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नारी शक्ति को मोदी सरकार ने समर्पित किए ₹3 लाख करोड़: नौकरी कर रहीं महिलाओं और उनके बच्चों के लिए भी रहने की सुविधा, स्किल सिखाने पर फोकस

मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद संसद में आज (23 जुलाई 2024) पहला बजट पेश हुआ। इस बजट में गरीब, युवा किसान के साथ-साथ नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए।

बजट में महिलाओं की हिस्सेदारी कार्यबल में बढ़ाने पर काम किया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का भी ऐलान हुआ। वहीं उन योजनाओं को तीन लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है जिससे महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुँचे।

वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए कहा, “हम उद्योगों के सहयोग से कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाकर और क्रेच (छोटे बच्चों की देखभाल की जगह) की स्थापना करके नौकरियों में महिलाओं की अधिक भागीदारी की सुविधा प्रदान करेंगे।”

इसके साथ ही बजट में महिलाओं के लिए विशिष्ट कौशल कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा और महिलाओं को एसएचजी उद्यमों के लिए बाजार पहुँच को बढ़ावा देने की कोशिश करेगी। वित्त मंत्री ने कहा महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं के लिए सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन किया है।

25000 ग्रामीण बसावटों के लिए सड़क, कोसी-मेची के जुड़ने से किसानों को फायदा: बजट 2024 में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹1111111 करोड़, राज्यों को भी सहायता

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई 2024) को बजट पेश किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय बजट 2024-25 के महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इसमें बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए और उसके लिए दीर्घकालिक ब्याज में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही बाढ़ प्रबंधन की बात भी कही गई है।

इस बार के बजट प्रस्ताव में कहा गया है कि अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढाँचे के लिए मजबूत राजकोषीय समर्थन बनाए रखने का सरकार प्रयास करेगी। इसके अलावा पूँजीगत व्यय को 11,11,111 करोड़ रुपए किया जाएगा, जो भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.4 प्रतिशत का प्रावधान होगा।

राज्य सरकारों द्वारा बुनियादी ढाँचे में निवेश में सहायता के लिए दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक जैसी परियोजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपए सरकार उपलब्ध कराएगी।

इस बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के लिए 25,000 ग्रामीण बसावटों के लिए बारहमासी सड़क संपर्क मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा असम और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ प्रबंधन के लिए तथा उत्तराखंड एवं सिक्किम को बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से होने वाली हानि से बचाने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

देश के 4.10 करोड़ युवाओं के लिए विशेष पैकेज, मिलेगा सीधे 1 महीने का वेतन: बजट 2024 में युवा वर्ग के लिए बड़े ऐलान, इंटर्नशिप से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में देश के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के 4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा और रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे देश के युवाओं को बड़ा फायदा होने वाला है। वित्तमंत्री ने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान करते हुए कहा कि युवाओं को इंटर्नशिप से लेकर ईपीएफओ तक, उच्च शिक्षा से लेकर ट्रेनिंग तक में सरकार मदद करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “मुझे 5 साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री के पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे।”

वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा। इस योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक माह का वेतन दिया जाएगा। इन्हें तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। EPFO में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रुपये होगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियाँ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ मिलकर महिला हॉस्टल और बालगृहों की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी। यह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के EPFO योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।

बिहार के व्यक्ति पर निहंगों ने कृपाण से किया हमला, हाथ की हड्डी तोड़ खून निकाला: कहा- इसकी जेब में तंबाकू की पुड़िया, पुलिस ने 1 को पकड़ा

पंजाब के अमृतसर में एक व्यक्ति पर निहंगों ने कृपाण से हमला कर दिया। निहंगों के हमले में शख्स के हाथ की हड्डी टूट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल शख्स का इलाज चल रहा है। हमला करने वाला एक निहंग फरार हो गया जबकि एक पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना अमृतसर के हरमंदिर साहब के पास हुई। यहाँ एक व्यक्ति बैठा हुआ था। इसी दौरान दो युवक निहंग वेश में आए और उस पर कृपाण से हमला बोल दिया। इस हमले में उसकी कलाई पर गंभीर चोट आई। उसकी हाथ की हड्डी टूट गई। गंभीर चोट के कारण उसके हाथ से काफी खून निकला।

निहंगों ने व्यक्ति पर आरोप लगाया कि वह तम्बाकू का सेवन कर रहा था। मौके पर जब शोर मचा तो निहंग भागने की कोशिश करने लगे। दोंनो में से एक भागने में सफल हो गया जबकि एक को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। पकड़ा गया निहंग नाबालिग है और उसकी उम्र केवल 13 साल है।

घायल व्यक्ति का नाम शंकर बताया गया है। वह मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है। वह अमृतसर में बोतलें बीनकर गुजारा करता है। उसने कहा है कि उसकी जेब में एक तम्बाकू की पुड़िया जरूर थी लेकिन वह उसे रगड़ नहीं रहा था। उसने कहा कि उस पर एकाएक हमला किया गया जिसमें उसका हाथ चोटिल हो गया।

गौरतलब है कि हाल ही में निहंगों ने उड़ारिया नाम के एक सीरियल की शूटिंग के दौरान मोहाली में निहंग सिख आ धमके थे। उन्होंने प्रोडक्शन टीम के लोगों की जमकर पिटाई की और सेट पर तोड़फोड़ की थी। निहंग सिखों ने सेट पर गुरुद्वारा की डमी बनाए जाने का विरोध किया और कहा कि सेट पर निशान साहिब, पालकी का स्वरूप बनाकर और गुरुद्वारे की डमी बनाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जा रही है।

गया में विष्णुपद मंदिर, बोधगया महाबोधि मंदिर कॉरिडोर: काशी विश्वनाथ के जैसा बजट, बिहार से लेकर उड़ीसा तक टूरिज्म पर बड़े ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024-25 में धार्मिक-पर्यटन को जोड़कर बड़े ऐलान किए हैं। वित्तमंत्री ने बिहार के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक-पर्यटन केंद्रों गया के विष्णुपद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर में विकसित किए जाने का ऐलान किया। इसके साथ ही राजगीर, नालंदा को वैश्विक पर्यटन के केंद्रबिंदु के तौर पर विकसित करने में सरकार विशेष ध्यान देगी। वित्त मंत्री ने ओडिशा में भी पर्यटन को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,”पर्यटन हमेशा से हमारी सभ्यता का हिस्सा रहा है। भारत को वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने के हमारे प्रयासों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर खुलेंगे।” केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “मैं प्रस्ताव करती हूँ कि बिहार में राजगीर और नालंदा के लिए एक व्यापक विकास पहल की जाएगी। हम ओडिशा में पर्यटन को बढ़ावा देंगे, जिसमें प्राकृतिक सुंदरता, मंदिर, शिल्पकला, प्राकृतिक परिदृश्य, वन्यजीव अभयारण्य और प्राचीन समुद्र तट हैं।”

वित्त मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार भारत को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के गया में स्थित विष्णुपाद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर की एक अलग पहचान है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपाद कॉरिडोर और महाबोधि कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। यही नहीं राजगीर जोकि हिंदुओं, जैनियों और बुद्धों का प्रसिद्ध तीर्थ है। इसे भी विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन की तर्ज पर तैयार करेंगे। इसमें 20वें तीर्थंकर मुनीश्वर जैन मंदिर, सप्तऋषियों से जुड़ी जगह और गर्म पानी के पवित्र कुंड के आसपास के इलाकों को भी शामिल कर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही नालंदा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नालंदा विश्वविद्यालय को उसके गौरवशाली स्वरूप में पुनर्जीवित किया जाएगा।”

बता दें कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के विकास को मील का पत्थर माना जाता है। काशी विश्वनाथ के साथ ही उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर, अयोध्या में राम मंदिर, उत्तर प्रदेश में ही विंध्यावासिनी कॉरिडोर का विकास किया गया है। इसके अलावा भी देश में अन्य जगहों पर धार्मिक पर्यटन को जोड़कर विकास कार्य किए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। बिहार में गया और बोधगया के मंदिर कॉरिडोर राज्य को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान दिलाएँगे।

₹3 लाख तक की आय पर 0% टैक्स, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50000 से ₹75000 हुआ: जानिए करदाताओं के लिए बजट 2024 में क्या-क्या, TDS भरने में देरी अपराध नहीं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार (23 जुलाई, 2024) को संसद में बजट 2024 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए टैक्स को सिंपल रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर के रोगियों को राहत देते हुए उनसे जुड़ी 3 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म किया जाएगा। मोबाइल फोन के उत्पादन में भारत में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है, इस पर पहले से कम कर के 15% कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी।

साथ ही अंतरिक्ष और रक्षा और से जुड़े 25 मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म की जाएगी। चमड़ा और टेक्सटाइल के एक्सपोर्ट पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) कम की जाएगी। उन्होंने कॉम्प्रिहेंसिव इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की समीक्षा का भी ऐलान किया। फाइनेंस बिल के तहत चैरिटी के लिए टैक्सेशन के रेट को कम किया जाएगा। TDS भरने में देरी पर अब आपराधिक मामला नहीं बनेगा। ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को भी TDS में बड़ी छूट प्रदान की गई है। ये अब 1% से सीधा 0.1% हो जाएगा।

अब वेतन के TDS में ही TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) को समायोजित किया जा सकेगा। स्टार्टअप निवेशकों को फायदा देते हुए एंजेल टैक्स को खत्म कर दिया गया है। ये गैर-सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा शेयर जारी करने के माध्यम से जुटाई गई पूंजी पर लगाया जाता है। दो तिहाई करदाताओं ने ‘न्यू टैक्स रिजाइम’ के तहत विकल्प चुना है। स्टैण्डर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपए से 75,000 रुपए तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही नए टैक्स स्लैब की भी घोषणा की गई है।

3 लाख रुपए तक की आय पर 0%, 7 लाख तय की आय पर 5%, 10 लाख तक की आय पर 10%, 12 लाख तक की आय पर 15%, 15 लाख तक की आय पर 20% और इससे ऊपर की आय पर 30% टैक्स लगेगा। वहीं कुछ फाइनेंसियल असेट्स पर शॉर्ट टर्म गेन पर 20% टैक्स लगेगा। 1 साल से अधिक अधिक रखे गए फाइनेंसियल असेट्स को अब लॉन्ग टर्म माना जाएगा। सोना और चाँदी पर भी कस्टम ड्यूटी अब 6% कर दिया गया है।

IAS ऑफिसर की बीवी भाग गई गैंगस्टर ‘महाराजा हाईकोर्ट’ के साथ, 9 महीने के बाद लौटी तो नहीं घुसने दिया घर में… जहर खाकर किया सुसाइड

गुजरात के गाँधीनगर में अपने गैंगस्टर प्रेमी के साथ भागने वाली एक IAS अधिकारी की पत्नी ने शनिवार (20 जुलाई 2024) को आत्महत्या कर ली। वह 9 महीना पहले तमिलनाडु के गैंगस्टर के साथ भागी थी। अब वह लौट आई थी और अपने पति के घर में जाना चाहती थी। हालाँकि, जब वह ऐसा नहीं कर पाई तो घर के दरवाजे पर ही आत्महत्या कर ली।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला गाँधीनगर के सेक्टर 19 का है। महिला के पति रंजीत कुमार गुजरात विद्युत नियामक आयोग में सचिव हैं। वहीं, आत्महत्या करने वाली महिला की उम्र 45 साल है और उसका नाम सूर्या जय है। सूर्या मूलत: तमिलनाडु की रहने वाली थी। उसने वहीं के एक गैंगस्टर महाराज हाईकोर्ट के साथ 9 महीने पहले घर से भाग गई थी।

इस बीच शनिवार को वह वापस लौटकर आई और अपने पति रंजीत कुमार के घर में घुसने की कोशिश की। हालाँकि, रंजीत कुमार ने अपने घरेलू स्टाफ से कहा था कि उनकी पत्नी को घर में ना घुसने दिया जाए। जब गार्ड ने घर में घुसने से रोका वह जहर खा ली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारी ने महिला का शव लेने से भी इनकार कर दिया।

पुलिस का कहना है कि महिला 14 साल के एक बच्चे के अपहरण में शामिल थी। सूत्रों का कहना है कि मदुरै में बच्‍चे के अपहरण मामले में तमिलनाडु पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए सूर्या अपने पति के घर गई होगी। महिला का नाम उसके गैंगस्टर प्रेमी ‘महाराजा हाईकोर्ट’ और उसके सहयोगी सेंथिल कुमार के साथ एक इस मामले में शामिल थी।

यह मामला 11 जुलाई को बच्चे की माँ के साथ पैसों के विवाद को लेकर है। इस विवाद में महिला के 14 साल के बेटे का अपहरण कर लिया गया था। आरोपितों ने महिला से 2 करोड़ रुपए की फिरौती माँगी थी। हालाँकि, मदुरै पुलिस बच्‍चे को बरामद करने में कामयाब रही। इसके बाद पुलिस ने सूर्या सहित इसमें शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी थी।

IAS के वकील हितेश गुप्ता ने बताया कि दंपति 2023 से अलग रह रहे थे और उनकी तलाक की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस ने बताया, “रंजीत कुमार शनिवार को तलाक की याचिका को अंतिम रूप देने के लिए बाहर गए थे। पीछे से उनकी पत्नी ने घर में नहीं घुसने नहीं देने से परेशान होकर जहर खा लिया और 108 (एम्बुलेंस हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल कर दिया।” दोनों की शादी साल 20 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं।

पुलिस को तमिल भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालाँकि, पुलिस ने सुसाइड नोट में क्या लिखा है उसके बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है। वहीं, अधिकारी ने अपनी मृत पत्नी का शव लेने से मना कर दिया। वहीं, इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि महिला ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को संबोधित एक पत्र छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी ‘पीड़ा’ बताई है।

पत्र में महिला ने दावा किया है कि उसको गैंगस्टर ने अपने जाल में फँसाया था और वह दो आपराधिक मामलों में उलझ गई, जिसमें गैंगस्टर मुख्य आरोपित है। एक मामला एक महिला से ऋण वसूली से संबंधित है, जिसे गैंगस्टर ने पैसे दिए थे और दूसरा मामला एक लड़के के अपहरण का है। पत्र में कहा है कि उसका पति एक नेक आदमी है, जो उसकी अनुपस्थिति में उनके बच्चों की देखभाल करता है।

गाँधीनगर पुलिस का कहना है, “हमें नहीं पता कि वह जहर लेकर आई थी या नहीं। हम जाँच कर रहे हैं कि क्या महिला अपने पति से मिली थी और जब वह आई थी तो पति घर में मौजूद था।” पुलिस ने कहा कि महिला का शव ले जाने के लिए तमिलनाडु से उसका परिवार आ रहा है। पुलिस ने यह भी कहा कि महिला वांछित है या नहीं इसकी जानकारी उसे नहीं है, क्योंकि उसने मदुरै पुलिस से संपर्क नहीं किया।

इस साल मार्च और अप्रैल में महिला ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में याचिका दी थी। हाई कोर्ट के आदेश अनुसार, तमिलनाडु के थूथुकुडी उत्तर पुलिस स्टेशन ने सूर्या के खिलाफ अश्लील शब्द बोलने, लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने, लोक सेवक को उनके कर्तव्य का पालन करते समय स्वेच्छा से चोट पहुँचाने और जानबूझकर स्वयं की वैध गिरफ्तारी में प्रतिरोध या अवैध बाधा उत्पन्न करने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

