भैंसा गए एक पत्रकार ने न केवल हालिया दंगों, बल्कि पिछले सालों में हुई उन घटनाओं के बार में भी बताया है जो हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर करने के मकसद से अंजाम दिए गए।
कलिता माझी और चंदना बाउरी, केवल बंगाल चुनाव में किस्मत आजमा रहीं, बीजेपी उम्मीदवारों के नाम ही नहीं हैं। बेहद सामान्य पृष्ठभूमि की ये महिलाएँ तमाम धारणाओं को भी तोड़ती हैं।
कल तक डासना मंदिर में दावेदारी ठोककर जुमे की नमाज़ के बाद प्रवेश की धमकी देने वाले बसपा विधायक असलम चौधरी भी आज अपने बयान से पलटते नजर आ रहे हैं। उन्होंने यूपी पुलिस की डर से तगड़ा यू-टर्न लिया है।