Friday, April 19, 2024
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‘मोदी न होते PM तो हाथ से निकल गया होता कश्मीर’: NDTV का हर प्रोपेगेंडा ‘मेट्रो मैन’ के सामने बेपटरी

ई श्रीधरन ने कहा कि छोटे-छोटे त्याग देश के लिए सभी को करना पड़ता है। लेकिन इन सबके बीच मीडिया क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि मीडिया को भाजपा विरोधी पार्टियों ने खरीद लिया है।

हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन केरल की पलक्कड विधानसभा सीट से मैदान में हैं। चुनाव प्रचार के दौरान एनडीटीवी ने उनसे बात की। इस दौरान उन्होंने कश्मीर से लेकर केरल तक हर मुद्दे पर NDTV के प्रोपेगेंडा का दो टूक जवाब दिया। श्रीधरन ने कहा कि यदि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर भारत के हाथ से निकल गया होता।

अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि 5 वर्ष में काफी कुछ बदला जा सकता है। जब उन्होंने कोचीन शिपयार्ड में कामकाज संभाला था, तब वहाँ 2 महीने में चीजों को बदल कर रख दिया था। साथ ही लोगों के रवैए में भी बदलाव आया था।

NDTV ने ने उनसे बातचीत में दावा कर डाला कि जम्मू-कश्मीर में महीनों इंटरनेट नहीं मिला और लोगों के पास संचार की कोई सुविधा नहीं थी। इस पर ई श्रीधरन ने कहा कि ये छोटे-छोटे त्याग हैं जो देश के लिए सभी को करना पड़ता है। साथ ही पूछा कि लेकिन इन सबके बीच मीडिया क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि मीडिया को भाजपा विरोधी पार्टियों ने खरीद लिया है।

उन्होंने NDTV के पत्रकार को राई का पहाड़ न बनाने की सलाह देते हुए कहा कि ये ठीक नहीं है और मीडिया आजकल यही कर रहा है। NDTV ने उनसे ये भी पूछ डाला कि क्या देश आज ज्यादा ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक नहीं हो गया है? इस पर कड़ा जवाब देते हुए ई श्रीधरन ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है और ये थ्योरी उन लोगों गढ़ी गई है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकतर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीकार कर लिया है और आप प्रोग्रेस देखिए। उन्होंने कहा कि जो लोग पीएम मोदी के विरोधी हैं, वो कहीं-कहीं से ढूँढ कर छोटी-मोटी गलतियाँ निकालते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ये ठीक नहीं है और नरेंद्र मोदी अगर प्रधानमंत्री नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर हाथ से निकल गया होता। उन्होंने कहा कि वो राजनीति में आलोचनाओं के लिए तैयार हैं, लेकिन जनता के लिए कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने पूछा कि केरल में कम समय में बदलाव क्यों संभव नहीं हो सकता। साथ ही विश्वास जताया कि संभव है। केरल में भाजपा का मात्र एक विधायक होने की बात पर उन्होंने कहा कि ये सच्चाई है और हर पार्टी इसी स्तर से शुरू होती है। उन्होंने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ तो एक भी विधायक नहीं था, फिर भाजपा ने कैसे सत्ता पाई? उन्होंने दिल्ली में AAP का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका तो कोई आधार ही नहीं था।

दिल्ली में AAP ने अपने दूसरे चुनाव में ही सत्ता पा ली थी। ई श्रीधरन ने कहा कि अब भाजपा का समय है और जनता LDF और UDF, दोनों से ही तंग आ चुकी है। उन्होंने आशा जताई कि भाजपा इस बार केरल में सत्ता पाएगी। ‘मेट्रो मैन’ ने NDTV से बात करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा कि वो ‘लव जिहाद’ जैसे विवादित मुद्दों पर नहीं जाना चाहते हैं, लेकिन वो सपाट और पारदर्शी तरीके से चीजों को बदलना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी को अपनी तरफ लेकर आगे बढ़ना है और किसी को विरोधी नहीं बनाया जा सकता, उन्हें मुख्यधारा से अलग नहीं किया जा सकता। ई श्रीधरन ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सबको आगे आकर मिल-जुल कर कार्य करना होगा। ‘लव जिहाद’ पर उन्होंने ये भी कहा कि पूरी स्थिति को समझना चाहिए और भाजपा नहीं होती तो पूरा राज्य ही हाथ से निकल गया होता। उन्होंने वादा किया कि वो पलक्कड को 2 वर्षों में सबसे अच्छा विधानसभा क्षेत्र बना देंगे। उन्होंने कहा:

“मैं मूलभूत सुविधाओं की बात कर रहा हूँ। पलक्कड में तो हमारे पास ठीक-ठाक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तक नहीं है। मात्र 6 महीनों में इस कार्य को पूरा किया जा सकता है। यहाँ पानी की सप्लाई में समस्याएँ हैं। हमें इसका समाधान तेज़ी से निकालना पड़ेगा। इस शहर को स्वच्छ बनाना मात्र 2 माह का कार्य है। मैं बिना समय गँवाए शहर का चेहरा बदल सकता हूँ। मेरे साथ कार्यकर्ता पैदल चल रहे हैं। मैं विधानसभा क्षेत्र के हर एक व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलूँगा। मैं एक व्यक्तिगत अपील भी लिख रहा हूँ, जो जनता के दिल को छुए।”

भारतीय जनता पार्टी को अन्य राजनीतिक दलों से अलग बताने वाले ई श्रीधरन ने कहा कि एक सप्ताह में पर्सनल अपील सबके पास पहुँच जाएगी और उनका सीधा कहना है कि अगर आप समझते हैं कि मैं बदलाव कर सकता हूँ तो मेरे लिए वोट कीजिए, वरना मत कीजिए- ये आप पर निर्भर है, मुझे फर्क नहीं पड़ता। सबरीमाला मामले पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी संप्रदाय की भावनाओं का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला दे दिया है, लेकिन सरकार से ऐसा नहीं कहा है कि वह सुरक्षा के बीच महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में लेकर जाएँ और फिर वापस लेकर आएँ। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार ने ऐसा क्यों किया? उन्होंने कहा कि सरकार भले इनकार करे, लेकिन महिलाओं को अंदर लेकर वही गई और इसके सबूत हैं। जिन्होंने रोका, उन पर केस दर्ज किए गए। उन्होंने केरल सरकार पर सबरीमाला के श्रद्धालुओं की प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा, क्योंकि सरकार जनता के विरोध में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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