जिन्होंने कोर्ट में डाले भोजशाला, काशी, मथुरा के मामले, उस हिंदू शिक्षक को मॉन्टेसरी स्कूल ने नौकरी से निकाला: प्रिंसिपल ने सारे केस वापस लेने का दबाव बनाया

लखनऊ के मॉन्टेसरी स्कूल में पढ़ाने वाले हिंदूवादी कुलदीप तिवारी को धर्म के लिए आवाज उठाने पर नौकरी से निकाल दिया गया है। इसकी जानकारी खुद कुलदीप तिवारी ने वीडियो के माध्यम से दी है और इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायत भी की है। शिकायत में उन्होंने बताया कि स्कूल ने उनके खिलाफ ये कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि वो धार्मिक टिप्पणियाँ करते थे, जनहित में डाले गए कई मुकदमों में वादी हैं, माथे पर तिलक लगाते हैं, कलावा पहनते हैं व शिखा रखते हैं।

अपने शिकायत पत्र में उन्होंने बताया कि वो 10 नवंबर 2009 से सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की ऐशबाग राजेंद्र नजर प्रथम शाखा में गणित टीचर के रूप में पढ़ाते रहे और सेवा में बिन किसी व्यवधान उन्होंने लगभग 15 साल से अध्यापन का काम किया है। उनके अनुसार नौकरी के दौरान वह साधारण भेष-भूषा में रहते थे, केवल हिंदू होने के नाते प्रतिदिन माथे पर तिलक लगाकर हैं, शिखा रखकर स्कूल जाते थे

तिवारी बताते हैं कि उनके द्वारा कोर्टों में डाले गए मुकदमे और उनकी भेष-भूषा की वजग से स्कूल की प्रिंसिपल जयश्रीकृष्णन एवं रीटा फ्लेमिंग द्वारा कई बार उन्हें कार्यालय में बुलाया गया और तिलक मिटाने व शिखा हटाने के लिए दबाव दिया गया। इसके अलावा उनका कहना है कि उनका अपमान करके कई बार उनका अभद्र ढंग से मजाक भी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार उनसे कहा गया था- “अगर CMS में नौकरी करनी है चुटिया हटाकर आइए।”

इसके अलावा बताया गया कि 29 अक्टूबर 2023 को उनकी अध्यक्षता में उनकी संस्था ने विशवेशवरैया सभागार में ज्ञानवापी मंदिर मॉडल की प्रदर्शनी तथा काशी मथुरा भोजशाला जन जागरण संबंधी एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन कराया था। इसमें अनेक क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित विद्वानों, आध्यात्मिक गुरु एवं अधिवक्ताओं ने सहभागिता ली थी। इस आयोजन के बाद ही उनकी प्रिंसिपल ने उन्हें बुलाया और इस्तीफा देने की बात कही।

तिवारी के अनुसार प्रिंसिपल ने उनसे कहा, “आपने भोजशाला, ज्ञानवापी और मजारों को ध्वस्त किए जाने को लेकर जो भी केस किए हैं उन्हें या तो वापस लीजिए अन्यथा तत्काल प्रभाव से सीएमएस से इस्तीफा दीजिए।” इस पर तिवारी ने अपनी नौकरी बचाने के लिए कहा- “मैं जो भी कार्य कर रहा हूँ वो पूर्ण रूप से कानूनी है एवं जनहित में न्यायालयों के समक्ष विचाराधीन है। कोई भी केस वापस नहीं हो सकता।” इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने यह भी कहा कि उनका कोई भी कार्य न तो सीएमएस के विरुद्ध है और न ही स्कूल की छवि बिगाड़ने के लिए किया गया है।

