा 15 अगस्त से पहले आप अपने सुझाव जरूर भेजें। माई गॉव या नमो एप पर भी सुझाव भेज सकते हैं। 15 अगस्त के संबोधन में इन सुझावों को मैं कवर करने की कोशिश करूंगा। इसके अलावा उन्होंने आने वाले पर्वों की शुभकामनाएं भी दीं।

जिस सड़क पर सिर्फ काँवड़ियों को अनुमति, वहाँ शराब पीकर गाड़ी घुसाया, मार दी टक्कर: वामपंथी गैंग ने गाड़ी तोड़ने वाला वीडियो किया वायरल, छुपाई सच्चाई

कांवड़ यात्रा के शुरू होने के बाद से ही इस पर दुष्प्रचार का अभियान चल पड़ा है। कांवड़ियों के हर काम को सोशल मीडिया पर गलत भावना से प्रचारित किया जा रहा है। ऐसा ही एक वीडियो गाजियाबाद के मुरादनगर से सामने आया है जिसमें कांवड़िये एक गाड़ी को तोड़ते दिखे हैं। इस घटना की सच्चाई गाजियाबाद पुलिस ने ऑपइंडिया को बताई है।

शनिवार (27 जुलाई, 2024) को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इसमें दिखता है कि कुछ कांवड़ियों वाले कपड़े पहने लोग एक हौंडा सिटी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। यहाँ भारी भीड़ भी जमा है। आसपास मौजूद लोग वीडियो भी बना रहे हैं। कुछ देर बाद यह वीडियो कांवड़ियों के उत्पात के रूप में प्रचारित किया जाने लगा।

इस वीडियो को कांवड़ियों के विरूद्ध लगातार प्रोपेगेंडा चलाने वाले हैंडल्स ने खूब आगे बढ़ाया। उन्होंने इसे कांवड़ियों का कानून व्यवस्था को उल्लंघन बताते हुए उन पर काफी टिप्पणियाँ की। हालाँकि, इस मामले की सच्चाई पुलिस ने ऑपइंडिया को बताई है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में मुरादनगर थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी से बात की। उन्होंने बताया कि जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहाँ वर्तमान में किसी भी वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर केवल पैदल कांवड़िये और उनके वाहनों को चलने की ही अनुमति है।

मुकेश सोलंकी ने बताया कि अनुमति ना होने के बाद गाड़ी का चालक इस मार्ग पर गाड़ी ले आया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसे एक जगह रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना और कांवड़ियों के बीच से ही गाड़ी निकालने लगा। जब वह इस रास्ते पर लगी दूसरी पुलिस पिकेट पर पहुँचा तो उसे फिर रोका गया।

उन्होंने बताया कि इसी बीच उसने किसी कांवड़िया के गाड़ी से टक्कर मार दी। इसके बाद कांवड़ियों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने इसके कारण गाड़ी में तोड़फोड़ की। पुलिस ने बताया कि कांवड़ियों ने 3-4 मिनट में ही तोड़फोड़ की और फिर वापस चले गए। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि गाड़ी की टक्कर के कांवड़ खंडित हो गई थी।

ऑपइंडिया से थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी ने बताया कि इस मामले में कार चालक को लापरवाही के कारण गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने शराब पी रखी थी। उसके विरुद्ध पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। उसे अभी जेल भेजा गया है। बाकी स्थानों पर कांवड़ यात्रा सुचारु रूप से चल रही है।

माहवारी शुरू होते ही निकाह की बात करता है मुस्लिम लॉ: FIR रद्द करने की अर्जी को केरल हाई कोर्ट ने किया खारिज, कहा- बाल विवाह निषेध कानून उससे ऊपर

केरल हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 सभी नागरिकों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम यौवन (Puberty) पर लड़की का निकाह करने की अनुमति देने वाले मुस्लिम पर्सनल लॉ का स्थान लेता है। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी।

