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बांग्लादेशियों के खिलाफ प्रदर्शन करने पर झारखंड पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को पीटा: BJP नेता बाबू लाल मरांडी का आरोप, साझा की भयानक तस्वीरें

झारखंड के पाकुड़ जिले में बांग्लादेशी घुसपैठियों का आतंक छाया है। उनकी वजह से हिंदुओं को अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ रहा है। हिंदू लड़कियों से छेड़छाड़ आदि तो आम बता हो गई है। लैंड जिहाद की हकीकत भी अब लोगों के सामने आ गई है। इन अवैध घुसपैठियों के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद हेमंत सोरेन की झारखंड पुलिस ने उनकी बर्बर तरीके से पिटाई कर दी।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस के अत्याचार की कई तस्वीरें सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की हैं। उन्होंने पाकुड़ के जिलाधिकारी से इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करके कठोर कार्रवाई करने और घायल छात्रों के इलाज का प्रबंध करने का आग्रह किया है।

बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा, “पाकुड़ से बताया गया है कि बांग्लादेशी मुसलमानों के अवैध घुसपैठ के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले युवा छात्रों की कल देर रात हेमंत सरकार की पुलिस ने छात्रावास में घुसकर बर्बरतापूर्ण पिटाई की है। छात्रों के उपर हुए इस कायराना हमले की वीभत्स तस्वीरें विचलित करने वाली हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “हेमंत जी, अपनी माँ-बहनों की रक्षा के लिए घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा छात्रों पर अत्याचार और बाहरियों पर इतना प्रेम बरसाने की वजह क्या है? बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें संरक्षण देकर आप प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।”

बता दें कि कुछ दिन पहले पाकुड़ में एक मुस्लिम लड़के ने हिंदू लड़की का वीडियो बनाकर वायरल करने का प्रयास किया था। इसके बाद हिंदुओं ने इस घटना का विरोध किया और लड़के की पिटाई कर दी थी। इस घटना से नाराज होकर मुस्लिम पक्ष के लोग हिंदुओं के घरों के बाहर आ खड़े हुए और दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईट-पत्थर चलाए गए। इस दौरान घरों को नुकसान भी पहुँचाया गया।

भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों से भयभीत होकर हिंदू इलाके से पलायन करने को तैयार हैं। गाँव वीरान हो रहा है। उस दौरान मरांडी ने कहा था, “झारखंड के हालात 90 के दशक की कश्मीर और वर्तमान बंगाल-केरल जैसे बदतर बनते जा रहे हैं। राज्य सरकारें मुस्लिम तुष्टिकरण की आड़ में हिन्दुओं पर हो रहे हमले को देखकर आँखें मूँद ले रही हैं।

पाकुड़ के ही महेशपुर थाना इलाके में आने वाले गायबधान में बांग्लादेशी घुसपैठिए जनजातीय लोगों को उनकी जमीनों से बेदखल कर रहे हैं। गायबधान का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बांग्लादेशी इस्लामिक घुसपैठिए जनजातीय लोगों को धमका रहे थे और कह रहे थे कि वे उनका जीना मुहाल कर देंगे। इस मुद्दे को भी बाबूलाल मरांडी ने जोर-शोर से उठाया था।

बाबूल लाल मरांडी ने एक्स पर लिखा था, “जीना मुश्किल कर देंगे: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा झारखंड के आदिवासियों को दी जा रही इस खतरनाक धमकी को सुनिए और झारखंड के खौफनाक भविष्य का अंदाजा लगाइए! पाकुड़ जिला के महेशपुर थाना अंतर्गत गायबथान में ‘लैंड जिहाद’ का मामला सामने आया है, जहाँ घुसपैठियों ने जमीन मालिकों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।”

उन्होंने आगे लिखा था, “अबुआ राज और जल-जंगल-जमीन के स्वयंभू ठेकेदार हेमंत सोरेन ने अब आदिवासियों की पहचान को मिटाने का ठेका ले रखा है। हेमंत सोरेन की सरकार में यदि आदिवासियों ने अपनी जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों के हाथ में नहीं सौंपी तो उनका जीना मुहाल कर दिया जाएगा। आदिवासी महानायकों की धरती पर आदिवासी महिलाओं बेटियों पर बढ़ता अत्याचार अत्यंत दुखद है।”