इसके बाद 22 मार्च को जब भोजशाला मामले में ASI सर्वे शुरू हुआ तो तिवारी भी इसमें शामिल हुए। जहाँ उन्होंने सर्वे संबंधी प्रगति पर मीडिया को बयान दिया। घटना के बाद फिर प्रिंसिपल ने कार्यालय में बुलाया और कहा गया कि उनसे पहले ही सारे केस वापस लेने को कहा गया था लेकिन उन्होंने चूँकि कोई केस वापस नहीं लिए इसलिए वो आगे नौकरी नहीं करेंगे। प्रिंसिपल ने उन्हें कहा- “आप स्वत: त्यागपत्र दे दें बेहतर होगा, वरना हम आपको बर्खास्त कर देंगे। पाई-पाई के मोहताज हो जाओगे फिर सड़क पर बैठकर हिंदुस्तव की रोटी खाना।”

इस बार भी कुलदीप तिवारी ने उन्हें समझाने का खूब प्रयास किया। लेकिन इस बार कारण बताओ नोटिस जारी करके उन्हें निरर्थक, आधारहीन, अप्रमाणिक एवं मनगढ़ंत कहानियों के साथ उन्हें 1 जुलाई को बर्खास्त कर दिया गया।

अब इसी मामले में उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिख शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल ने उनपर जबरन दबाव बनाया, धमकी दी, मानसिक प्रताड़नाएँ दी और शोषण किया। इसके अलावा इस तरह नौकरी से निकाले जाने को उन्होंने अपना अपमान बताया और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कहा।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा डाली गई याचिकाओं को वापस लेने का दबाव किन्हीं व्यक्तिगत कारणों से या दुर्भावना के कारण किया गया है। उन्हें शंका है इस मामले में किसी बाहरी, विदेशी, राष्ट्रविरोधी अथवा अन्य अराजत शक्तियों का दबाव भी हो सकता है। उन्होंने नौकरी से बर्खास्त होने का लेटर पाने के बाद साफ तौर पर कहा कि वो कि वो केस वापस नहीं लेंगे। उन्हें न्याय चाहिए।

बता दें कि कुलदीप तिवारी, इंदौर हाईकोर्ट में चल रहे भोजशाला प्रकरण के प्रमुख केस के वादी हैं। साथ ही काशी ज्ञानवापी प्रकरण के अति महत्वपूर्ण प्रमुख मामलों और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में संबंधित न्यायालयों में चल रही जनहित याचिकाओं के वादी व पक्षकर हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी अवैध मजारों, मस्जिदों व अन्य गैरकानूनी मजहबी इमारतों को ध्वस्त किए जाने की माँग में वादी हैं।

एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, खेल के मैदान, गंगा पर पुल, पॉवर प्लांट… बजट 2024 में बिहार की बल्ले-बल्ले, एक्सप्रेसवे का बिछेगा जाल

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बजट भाषणा में जानकारी देते ​हुए बताया है कि बिहार को मिलने वाली आर्थिक सहायता को तेज किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि इससे बिहार के विकास को तेज करने में मिलेगी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा बनाने का प्रस्ताव भी दिया। उन्होंने बिहार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए विशेष पैकेज देने की बात भी कही।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बिहार और आंध्रप्रदेश को बड़े तोहफे दिये हैं। इस तरह उन्होंने सहयोगी पार्टियों को साधने का भी काम किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में दो नये एक्सप्रेस-वे बनेंगे। गंगा नदी पर दो नए पुल बनेंगे। वित्त मंत्री ने बिहार में सड़क के लिये 26 हजार करोड़ रुपये का आवंटन रखा है। पटना-पूर्णिया के लिए एक्सप्रेस-वे बनेगा. बक्सर-भागलपुर के लिए एक्सप्रेस-वे बनेगा। साथ ही बिहार में नए मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम की स्थापना होगी।