केरल हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन की एकल पीठ ने कहा कि नागरिकता प्राथमिक है, जबकि धर्म गौण। उन्होंने कहा, “आधुनिक समाज में बाल विवाह पर प्रतिबंध महत्वपूर्ण है। बाल विवाह बच्चों को उनके बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करता है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और शोषण से सुरक्षा का अधिकार शामिल हैं।”

अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान आगे कहा, “बच्चों को पढ़ने दें। उन्हें यात्रा करने दें। जीवन का आनंद लेने दें और जब वे परिपक्व हो जाएँ तो उन्हें शादी के बारे में फैसला करने दें। आधुनिक समाज में शादी के लिए कोई बाध्यता नहीं हो सकती है।” इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ बाल विवाह के तहत केस को रद्द करने से इनकार कर दिया।

दरअसल, केरल के पलक्कड़ में बाल विवाह के आरोप में पाँच व्यक्ति पर साल 2012 में केस हुआ था। इनमें लड़की के अब्बू , लड़का, एक अधिकारी और एक गवाह शामिल थे। अलाथुर मजिस्ट्रेट की अदालत में ने वडक्कनचेरी पुलिस द्वारा शुरू की गई सुनवाई को रद्द करने की माँग वाली याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपित केरल हाई कोर्ट पहुँचे थे।

आरोपितों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उन पर दर्ज केस रद्द किया जाए। आरोपितों ने दलील दी थी कि कोई भी मुस्लिम लड़की अगर प्यूबर्टी हासिल कर लेती है यानी उसका मासिक धर्म शुरू हो जाता है तो वह मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वह शादी के योग्य मानी जाती है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इसके लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है।

मुस्लिम समुदाय कसे ताल्लुक रखने वाले आरोपितों ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि मुस्लिम पर्सनल कानून में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह विरोधी कानून के कारण मुस्लिमों के पर्सनल कानून में हस्तक्षेप होता है। इसलिए यह कानून मुस्लिमों के अधिकारों का हनन करता है।

हालाँकि, कोर्ट ने याचिककर्ता की दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भारत और यहाँ तक कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों पर भी बाल विवाह कानून अधिनियम 2006 लागू होता है। बाल विवाह विरोधी कानून किसी भी धर्म और उसके पर्सनल लॉ से भी ऊपर है। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जा सकती है।

हर भारतीय की 15 लाख रुपए हर साल कमाई (8-9 गुना वृद्धि), GDP से तोड़ना है मिडिल क्लास का जाल: 2047 के लिए NITI आयोग का रोडमैप

दिल्ली में हुई NITI आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए विजन रखा गया है। NITI आयोग ने कहा है कि भारत को वर्तमान समस्याओं से पार पाने के लिए 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाला देश बनना होगा और देशवासियों की कमाई को ₹15 लाख तक ले जाना होगा। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि विकसित बनाने के लिए केंद्र और राज्यों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने यहाँ रोजगार और कौशल विकास के मुद्दे को उठाया।

कैसे भारत बनेगा विकसित?

नई दिल्ली में शनिवार (27 जुलाई, 2024) को हुई गवर्निंग काउंसिल बैठक में पीएम मोदी और अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्री-उपराज्यपाल शामिल हुए। विपक्ष के राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। NITI आयोग ने इस बैठक में 2047 तक देश को विकसित बनाने को लेकर विजन पेपर प्रस्तुत किया।

NITI आयोग ने इस पेपर में कहा है कि भारत को मध्य आयवर्ग के जाल से निकलने के लिए अगले 20 वर्षों तक 7-10% की GDP वृद्धि दर बनाकर रखनी होगी। इससे भारत के लोगों को एक विकसित देश वाली सुविधाएँ मिल सकेंगी। भारत को 2047 तक $30 ट्रिलियन के लक्ष्य को पाना होगा।

इसके अलावा इसी दौरान देश वासियों की औसत सालाना आय को भी $18,000 (₹15 लाख) तक पहुँचाना होगा। वर्तमान में भारतवासियों की औसत आय $2392 है। इसमें 8-9 गुना वृद्धि की आवश्यकता होगी। भारतवासियों की आय वर्तमान में कम कमाई वाले समूह में हैं।

पीएम बोले- केंद्र राज्य सहयोग जरूरी

पीएम मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र के सहयोग और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में विकास की गति को बनाए रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था, जो 2014 में दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी, 2024 तक 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के विजन को जमीनी स्तर यानी प्रत्येक जिले, ब्लॉक और गाँव तक पहुँचाया जाना चाहिए। इसके लिए, प्रत्येक राज्य और जिले को 2047 के लिए एक विजन बनाना चाहिए, ताकि 2047 में विकसित भारत को साकार किया जा सके।

पीएम मोदी ने यहाँ रोजगार और कौशल विकास के मुद्दे को लेकर बात की। हालिया बजट में भी इस पर जोर दिया गया था। पीएम मोदी ने यहाँ युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए कौशल और प्रशिक्षण पर जोर दिया जिससे विश्व भर में भारतीय कामगारों की माँग पूरी की जा सके। उन्होंने देश को गरीबी मुक्त करने को पहला लक्ष्य बताया।

बैठक में देश में नदियों को जोड़कर उनका भी एक ग्रिड बनाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा कृषि जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। बैठक में शामिल राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने भी सुझाव दिए। बैठक के बीच में से ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री उठ कर चली गईं।

20 साल की यशश्री को दाऊद शेख ने चाकुओं से गोदा, प्राइवेट पार्ट को भी नहीं छोड़ा… हत्या के बाद चेहरे को कुचला, काटे बाल: POCSO में जेल भेजवाने का ‘बदला’

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में लगभग 20 वर्षीय युवती की चाकू से गोद-गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। यशश्री शिंदे के रूप में पहचानी गई युवती का वीभत्स शव उरण रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में मिला है। पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे को कुचल दिया गया था। उसके निजी अंगों से लेकर शरीर पर जगह-जगह चाकू गोदे गए थे। हत्या का आरोप उसके जानकार दाऊद शेख पर है, जो फिलहाल फरार है।

नवी मुंबई के पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे ने बताया कि पुलिस को 27 जुलाई की रात करीब दो बजे फोन आया कि उरण रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में एक लड़की का शव मिला है। शव पर कई चोट के निशान और चाकू से वार के निशान हैं। इससे पता चलता है कि उसकी बहुत बेरहमी से हत्या की गई है। उधर यशश्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी। बाद में परिजनों ने यशश्री को कपड़ों से पहचाना।

जानकारी के मुताबिक, यशश्री के प्राइवेट अंगों पर काफी वार किए गए हैं। उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए हैं। पीठ और पेट पर धारदार हथियार से कई वार किए गए हैं। उसकी छाती पर भी काफी निशान हैं। चेहरे को भी बुरी तरह कुचल दिया गया है। यशश्री के शव के बाल भी काट दिए हैं। शव के कपड़े भी फटे हुए मिले हैं। हत्या से पहले उसके साथ रेप हुआ है या नहीं, इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

मृतका के पिता सुरेश शिंदे ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी पत्नी ने 25 जुलाई को नवी मुंबई के उरन पुलिस स्टेशन में उनकी बेटी यशस्वी शिंदे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने इसमें मामला दर्ज करते हुए खोजबीन शुरू की। इसी बीच रेलवे स्टेशन के पास एक युवती का कुचला शव मिला और उसके कपड़ों ने परिजन ने यशश्री के रूप में पहचान की।

दरअसल, मृतक यशश्री उरण की रहने वाली थी और बेलापुर में एक कॉल सेंटर में काम करती थी। वह 25 जुलाई 2024 को सुबह घर से निकली, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। हर जगह खोजने के बाद परिजनों ने थक-हार कर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की तो उसे अंतिम बार लगभग 1:30 बजे उरण मार्केट एरिया में देखा गया।

पुलिस ने उसके कॉल रिकॉर्ड खंगाला तो उसके सीडीआर से पता चला कि मृतका का एक नंबर पर लगातार घंटों बातचीत करती थी। यह नंबर दाऊद शेख नाम के लड़के का है। गमुशुदगी के दौरान पुलिस को अंदेशा हुआ कि यशश्री कहीं-कहीं भागकर दाऊद शेख के साथ चली गई है। हालाँकि, पुलिस को पता चला कि जिस दिन से लड़की गायब है, उसी दिन से उसका फोन भी बंद है।

पुलिस ने दाऊद शेख का बैकग्राउंड खंगाला तो पता चला कि यशश्री और उसके परिवार ने साल 2019 में उसके खिलाफ पॉक्सो केस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। लड़की के परिजनों ने दाऊद शेख को यशश्री के साथ गलत हरकत करते हुए देख लिया था। उस समय यशश्री नाबालिग थी। इसके बाद पॉक्सो में मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने दाऊद शेख को गिरफ्तार कर लिया था।

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जब दाऊद शेख बाहर आया तो कहा जाता है कि वह कर्नाटक चला गया था। पुलिस को यह भी आशंका है कि वह जेल से निकलने के बाद यशश्री से बदला लेना चाहता था। इसके लिए उसने यशश्री को फिर से अपने चंगुल में फँसाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने यशश्री से बार-बार माफी माँगी और फिर से दोस्ती करने के लिए आग्रह किया।

यशश्री उसकी बातों में आ गई और दोनों के बीच फिर से बातचीत होने लगी। दाऊद और यशश्री घंटों बातें किया करते थे। पुलिस इस सवाल में उलझी हुई हुई है कि क्या वाकई दाऊद बदला लेने के लिए नाटक किया था या कुछ और था। यदि दाऊद को यशश्री से मोहब्बत थी तो ऐसा क्या हुआ कि उसने इतनी बेरहमी से यशश्री की हत्या कर दी। दाऊद शेख भी उरण का ही रहने वाला है।

जाँच में यह भी पता चला है कि घटना के दिन दाऊद की लोकेशन उरण में थी। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि उसने कर्नाटक से उरण आने के बाद यशश्री को बुलाया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और भाग गया। हालाँकि, हत्या की असली वजह उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस फिलहाल उसकी जोर-शोर से तलाश कर रही है। एक टीम कर्नाटक भेजी गई है। है।

इस्लामी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का इजरायल पर हमला,बच्चों समेत 12 की मौत: फुटबाल मैच पर दागे रॉकेट, बोले नेतन्याहू- कीमत चुकाएँगे आंतकी

इजरायल के मजदल शम्स इलाके में इस्लामी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने रॉकेट से हमला किया है। इस हमले में बच्चों सहित 12 की मौत हो गई है। हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इजरायल ने इस हमले के बाद आतंकियों से बदला लेने की बात कही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के गोलन पहाड़ियों में स्थित मजदल शम्स में यह हमला शनिवार (27 जुलाई, 2024) को हुआ। यह हमला एक फुटबाल मैदान को निशाना बना कर किया गया। लेबनान के भीतर से किए गए इस हमले में बड़ी संख्या में रॉकेट हिजबुल्लाह ने दागे।

हमले के वक्त फुटबाल मैदान में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हमले के कारण 10 की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 घायलों को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। बताया गया कि हमले में जान गंवाने वाले सभी 10-20 वर्ष की आयु के थे। हमले से पहले खतरे का सायरन बजा था लेकिन रॉकेट इतनी तेजी से आए कि लोगों को भागने का मौका ही नहीं मिला।

बताया गया है कि यह हमला लेबनान की सीमा के भीतर बसे छेबा गाँव से हुआ। यहाँ से इजरायल पर हिजबुल्लाह ने कई रॉकेट दागे और फुटबाल मैदान को निशाना बनाया। हमले के बाद चारों तरफ लाशें बिखर गईं। हिजबुल्लाह ने पहले इस हमले की जिम्मेदारी लेकिन बाद में बच्चों की मौत के खबर के बाद अपने स्टैंड से पलट गया।

हिजबुल्लाह ने पहले यह स्वीकार की कि उसने इस इलाके में कुछ इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालाँकि, इसके बाद उसने कहा कि वह इन हमलों में शामिल नहीं है। दूसरी तरफ इजरायल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह हमला हिजबुल्लाह ने ही किया था।

इजरायल ने बताया है हमले में ईरान में बने रॉकेट का उपयोग हुआ है। इसका इस्तेमाल सिर्फ हिजबुल्लाह ही करता है। जिस रॉकेट से इजरायल के भीतर हमला हुआ, उसमें 50 किलो गोला-बारूद भरा हुआ था। इसने फुटबाल मैदान पर भारी तबाही मचाई।

हिजबुल्लाह का यह हमला इजरायल की एक आतंक विरोधी कार्रवाई के बाद हुआ। इजरायल ने शनिवार को लेबनान के भीतर हवाई हमले में एक आतंकी ठिकाने को उड़ा दिया। इस हवाई हमले में 4 हिजबुल्लाह आतंकियों का सफाया हो गया। यह हिजबुल्लाह के नकबा फ़ोर्स के सदस्य थे।

इजरायली सेना के प्रवक्ता रियल एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा, “यह हमला हिजबुल्लाह का असली चेहरा दिखाता है, एक आतंकवादी संगठन जो शनिवार की शाम को फुटबॉल खेल रहे बच्चों को निशाना बनाता है और उनको मार देता है।”

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमले की आलोचना की है और बदले की बात कही है। उन्होंने कहा, “आप की तरह, मैं भी स्तब्ध हूँ। मारे गए लोगों में फुटबॉल खेल रहे छोटे बच्चे और अन्य लोग भी शामिल हैं। इन दृश्यों को देखकर हमारा दिल टूट गया है। हम इस मुश्किल घड़ी में द्रुज समुदाय के परिवारों के साथ हैं। जब से मुझे इस आपदा के बारे में बताया गया है, मैं लगातार सुरक्षा सम्बन्धी एक्शन ले रहा हूँ। मैं कह सकता हूँ कि इजरायल इस पर चुपचाप नहीं बैठेगा।”

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह को अब वह कीमत अदा करनी पड़ेगी जो उसने कभी नहीं अदा की है। इजरायल पर हुए इस हमले की आलोचना अमेरिका समेत तमाम देशों ने की है। यह हमला इजरायल और हमास-हिजबुल्लाह जैसे संगठनों के बीच अक्टूबर 2023 से चालू युद्ध के सिलसिले में आया है। अब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बड़े युद्ध की आशंका जताई जा रही है।

विदेश जाने से पहले नहीं लेना होगा कोई टैक्स सर्टिफिकेट, फैलाई जा रही झूठी खबर: जानें क्या है नियम, किस पर होता है लागू

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट के अंतर्गत विदेश यात्रा के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति भारत छोड़ कर बाहर जा रहा है, तो उसे टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट में अब काले धन ना होने के संबंध में भी अनुमति लेनी पड़ेगी। हालाँकि, यह नियम भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होगा। लेकिन कई जगह इसे इस तरह प्रचारित किया जा रहा है कि अब भारतीय नागरिकों को विदेश यात्रा पर जाने से पहले टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा।

इस नए नियम को गलत संदर्भ में पेश करके यह दिखाया जा रहा है कि यदि कोई भी भारतीय, विदेश यात्रा पर जाता है तो उसे नए बजट के बाद अब टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। हालाँकि, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। दरअसल, यह नियम पहले से हैं और इनमें केवल एक बदलाव अब किया गया है।

क्या होता है टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट?

टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट, देश की टैक्स एजेंसियों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र होता है। इस संबंध में नियम इनकम टैक्स एक्ट के अनुच्छेद 230 में बताए गए हैं। इसके अंतर्गत एजेंसियाँ प्रमाणित करती हैं कि जिस भी व्यक्ति को यह दिया जा रहा है, उसने भारत के भीतर नियमानुसार अपने सारे टैक्स भर दिए हैं और उसका कोई भी बकाया भारत छोड़ने से पहले नहीं है।

यह टैक्स सर्टिफिकेट, आयकर आयुक्त के जरिए जारी होता है। इसके पहले आवेदन कर्ता को अपने सभी टैक्स जमा करके प्रमाण सहित आवेदन करना होता है। इसके अंतर्गत इनकम टैक्स, सम्पत्ति टैक्स, गिफ्ट टैक्स समेत अन्य टैक्स जमा करने का प्रमाण दिखाना होता है। यह व्यवस्था लम्बे समय से जारी है।

क्या बदलाव किया गया है?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करने के दौरान टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट सम्बन्धित एक नए नियम का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत ऊपर बताए गए टैक्स के जमा होने के साथ ही इस बात को प्रमाणित करना होगा कि देश छोड़ने वाले ने सारी कमाई वैध माध्यमों से की है और उसने कोई भी काला धन अर्जित नहीं किया है। काले धन को रोकने से सम्बन्धित यह नियम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू किए जाएँगे। अक्टूबर तक भारत से बाहर जाने वालों को पुरानी प्रक्रिया से ही गुजरना होगा।

किसे देना होगा यह सर्टिफिकेट?

इस सर्टिफिकेट का भारतीय नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अंतर्गत सारे नियम ऐसे लोगों पर लागू होते हैं जो विदेशी नागरिक हैं लेकिन भारत में आकर धन अर्जित कर रहे हैं। उनका पैसा कमाने का यह तरीका कोई व्यापार भी हो सकता है और नौकरी भी हो सकती है।

इसके अंतर्गत यदि कोई भी विदेश से आया पैसा कमाने के बाद व्यक्ति भारत से बाहर अपने देश जाता है तो उसे यह सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके अलावा यदि वह व्यक्ति भारत में नहीं रहता लेकिन भारत से आय अर्जित करता है तो उसे भी भारत यात्रा के बाद यह सर्टिफिकेट लेना होगा।

यानी यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश की यात्रा करता है तो उसे इस सर्टिफिकेट को लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे में यह दावा कि देश के नागरिकों को भारत से बाहर यात्रा करने से पहले अब इनकम टैक्स सर्टिफिकेट लेना होगा, सरासर गलत है।

हालाँकि, ऐसे मामलों में जहाँ यह टैक्स एजेंसियों को यह शक हो कि किसी नागरिक ने टैक्स नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके यह सर्टिफिकेट लेने के आदेश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा इस सर्टिफिकेट की आवश्यकता ऐसे लोगों को भी पड़ सकती है जो भारत छोड़ विदेश में बस रहे हैं।

दिल्ली के Rau IAS एकेडमी में बारिश के कारण 3 की मौत: बेसमेंट में पढ़ाई कर रहे थे छात्र, तेज बहाव के साथ 12 फुट भरा पानी

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव IAS एकेडमी के बेसमेंट में अचानक पानी भर जाने से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे तीन विद्यार्थियों की डूबकर मौत हो गई है। एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद दो छात्राओं और एक छात्र के शवों को बरामद कर लिया। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही जाँच के आदेश भी दिए गए हैं।

मृतकों की पहचान 25 वर्षीय तानिया सोनी पुत्री विजय कुमार, 25 वर्षीय श्रेया यादव पुत्री राजेंद्र यादव और 28 वर्षीय नेवीन डाल्विन के रूप में हुई है। तानिया और श्रेया उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं, जबकि नेवीन केरल का रहने वाला था। नेवीन JNU से PhD कर रहा था। वह बीते लगभग आठ महीने से दिल्ली के पटेल नगर में रह रहा था। घटना के वक्त वह कोचिंग की लाइब्रेरी में पढ़ने गया था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शनिवार (27 जुलाई 2024) की शाम को इलाके में तेज बारिश हुई थी। इसके कारण कोचिंग के बेसमेंट में पानी घुस गया। कहा जा रहा है कि पानी का बहाव इतना तेज था कि कई छात्र-छात्राओं को बचने का मौका नहीं मिला और वे बेसमेंट में ही फँस कर रह गए। कहा जा रहा है कि घटना के वक्त बेसमेंट में करीब 30 विद्यार्थी थे।