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पहुँची बंगाल की सीएम ममता बनर्जी: INDI गठबंधन को लगा तगड़ा झटका, 7 राज्यों ने बैठक का किया है बहिष्कार

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज शनिवार (27 जुलाई 2024) को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक शुरू हो गई है। राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में आयोजित हो रही इस बैठक में देश भर के मुख्यमंत्री इस बैठक में भाग ले रहे हैं। वहीं, इंडी गठबंधन शासित राज्यों में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसमें हिस्सा ले रही हैं। वहीं, गठबंधन के अन्य दलों ने इसका बहिष्कार किया है।

विकास के विभिन्न मुद्दों और नीतिगत मामलों पर चर्चा के लिए नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की नौवीं बैठक चल रही है। नीति आयोग पॉलिसी मेकिंग के लिए केंद्र सरकार का थिंक टैंक है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (एलजी) और केंद्रीय गृह, वित्त, रक्षा, कृषि सहित 15 मंत्री इसके सदस्य हैं।

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा एवं NDA गठबंधन शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री तथा केंद्रशासित राज्यों के उपराज्यपाल पहुँच गए हैं। वहीं, सदस्य केंद्रीय मंत्री भी बैठक में शामिल हैं। इंडी गठबंधन की हिस्सा ममता बनर्जी इसमें हिस्सा ले रही हैं।

बैठक में शामिल होने से पहले शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को ममता बनर्जी ने कहा था कि वह नीति आयोग की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीति आयोग को खत्म करने और योजना आयोग को बहाल करने का अनुरोध करेंगी। बनर्जी का मानना ​​है कि योजना आयोग नेताजी बोस का आइडिया था। योजना आयोग प्रभावी मंच था और नीति आयोग एक शक्तिहीन निकाय है।

वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक से दूरी बना ली है। इससे पहले खबर आई थी कि वह बैठक में भाग लेंगे, लेकिन अब वह INDI गठबंधन के फैसले के साथ रहेंगे। उनका कहना है कि केंद्रीय बजट में झारखंड की अनदेखी की गई है। केंद्र सरकार पर राज्य का 1.36 लाख करोड़ रुपए बकाया है। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खबर लिखे जाने तक नहीं पहुँचे हैं।

वहीं, बैठक में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आने से इनकार कर दिया है। इनमें तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और झारखंड शामिल हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर राज्य के अधिकारों की अनदेखी करने और बकाया फंड जारी न करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

पैंट में हाथ डालता है, प्राइवेट पार्ट में उंगली… बिहार के मुजफ्फरपुर में स्कूल टीचर कासिफ के खिलाफ नाबालिग छात्राओं ने दी शिकायत, जाँच शुरू

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्कूली बच्चियों के प्राइवेट अंगों को छूने और उनके साथ अश्ललील हरकतें करने के आरोप में कासिफ रजा (कुछ रिपोर्ट के अनुसार नाम कासिम अंसारी) नाम के शिक्षक के ऊपर शिकायत हुई है। पुलिस आरोपित को तलाशने के प्रयास कर रही है।

पूरा मामला जिले के पियर थाना क्षेत्र के एक गाँव के एक स्कूल का है। मामले की जानकारी के बाद एसडीएम ने कहा कि केस की जाँच करवाई जा रही है। आरोपित फरार है उसे खोजने की भी कोशिश हो रही है।

जानकारी के मुताबिक छात्राओं ने कासिफ की हरकतों से तंग आकर अपने परिजनों से शिकायत की थी। बाद में ये मामला प्रिंसिपल तक पहुँचा और फिर एसडीएम तक। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक न केवल उनके साथ अश्लील हरकतें करता था बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ भी करता था।

बच्चियों के अनुसार कासिफ उनके पैंट में हाथ डालता था और कई बार प्राइवेट पार्ट में भी उंगली डालता था। इसके अलावा वो लड़कियों को धमकाते हुए ये भी कहता था कि अगर किसी को ये सब बताया तो स्कूल से नाम काट दिया जाएगा।

जब कासिम अंसारी को अपने ऊपर लगे इल्जामों की जानकारी हुई तो वह कोई बहाना बनाकर फरार हो गया। एसडीएम ने इस मामले को लेकर कहा कि ये केस बेहद गंभीर है। इसकी जाँच करवाई जा रही है। इसके लिए स्कूल के प्राचार्य और संबंधित थाने को निर्देश दिए गए हैं। मामले की जाँच के बाद सत्यता पाए जाने पर आरोपित शिक्षक के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

वहीं BEO प्रेमलता ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह मामला सही पाया गया है। यह एक गंभीर मामला है, आरोपित के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि घटना को लेकर इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों का गुस्सा भी शांत होने को नाम नहीं ले रहा, वह सब लोग सिर्फ आरोपित टीचर की तलाश कर रहे हैं।

ट्रेन पकड़कर फरहत आजम करता था खतरनाक स्टंट, वायरल वीडियो देख पुलिस गई पकड़ने तो गायब मिले हाथ-पाँव: मस्जिद स्टेशन पर कारनामे के दौरान हुआ अपंग

मुंबई की लोकल ट्रेन में खतरनाक स्टंट करने का एक वीडियो कुछ दिन दिन पहले वायरल हुआ था। रेलवे पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने युवक की पहचान करने के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुँची। वहाँ पता चला कि फरहत आजम शेख नाम के इस आरोपित का एक हाथ और एक पैर नहीं है। स्टंट में उसने अपने अंग गँवा दिए हैं।

रेलवे के एक अधिकारी ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को इसकी जानकारी दी। दरअसल, 14 जुलाई 2024 को मुंबई के शिवडी रेलवे स्टेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा था कि एक लड़का मुंबई की लोकल ट्रेन पर लटककर स्टंट कर रहा है। सोशल मीडिया यूजर ने इस वीडियो को शेयर कर कार्रवाई की माँग की थी।

इस वीडियो पर जवाब देते हुए मुंबई सेंट्रल के डीआरएम ने कहा था, “जानकारी देने के लिए धन्यवाद। RPF पोस्ट VDLR को वीडियो में दिख रहे अज्ञात यात्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। उसका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे इस तरह की असुरक्षित गतिविधियों से दूर रहें और अपने एवं यात्रियों के लिए जीवन को खतरे में ना डालें।” 

वीडियो सामने आने के बाद व्यक्ति की पहचान की तो उसकी पहचान वडाला के एंटॉप हिल निवासी फरहत अज़ाम शेख के रूप में हुई। पुलिस उसके घर पहुँची तो पता लगा कि मुंबई के मस्जिद रेलवे स्टेशन पर इसी प्रकार का स्टंट करते हुए फरहत ने अपना बायाँ हाथ और पैर खो दिया है। शिवडी रेलवे स्टेशन का वीडियो 7 मार्च का है और इसे उसके एक दोस्त ने रिकॉर्ड किया था।

एक अधिकारी ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को को कहा, “वह (फरहत आजम शेख) अपनी गंभीर हालत के कारण फिलहाल बिस्तर पर है। उसकी गंभीर चिकित्सा स्थिति के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।” पुलिस ने इस तरह के स्टंट को लेकर एक कड़ी चेतावनी जारी की है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टंट के कारण फरहत को अब दैनिक कामकाज करने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही है।

 

गालीबाज शौहर से सोबिया लेना चाहती थी तलाक, अब्बा ने कुल्हाड़ी लेकर पाँव काटे: खून से लथपथ हाल में छोड़ा, पाकिस्तान की घटना

पाकिस्तान में महिलाओं के प्रति की जाने वाली क्रूरता की तस्वीरें वैसे कई हैं लेकिन अगर ताजा मामले की बात करें तो घटना गुल नगर की है। यहाँ पर एक अब्बा ने अपनी ही बेटी की टांग काट दी सिर्फ इसलिए क्योंकि लड़की अपने शौहर से तलाक लेना चाहती थी।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में महिला के पाँव काटने का यह मामला गुल नगर से हाल में सामने आया। महिला का नाम सोबिया बातूल शाह है। बताया गया कि सोबिया अपनी शादी से परेशान थी और वो अपने शौहर से डायवोर्स लेना चाहती थीं।

महिला की शौहर से शिकायत थी कि वो घर-परिवार का ख्याल नहीं रखता था। साथ ही उन लोगों के साथ मारपीट आदि भी करता था। महिला अपने शौहर के इसी रवैये से तंग आकर तलाक लेना चाहती थी, लेकिन उसके अब्बा और अब्बा के भाइयों को यह मंजूर नहीं था।

इसी कारण से गुल नगर में पीड़ित के अब्बा सैयद मुस्तफा शाह और उसके चाचा सैयद कुरबान शाह, एहसान शाह, शाह नवाज और मुस्ताख शाह ने कुल्हाड़ी लेकर सोबिया के पाँव काट दिए। सोबिया चिल्लाती रही, खून से लथपथ रही लेकिन उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

बाद में पुलिस के पहुँचने के बाद सोबिया को नवाब शाह अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। महिला का कहना है कि उसके दो बच्चे हैं, उसका शौहर उसके साथ अक्सर गाली-गलौज करता था, जिसके कारण वो कराची में अकेले रहने लगी।

सोबिया बताती हैं कि उन्होंने अपने अम्मी-अब्बा को कई बार चीजें बताई थीं लेकिन कोई उसकी सुनवाई नहीं करता था। जब सोबिया ने निर्णय लिया कि वो अब किसी भी हाल में शौहर के साथ नहीं रह पाएँगी तब उनके परिवार वालों ने उनपर इल्जाम लगाया कि ये उनके परिवार की तौहीन है। इसी के बाद उनके ऊपर कुल्हाड़ी और चाकुओं से हमला हुआ।

प्राइवेट सेक्टर में भी दलितों एवं पिछड़ों को मिले आरक्षण: लोकसभा में MP चंद्रशेखर रावण ने उठाई माँग, जानिए आगे क्या होंगे इसके परिणाम

उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को लोकसभा में आरक्षण को लेकर एक प्राइवेट बिल किया। इस बिल में उन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) के लिए निजी क्षेत्र और उन अन्य प्रतिष्ठानों में आरक्षण की माँग की है।

चंद्रेशेखर ने अपने निजी विधेयक में कहा है कि निजी क्षेत्र के जिन प्रतिष्ठानों में कम-से-कम 20 लोगों को रोजगार मिलता है और सरकार का कोई वित्तीय हित नहीं होता है, उसमें आरक्षण लागू की जाए। इस विधेयक को उन्होंने ‘निजी क्षेत्र में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण अधिनियम, 2024’ नाम दिया है।

इसको लेकर चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट भी किया है। अपने पोस्ट में निर्दलीय सांसद ने लिखा, “आज मैंने लोकसभा में 3 निम्नलिखित गैर-सरकारी विधेयक पेश किए- 1. निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था। 2. अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के बच्चों के लिए आवासीय स्कूल।3. देश मे सभी बालकों को उच्च एवम् माध्यमिक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले विद्यालयों की स्थापना।”

    इस विधेयक में आगे कहा गया है कि निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने के लिए केंद्र सरकार को आगे आना चाहिए। इसके लिए केंद्र को विशेष रियायतों के जरिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें राष्ट्रीयकृत बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना चाहिए।

    बता दें कि आरक्षण भारत के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। जहाँ पिछड़ा एवं दलित वर्ग इसे उनके समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण मानता है, वही सामान्य एवं बुद्धिजीवी वर्ग इसे देश के विकास में एक बाधक के रूप में देखता है, जहाँ प्रतिभा की अनदेखी की जाती है। जाति आधारित आरक्षण के बजाय लोगों का आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत करते हैं।

    ऐसे में निजी क्षेत्रों में आरक्षण की माँग समाज में एक तरह का विखंडन पैदा करेगा। इसके साथ ही यह निर्णय आर्थिक जगत को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा। आरक्षण के कारण फिलहाल बड़े पैमाने पर ब्रेन ड्रेन (प्रतिभा का दूसरे देशों में पलायन) होता है। अगर निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू कर दिया गया तो उद्योग जगत का अन्य देशों में पलायन की आशंका बढ़ जाएगी।

    इसका परिणाम ये होगा कि समाज में भ्रष्टाचार, हिंसा और अराजकता का माहौल बन जाएगा। इसके साथ ही, आरक्षण के कारण निजी कंपनियों को प्रतिभावान लोगों को दरकिनार करके ऐसे लोगों को नियुक्त करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जो कंपनी के लिए उत्पादक साबित नहीं होंगे। इससे कंपनी का विकास और उत्थान के साथ-साथ उसकी उत्पादकता में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।

    प्रतिभा के साथ-साथ उद्योग-धंधों का पलायन भारत की प्रगति के लिए बेहद हानिकारक होगा। इसके कारण रोजगार में कमी आएगी और बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ेगी। ये कुछ ऐसे कारण है, जो सीधे तौर पर देखने को मिलेंगे, जबकि इसके अप्रत्यक्ष परिणाम कहीं ज्यादा गंभीर होंगे। समाज में असंतोष, वर्गों के बीच खाई, उद्योग-धंधों के कारण देश के विकास पर विपरीत प्रभाव देखने को मिलेंगे।

    ‘तुम कोटा के हो ब#$द… कोटा में रहना है या नहीं तुम्हें?’: राजस्थान विधानसभा में कॉन्ग्रेस विधायक ने सभापति और अधिकारियों को दी गाली, BJP ने कार्रवाई की माँग की

    राजस्थान कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने विधानसभा में बोलते हुए गालियों की बौछार कर दी। इतना ही नहीं, उन्होंने सदन में सभापति को भी धमकी दे दी। कॉन्ग्रेस विधायक ने सभापति से कहा कि ‘कोटा में रहना है कि नहीं।’ उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ा और उन्हें खूब गालियाँ दी। ये विधायक कोई और नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल हैं।

    बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोटा उत्तर से विधायक शांति कुमार धारीवाल ने स्पीकर से बात करते हुए असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने बोलते हुए बार-बार गालियों का इस्तेमाल किया। साथ ही सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के लिए भी उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    जिस वक्त यह वाकया हुआ, उस वक्त सभापति के आसन पर कोटा दक्षिण से विधायक संदीप शर्मा थे। उन्होंने कम समय की बता करते हुए शांति धारीवाल को अपनी बात खत्म करने के लिए कहा। इस पर धारीवाल ने 5 मिनट और माँगे, लेकिन सभापति ने असमर्थता जताई और कहा कि आज बोलने वाले 65 लोग हैं। इस पर धारीवाल ने कहा, “अरे कितने भी बोलने वाले हों, देर तक चला लेना।”

    धारीवाल ने सभापति संदीप शर्मा से कहा, “तुम कोटा के हो ब#$द… कोटा में रहना है या नहीं तुम्हें?” इतना ही नहीं, नगरपालिका और प्राधिकरणों के अधिकारियों का जिक्र करते हुए भी शांति धारीवाल ने गाली दे डाला। इस दौरान शांति धारीवाल और सभापति संदीप शर्मा भी मुस्कुराते हुए बातें करते हुए नजर आए।

    शांति धारीवाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग उनकी खूब आलोचना कर रहे हैं। वहीं, भाजपा ने भी कॉन्ग्रेस विधायक के बयान की कड़ी आलोचना की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रत्युष कांत ने कहा, “कॉन्ग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने विधानसभा में अपशब्द बोले हैं। ये हैं राजस्थान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल हैं।”

    भाजपा नेता आगे कहा, “विधानसभा में धमकी दे रहे हैं कि आपको कोटा में रहना है या नहीं देख लेंगे। स्पीकर पद के लिए कॉन्ग्रेस का यह सम्मान है, जो कि एक संवैधानिक पद है। दिल्ली में इनके नेता संविधान की रक्षा का ढोंग करते है। कॉन्ग्रेस पार्टी क्या इन पर कोई कार्रवाई करेगी या जयराम रमेश सिर्फ़ बयान से किनारा करेंगे?”

    बांग्लादेशियों को शरण देने वाले बयान पर CM ममता बनर्जी कायम, बोलीं- ‘7 बार सांसद रही हूँ, मुझे सिखाने की जरूरत नहीं’

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेशी लोगों को शरण देने के मामले में जो टिप्पणी की, उसके बाद उनका जगह-जगह विरोध हुआ। अब इसी मामले में सीएम ममता बनर्जी ने जवाब दिया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझने की बजाय कहा है कि वो 7 बार से सांसद हैं और उन्हें किसी से सीखने की जरूरत नहीं है।

    सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “मैं संघीय ढांचे को अच्छी तरह से जानती हूँ। मैं सात बार सांसद रही और दो बार केंद्रीय मंत्री रही हूँ। मैं विदेश मंत्रालय की नीति को किसी और से बेहतर जानती हूँ। उन्हें मुझे सबक नहीं सिखाना चाहिए बल्कि उन्हें सिस्टम से सीखना चाहिए।”

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बांग्लादेश में हिंसक झड़पों के बाद ममता बनर्जी ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत बांग्लादेश से आए लोगों को शरण देने की अपनी प्रतिबद्धता पर बात कही थी। उन्होंने ने तृणमूल कॉन्ग्रेस की ‘शहीद दिवस’ रैली में कहा था, ”अगर असहाय लोग बंगाल के दरवाजे पर दस्तक देंगे तो हम निश्चय रूप से आश्रय देंगे।

    इसी टिप्पणी के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ममता बनर्जी की टिप्पणियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी भ्रम पैदा कर सकती हैं और जनता गुमराह हो सकती है। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा था, “विदेशी संबंधों से जुड़े मामले केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है।

    अग्निवीरों को पुलिस एवं अन्य सेवाओं की भर्ती में देंगे आरक्षण: CM योगी ने की घोषणा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी रिजर्वेशन का किया ऐलान

    विपक्षी दलों द्वारा अग्निपथ योजना पर सवाल उठाने के बीच अग्निवीरों के लिए खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकार ने सेना के अग्निवीरों को राज्य पुलिस की भर्ती में आरक्षण देने की घोषणा की है। कारगिल विजय के 25 साल पूरे होने पर तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसकी घोषणा की है। हालाँकि, कितना आरक्षण दिया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    सबसे पहले घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को कहा कि अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएँगे तो उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस सेवा और PAC में प्राथमिकता के आधार पर समायोजित करेगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस में एक निश्चित आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    इसके बाद मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने भी राज्य पुलिस और फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती में छूट देने की बात कही। सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “सुधार, प्रगति और समृद्धि से जुड़ी हर चीज में बाधा डालना उनका काम है। विपक्ष ने इस मामले पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। मुझे लगता है कि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च मानते हुए सशस्त्र बल सुधार पर आगे बढ़ना चाहिए।”

    बता दें कि दो साल पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF में अग्निवीरों को 10% आरक्षण देने की घोषणा की थी। इनमें भर्ती के लिए उनके लिए आयु सीमा में भी छूट दी गई है। वहीं, हरियाणा सरकार अग्निवीरों को 10% आरक्षण देने का फैसला कर चुकी है। उत्तराखंड सरकार ने भी 21 जुलाई को अग्निवीरों को आरक्षण देने का ऐलान किया है।

    अग्निपथ योजना की वर्तमान स्थिति और नियोजित अग्निवीरों की संख्या के बारे में भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल चन्नीरा बंसी पोनप्पा ने 21 जुलाई को जानकारी दी। उन्होंने कहा कहा, “जून 2022 से यह योजना शुरू की गई है और फिर दिसंबर 2022-जनवरी 2023 में हमारे पास पहला बैच था जिसे भर्ती किया गया और नामांकित किया गया।

