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‘₹5 करोड़ अभी, ₹5 करोड़ नीतीश सरकार गिरने के बाद’: विश्वासमत के बाद तेजस्वी यादव के करीबी पर अपहरण का केस दर्ज, अखिलेश ने इंटरनेट से किया कॉल

जिस सुनील पर अपहरण का आरोप लगाया गया है, वो ठेकेदार है और तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है।

बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने 129 विधायकों के समर्थन के साथ बहुमत साबित कर दिया, जबकि राजद ने 2 दिनों से अपने विधायकों को पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी यादव के आवास में रखा हुआ था। इसके बावजूद चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव ने पाला बदल कर सत्ताधारी गठबंधन का साथ दिया। अब जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने एक केस दर्ज कराया है, जिसके बाद नया विवाद पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जदयू विधायकों को तोड़ने के लिए 10-10 करोड़ रुपए के ऑफर दिए गए थे।

उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि जदयू विधायकों को ऑफर दिया गया था कि उन्हें 5 करोड़ पहले और बाकी के 5 करोड़ काम हो जाने के बाद दिए जाएँगे। बताया गया है कि तेजस्वी यादव के करीबी इंजीनियर सुनील की तरफ से ये ऑफर दिए गए थे। पूर्व मंत्री नागमणि का नाम भी इसमें सामने आया है, जिनके द्वारा कहा गया था कि अखिलेश नाम का एक शख्स आपसे बात करेगा। फिर खुद को राहुल गाँधी का करीबी बताते हुए अखिलेश ने इंटरनेट से कॉल किया।

शिकायत में कहा गया है कि कई विधायकों को इस तरह के ऑफर दिए गए थे। जदयू विधायकों से संपर्क करने वालों में शक्ति सिंह यादव का नाम भी सामने आया है। उधर जदयू अपने उन विधायकों पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है, जिन्होंने विश्वासमत में धोखा किया। सुधांशु शेखर ने राजधानी पटना के कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। जिस सुनील पर अपहरण का आरोप लगाया गया है, वो ठेकेदार है और तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है।

जदयू विधायक बीमा भारती और दिलीप राय के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी कह चुके हैं कि खेला करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी कहा है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त से खेला करने की सारी जोड़-तोड़ को विफल कर दिया गया है। नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि वो इसकी जाँच कराएँगे कि राजद विधायकों को एक साथ रखा गया था उसका पैसा कहाँ से आया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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