घटना से प्रभावित एक छात्र ने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि वे सीढ़ियाँ नहीं चढ़ पा रहे थे। 2-3 मिनट के अंदर पूरे बेसमेंट में लगभग 12 फुट पानी भर गया। छात्र का कहना है कि निकलने के लिए वहाँ रस्सियाँ फेंकी गईं, लेकिन पानी इतना गंदा था कि कुछ भी नहीं दिख रहा था। वहाँ से एक-एक करके लोग निकाले जा रहे थे, लेकिन 2 लड़कियाँ और एक लड़का निकल नहीं पाए।

इस हादसे को लेकर एक अन्य चश्मदीद ने बताया, “राव IAS अकादमी के बेसमेंट में बायोमैट्रिक लगा हुआ है। बिना अंगूठा लाए, आप यहाँ से बाहर नहीं निकल सकते हैं। मुझे लगता है कि पानी की वजह से बायोमैट्रिक मशीन खराब हो गई थी और कोई भी बाहर नहीं निकल सका।” उसने आगे कहा, “इस हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। यहाँ के विधायक और सांसद एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं।”

पुलिस अधिकारी का कहना है कि भारी बारिश के कारण सड़क पर पहले से ही पानी भरा था। इसके कारण बेसमेंट में पानी भरने में समय नहीं लगा। कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने के बाद उसे निकालने के लिए मोटर पंप का इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि चार मोटर पंप के जरिए बेसमेंट से पानी निकाला गया। इसके बाद गोताखोर को उतारकर शव को निकाला गया।

फायर चीफ ऑफिसर ने कहा कि शाम 7 बजे उनके पास कॉल आई थी। उन्हें बताया गया कि कोचिंग सेंटर में पानी भर गया है और इसमें कुछ बच्चे फँसे हैं। वहाँ 5 गाड़ियाँ भेजी गईं। बेसमेंट से पानी निकाला जा रहा था, लेकिन पानी वापस बेसमेंट में जा रहा था। पानी का लेवल थोड़ा कम हुआ तो एक बच्ची का शव निकाला गया। उन्होंने कहा कि बेसमेंट में घुसा पानी बारिश और नाले का था।

राव IAS एकेडमी के बगल में अन्य कोचिंग संस्थान या दुकान-मकान हैं, लेकिन उनमें बारिश का पानी नहीं घुसा। कहा जा रहा है कि कोचिंग सेंटर के ठीक बगल में ही एक ड्रेनेज पाइप है। आशंका है कि यह पाइप फट गई, जिससे कोचिंग के बेसमेंट में बाढ़-सी आ गई और पानी इतनी तेजी से भरा कि ये 3 छात्र-छात्राएँ वहाँ से निकल नहीं पाए। हालाँकि, इसके पीछे की असली वजह की जाँच की जा रही है। 

डीसीपी हर्षवर्धन ने कहा कि तीनों विद्यार्थियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके दो लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं, दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए गए हैं और 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी गई है। आतिशी ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद छात्रों ने प्रदर्शन भी किया है। प्रदर्शन कर रहे एक छात्र का कहना है कि उसे आपदा प्रबंधन के लोगों ने कहा कि इस घटना में 8 से 10 लोग मारे गए हैं। घटनास्थल पर भी छात्रों को जाने से रोका गया है। इससे उनमें नाराजगी है। बता दें कि पिछले सप्ताह वेस्ट पटेल नगर में बारिश के कारण जलजमाव होने और उसमें करंट दौड़ने के कारण UPSC की तैयारी कर रहे एक छात्र नीलेश की मौत हो गई थी। नीलेश इस साल मुख्य परीक्षा देने वाला था।