प्रोफेसर जोसेफ पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने मलयालम भाषा में एक विवादित प्रश्नपत्र तैयार किया था, जिससे समुदाय विशेष की मजहबी भावनाएँ आहत हुई थीं। 2010 में उन पर कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन के सदस्य नजीब समेत कुछ युवकों ने चाकुओं से उनका दाहिना हाथ काट दिया था।
हर उस आदमी को गोदी मीडिया, आईटी सेल, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी बोल देते हैं, जो उनके पाखंड की पोल खोलने की जुर्रत करता है। मुझे भरोसा है कि रवीश जी सबका नाम किसी कॉपी में लिखकर रख रहे होंगे कि जब राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे तो उनसे बोलकर सबको जेल भिजवाएँगे।
अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाक़े में मुस्लिम भीड़ द्वारा नागरिकता क़ानून के विरोध में हिंसा की गई। पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। इन आरोपों में अहमदाबाद पुलिस ने कॉन्ग्रेस कॉरपोरेटर शहज़ाद खान पठान समेत 49 दंगाईयों को हिरासत में लिया है।
बम फटने के कारण रईस के हाथ में काफी गंभीर चोट आई है, इसलिए पुलिस की ओर से उसे अभी कुछ नहीं कहा गया है। पुलिस का कहना है कि रईस को फिलहाल ईलाज मुहैया करवाया जा रहा है और ईलाज के बाद उस पर एक्शन लिया जाएगा।
संभल में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। इस मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, एसपी जिलाध्यक्ष फ़िरोज़ ख़ान, स्थानीय पार्षद के पति हाजी मोहम्मद शकील और मुशील ख़ान समेत 17 को नामज़द करते हुए...
बुशरा और सिराज ने उनके द्वारा चलाए जा रहे तीनों स्कीम में मुस्लिम महिलाओं को पैसा लगाने का लालच दिया और साथ ही उन्होंने एक इस्लामिक पब्लिक स्कूल को उसके पैसे को दोगुना वापस करने का वादा करके उनसे 1.2 करोड़ रुपए ठग लिए।
"बड़ी संख्या में भीड़ दरगाह में इकट्ठी हुई और फिर बाद में भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भारी मात्रा में पथराव करना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर जेएम सोलंकी भी घायल हो गए। दरगाह में नमाज के बाद दो से तीन हजार उपद्रवियों की भीड़ सड़क पर आई और..."
पुलिसकर्मियों का रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने का जब वीडियो बनाया जा रहा था, तो ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी अपनी जेब में हाथ डालने जा रहा था और इसी मुद्रा का स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम भैलाने की कोशिश की जाने लगी कि गुहा को पुलिसकर्मी ने मुक्का...
द वायर ने ये नहीं बताया कि उसने किस आधार पर यह तय किया कि पूरे देश में NRC लागू होने का यही तरीका होगा। क्या इसके लिए सिर्फ धर्म ही एकमात्र आधार होगा। क्या इसके लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र वगैरह जैसे किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी?
नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में आतंकियों के स्लीपर मॉड्यूल सक्रिय हो चुके हैं। आगजनी और दंगा भड़काने के मक़सद से कट्टरपंथी आतंकी अपनी पूरी तैयारी के साथ नागरिकता क़ानून के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं। यह जानकारी ख़ुफ़िया एजेंसियों के माध्यम से...