    उन्होंने आगे बताया, “लगभग 1 लाख अग्निवीर सेना में भर्ती हुए हैं। इसमें लगभग 200 महिलाएँ भी शामिल हैं, लगभग 70,000 को पहले ही इकाइयों में भेजा जा चुका है और वे बटालियनों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं… इसमें लगभग 100 महिला पुलिस भी शामिल हैं। इस वर्ष 2024-25 में लगभग 50,000 वैकेंसी जारी की गई है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया जारी है।”

    भारत सरकार ने 2022 में अग्रिवीर स्कीम की घोषणा की थी। इसमें 4 साल के लिए जवानों की भर्ती होगी। इस दौरान उनकी ट्रेनिंग और उच्च शिक्षा की भी व्यवस्था की जाएगी। इसमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थाई कमीशन दिया जाएगा, जबकि 75 अग्निवीरों को वापस देश की सिविल लाइफ में भेज दिया जाएगा। इन अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा।

    जाँघ पर गुदे थे 22 दुश्मनों के नाम, लाश से खुला हत्या का राज: मुंबई के स्पा हत्याकांड में फिरोज-साकिब समेत 5 गिरफ्तार, ₹7000 की कैंची से किया गया मर्डर

    मुंबई में बुधवार (24 जुलाई 2024) को वर्ली के एक स्पा सेंटर में हिस्ट्रीशीटर गुरु वाघमारे उर्फ चुलबुल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर गुदे टैटू और अन्य सबूतों के कारण हुई।

    सामने आई तस्वीरों के मुताबिक मृतक ने अपनी जांघ पर अपने दुश्मनों के 22 नामों को गुदवाया हुआ था। इसी में एक नाम स्पा मालिक संतोष शेरेकर का भी था। पुलिस ने संतोष के साथ साथ इस केस में दो हमलावर और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है।

    बता दें कि वर्ली में बुधवार को सॉफ्ट टच स्पा में वाघमारे की हत्या हुई थी। पुलिस का कहना है कि स्पा मालिक शेरेकर ने कथित तौर पर वाघमारे की हत्या के लिए फिरोज अंसारी को 6 लाख रुपए सुपारी दी थी, क्योंकि वह वाघमारे की जबरन वसूली की धमकियों से तंग आ गया था।

    छानबीन में पुलिस को पता चला कि अंसारी भी नालासोपारा में एक स्पा भी चलाता था, उसका स्पा पिछले साल छापेमारी के बाद बंद हो गया था। कहा जाता है कि वाघमेरे ने ही उसके स्पा की शिकायत की थी, जिसके बाद उसके स्पा पर ताला लगा। बाद में ऐसी शिकायतों को लेकर शेरेकर से संपर्क किया था, तब शेरेकर ने कथित तौर पर उससे वाघमारे की हत्या करने को कहा।

    इसके बाद अंसारी ने दिल्ली के रहने वाले साकिब अंसारी से संपर्क किया और तीन महीने पहले उसकी हत्या की साजिश रची। इतने समय में साकिब और फिरोज वाघमेरे की दिनचर्या पर नजर रखे हुए थे। इन्हें सायन में एक शराब बार के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में भी देखा गया था। दोनों बाद में वाघरे का स्कूटर का पीछा करते हुए शेरेकर के स्पा पहुँचे। जहाँ हत्या को अंजाम दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि हत्यारों में से एक ने शराब बार की दुकान के पास से गुटखा खरीदे थे। यूपीआई रिकॉर्ड से पता चला कि उसका नाम फिरोज अंसारी था। पुलिस ने फिरोज के नंबर की जाँच कराई तो शेरकर से कनेक्शन का पता चला। पूछताछ में सामने आया कि बुधवार को जब साकिब-फिरोज स्पा में घुसे और फिर उन्होंने 7000 की कैंची से हत्या को अंजाम दिया। हमलावरों ने वाघमेरे को ब्लेड से भी मारा। उन्होंने उसका गला काटा और उसे पेट में भी घुसाया। अब इसी हत्या केस में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फिर अंसारी को नालासोपारा से गिरफ्तार किया है। वहीं साकिब अंसारी को राजस्थान के कोटा से पकड़ा है।