Homeराजनीतिश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र: राम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान, PM मोदी की घोषणा...

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र: राम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान, PM मोदी की घोषणा और लोकसभा में गूँजे ‘जय श्री राम’ के नारे

"रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है। ट्रस्ट का नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। पूरा देश भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एक स्वर में समर्थन दे। यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण पर सभी फैसले लेगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मतदान से ठीक 3 दिन पहले यानी आज संसद (लोकसभा बजट सत्र 2020) में बोलते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट बनाने का ऐलान कर दिया। उनके इस ऐलान के साथ ही पूरी संसद ‘जय श्री राम’ के नारों से गूँज गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा उनके दिल के बहुत करीब है।

पीएम मोदी ने कहा कि ट्रस्ट का नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। उन्होंने आह्वान किया कि पूरा देश भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एक स्वर में समर्थन दे। यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण पर सभी फैसले लेगा। उन्होंने बताया कि 67.03 एकड़ भूमि इस ट्रस्ट को दे दी जाएगी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में राम मंदिर का निर्माण होगा।

प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा, “मुझे आज इस सदन को, देश को बताते हुए यह खुशी हो रही है कि आज कैबिनेट की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए हमने एक वृहद योजना तैयार की है।”

उन्होंने कहा, “सरकार ने श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट गठन का प्रस्ताव किया है। यह ट्रस्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण बनाने के लिए उत्तरदायी होगा। हमने 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के लिए अनुरोध किया था, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने मान लिया है।”

बता दें कि पिछले साल तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय पीठ ने 9 नवंबर को सदियों पुराने मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। जिसमें उन्होंने अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था। इसके अलावा कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में ही मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाने की बात कही थी। अदालत ने कहा था कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी, जो इसे सरकार द्वारा बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे। पीठ ने केंद्र सरकार से कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -