सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 151 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
10 हजार लोगों के रहने की क्षमता वाला रैन बसेरा बनाया जाएगा। अयोध्या से फैजाबाद को जोड़ने के लिए 5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। अयोध्या में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव है।
राम मंदिर, तीन तलाक और अनुच्छेद 370... देश की सत्ता में 60 वर्ष से अधिक समय तक रहने वाले राजनैतिक दल स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते इन समस्याओं को सुलझाने के बजाय उलझाकर राजनीति की रोटियाँ सेंकते रहे। भाजपा नीत मोदी की सरकार ने...
सितम्बर 28, 2019 को लता मंगेशकर ने अपना 90वाँ जन्मदिन मनाया था। हजारों गानों को अपनी मधुर आवाज़ से सँवार चुकी लता मंगेशकर 8 दशक तक भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं और उन्होंने कई भाषाओं में गाने गए हैं।
अगर पहले और अभी के फी की बात करें तो मेस बिल और इस्टैब्लिशमेंट चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्रों को बस बिजली और सफाई का बिल देने कहा गया। इसके विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन को वामपंथी छात्र नेता हिंसक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
कॉन्ग्रेस के सभी विधायक जयपुर में एक रिसॉर्ट में रुके हुए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेतागण वहीं पर नव-निर्वाचित विधायकों के साथ लगातार मंत्रणा कर रहे हैं। अभी उद्धव ठाकरे कॉन्ग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वो आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
"सीजेआई रंजन गोगोई ने मिशन असंभव को संभव बना दिया हैं। उनके नेतृत्व में ये हुआ। जिसकी झलक अयोध्या विवाद पर फैसले में पूरी तरह दिखी। आज भारत माता CJI गोगोई को आशीर्वाद दे रही होंगी।"
पटना के इस हनुमान मंदिर का संचालन महावीर ट्रस्ट करता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल इसके अध्यक्ष हैं। मंदिरों में दलित पुजारियों की नियुक्ति के सामाजिक परिवर्तन में उनका बड़ा योगदान है। अयोध्या मामले से भी वे जुड़े रहे हैं।
जेकेएलएफ ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि निधि राजदान के रूप में मंच पर एक 'कश्मीरी आवाज़' भी मौजूद था। जेकेएलएफ यासीन मलिक का संगठन है, जो अभी तिहाड़ जेल में बंद है।
यह दूसरा मजहब यदि सचमुच सहिष्णु है तो तत्काल कम से कम काशी और मथुरा के मंदिरों को खुद खाली करे और हिंदुओं के साथ वहाँ भव्य मंदिर बनवाए। बाकी, 30 हज़ार मंदिरों की तो बात भी नहीं हुई है….
चिंता का विषय यह है कि इन लोगों ने उन छात्रों को भी शिक्षित किया जो भविष्य में सैकड़ों लोगों को शिक्षित करेंगे। यह हमारी शिक्षा की स्थिति की एक भयानक तस्वीर को उजागर करता है। इससे यह बात भी स्पष्ट हो जाती है कि वर्तमान सरकार को प्राथमिकता के आधार पर छात्रों को पढ़ाए जाने वाले इतिहास के पाठ्यक्रम में संशोधन की आवश्यकता क्यों है?