'मौत का सौदागर' से लेकर 'दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी' तक कॉन्ग्रेस के संस्कार में रत्ती भर फर्क नहीं आया है। ये ढीठ ऐसे हैं कि जाकिर कह रहा कि उसने मजाक में देश तोड़ने की बात कही थी।
बिहार रेजिमेंट ने एक बार फिर से बिहार का सिर गर्व से ऊँचा किया है। चीन के धोखेबाज सैनिकों की पूरी तैयारी के बावजूद हमारी सेना ने उन्हें परास्त कर दिया।
CM को पूरा भरोसा था सूमो बाबू पर! पर उनकी दिल्ली में आज की परिस्थिति में कितनी सुनी जाती है? खैर, और कोई चारा नजर नहीं आ रहा था। चारा- यह शब्द कितने पुराने समीकरण याद दिला देता था।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथपुरी में होने वाली वार्षिक रथयात्रा पर इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के कारण रोक लगा दी है। इसके बाद से ही हिन्दुओं में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब अनलॉक के तहत सारी चीजें खुल ही रही हैं तो फिर रथयात्रा पर रोक क्यों?