यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?
मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।