बिहार में नेपाल की तरफ से आने वाले पानी की वजह से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष पैकेज की घोषणा की है। इसके लिए 11,500 करोड़ का आबंटन किया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार बहुपक्षीय विकास एजेंसियों से सहायता के माध्यम से बिहार को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर पर हम बिहार के गया में औद्योगिक विकास को समर्थन देंगे। यह पूर्वी क्षेत्र के विकास को गति देगा। हम सड़क संपर्क परियोजनाओं पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर राजमार्ग, बोधगया-राजगीर-वैशाली-दरभंगा के विकास में भी सहयोग करेंगे। इसके साथ ही 21,400 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का नया बिजली संयंत्र स्थापित करने सहित बिजली परियोजनाएं शुरू की जाएँगी। बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाहरी सहायता के लिए बिहार सरकार के अनुरोधों पर शीघ्रता से काम किया जाएगा।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के अपने बजट में बिहार में विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 26,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, सरकार बिहार में हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल अवसंरचना स्थापित करेगी। इसके अलावा, केंद्र बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ‘पूर्वोदय’ नामक योजना विकसित करेगा। सीतारमण ने पूर्वी क्षेत्र में विकास के लिए औद्योगिक गलियारा तैयार करने का का भी उल्लेख किया।

जनजातीय समाज के 63000 गाँवों का विकास, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, छोटे कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार: जानिए बजट 2024 में और क्या-क्या

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2024 पेश किया। इसमें ‘विकसित भारत’ के लिए मोदी सरकार 9 प्राथमिकताएँ तय की हैं, जिनसे सबको मौका मिले – कृषि में उत्पादकता एवं लचीलापन, रोजगार एवं कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक न्याय, विनिर्माण एवं सेवाएँ, शहरी विकास, आपातकालीन सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा, नवाचार अनुसंधान एवं विकास, अगली पीढ़ी के सुधार। शिक्षा, रोजगार एवं कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

भारत में महँगाई नियंत्रण में है और ये 4% की तरफ बढ़ रहा है। कृषि अनुसन्धान के क्षेत्र में मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु के हिसाब से फसलों को विकसित करने के लिए एग्रीकल्चर रिसर्च सेटअप की व्यापक समीक्षा की जाएगी। सरकार और बाहर से विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, प्राइवेट सेक्टर को भी फंडिंग मिलेगी। 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही 10,000 बायो इनपुट रिसॉर्स सेंटर स्थापित किए जाएँगे।

दालों एवं तिलहन की उत्पादकता, रख-रखाव और बाज़ार के लिए रणनीति बनाई जा रही है। रोजगार एवं कौशल विकास में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कामकाजी महिला हॉस्टलों एवं शिशु गृहों की स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 25,000 छात्रों के लिए 7.50 लाख रुपए ऋण की व्यवस्था कौशल विकास के लिए की जाएगी। घरेलू संस्थानों में उच्चतर शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए तक के ऋण पर 3% वार्षिक ब्याज छूट की व्यवस्था की जाएगी।

महिलाओं एवं कन्याओं से संबंधित योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। उत्तर-पूर्व में भारतीय डाक के 100 से अधिक शाखाएँ खोली जाएँगी। आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी पर बन रहे पोलावरम सिंचाई परियोजना के पूरी होने के बाद देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। विशाखापत्तनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए कोप्पार्थी और हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ओरवाकल नोड में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।

‘पूर्वोदय’ के तहत बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का विकास किया जाएगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, बोधगया-राजगीर-दरभंगा सड़क के लिए निधि उपलब्ध कराई जाएगी और बक्सर में गंगा नदी पर 26,000 करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाया जाएगा। भागलपुर के पीरपैंती में 2400 MW का पॉवर प्लांट 21,400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम योजना’ की घोषणा भी की गई है।

इसके तहत जनजातीय बहुल गाँवों के विकास के लिए कदम उठाए जाएँगे। इससे 63,000 गाँवों में जनजातीय समाज के 5 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। MSME सेक्टर को बैंक लोन में आसानी के लिए नई व्यवस्था लाई जाएगी। मुद्रा लोन को 10 से अब 20 लाख रुपए तक बढ़ाया जाएगा। 50 मल्टी-प्रोडक्ट फ़ूड इरेडिएशन इकाइयाँ स्थापित की जाएँगी। पारंपरिक कारीगरों के लिए ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र PPP मोड में स्थापित किए जाएँगे, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार मिले।