"वायरस से मृत लोगों के शवों को दफनाया नहीं जाना जाहिए और न ही इनके शवों को किसी भी प्रकार से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस जानलेवा वायरस के कारण मारे गए लोगों को दफनाने की जगह उन्हें जलाया जाना चाहिए।"
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”
पुलिस रंजीत बच्चन के सोशल मीडिया अकाउंट्स खँगाल रही है। कमलेश तिवारी हत्याकांड के 3 आरोपित हाल ही में जमानत पर बाहर निकले हैं। कमलेश को सोशल मीडिया के जरिए फँसाया गया था। रंजीत के हत्या की भी इस कोण से जाँच हो रही है।
इस रैली में न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि जम्मू कश्मीर की 'आज़ादी' की भी बात कही गई। 'राजीव तेरे सपनों को, रावण तेरे सपनों को, पायल तेरे सपनों को- हम मंज़िल तक पहुँचाएँगे' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए।
सज्जाद ने शरजील इमाम का भी बचाव किया था। देशद्रोह के आरोपित शरजील को राष्ट्रवादी बताया था। कश्मीरी छात्र नेता सज्जाद ने पुलवामा आतंकी हमले के समय पूछा था कि कहीं इसके पीछे अपनी ही एजेंसियों का तो हाथ नहीं?
वरुण ग्रोवर और अनुराग कश्यप जैसों की नज़र अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक पर है। उसे धीमे-धीमे बर्बाद करने की साज़िश रची जा रही है। IIT बॉम्बे को चंद वामपंथी प्रोफेसरों व छात्रों ने बंधक बना लिया है। रवीश कुमार व अन्य वामपंथी मीडिया उनका समर्थन कर रहे हैं।
मैं इस बजट को सांप्रदायिक मानता हूँ। यकीन मानिए आज इस बजट के दौरान गाँधी जी होते तो इसे पास नहीं होने देते। बजट तो हर साल आता है, जाता है, लेकिन अल्पसंख्यक के मुद्दे पर सभी चुप्पी साध लेते हैं। अंत में सवाल यही कि क्या इस बजट के पैसे से गरीब का पेट भर जाता है?
आम दुनिया से अलग एक मेन्टोस दुनिया भी है, जिसे कहते हैं दी लल्लनटॉप! यह दुनिया बजट के दौरान इस बात को लेकर परेशान थी कि आखिर प्रियंका चोपड़ा की ड्रेस खिसकती क्यों नहीं? वैसे, बजट-वजट बाद में देखा जाएगा, पहले NDTV चाहता है कि आप सपना चौधरी का डांस देखें।
आरोपित कहता दिख रहा है कि हमारे देश में किसी की नहीं चलेगी, सिर्फ़ हिन्दुओं की चलेगी। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। कहा जा रहा है कि आरोपित ने शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को वहाँ से जाने व विरोध प्रदर्शन स्थगित करने की चेतावनी दी थी। लेकिन, वे नहीं माने।