कोर्ट में यह केस 2022 में दो मुस्लिम महिलाओं की ओर से दायर किया गया था जिसपर सुनवाई करते हुए नौ सदस्यीय संघीय न्यायालय ने 8-1 के बहुमत से फैसला सुनाया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की और कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक जारी रहेगा।