योगेन्द्र यादव द्वारा किया गया मंडी शुल्क का ज़िक्र दिखाता है कि उन्हें कृषि क्षेत्र के मुद्दों पर कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद तमाम लोगों ने ट्विटर पर उन्हें बताया कि अगर टैक्स कम इकट्ठा हुआ है इसका मतलब यह हुआ कि किसानों को कम टैक्स देना पड़ रहा है।