मीडिया फ़ैक्ट चेक

‘मुस्लिम बच्चों, औरतों, मर्दों को घर से भगाया’ – TheWire का फैलाया झूठ वायरल, पुलिस ने बताई सच्चाई

"यह झूठ है। कृपया ऐसे न्यूज पोस्ट न करें, जो इस संकट के समय में लोगों में दहशत पैदा करे। हमें एकत्रित होकर लड़ने की जरूरत है और इस महामारी से अवगत कर लोगों को मदद करनी चाहिए… घबराने की जरूरत नहीं है।"

जैन समुदाय खिला रहा था खाना: ‘ऑल्टन्यूज़’ वालों ने बताया धार्मिक कार्यक्रम, लॉकडाउन का उल्लंघन

अब आप समझ जाइए कि जब 'ऑल्टन्यूज़' के कर्ताधर्ता ऐसे काम करते हैं तो उनका प्रोपेगेंडा पोर्टल कैसे चलाया जाता होगा। बैनर पर आमजनों और पशु-पक्षियों को खाना खिलाने की बात स्पष्ट लिखी हुई है फिर भी...

क्या ट्रम्प ने वास्तव में ‘हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन’ के निर्यात पर दी भारत को धमकी या मीडिया गिरोह ने फैलाया भ्रम?

भारत द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद डोनॉल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके मदद माँगी थी ताकि वे अमेरिका अपने देश में कोरोनोवायरस रोगियों की बढ़ती संख्या के इलाज के लिए 'हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन' की गोलियों की बिक्री की अनुमति दे सकें।

सबा नकवी बेपर्दा: जमात की हरकत ढकने के लिए शेयर किया मंदिर में श्रद्धालुओं का पुराना Video

आदत से मजबूर सबा नकवी ने एक पुराना विडियो ट्वीट किया और दावा किया कि हिंदू भी बड़े पैमाने पर लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। विडियो में अयोध्या के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ रही थी।

बार-बार चेताने के बावजूद मरकज में होता रहा हज़ारों का जुटान, तबलीगी जमात के बचाव में उतरा लिबरल गैंग

जनता कर्फ्यू और प्रधानमंत्री द्वारा लॉकडाउन की घोषणा से काफी पहले दिल्ली में किसी तरह की गैदरिंग पर रोक लगा दी गई थी। तब न ट्रेनों का परिचालन रुका था और न ही बसों। बावजूद इसके नियम-कायदों की धज्जियॉं उड़ाकर जमात के लोग कानून को ठेंगा दिखाते रहे।

मंदिर और सेवा भारती के कम्युनिटी किचेन को ‘आज तक’ ने बताया केजरीवाल का, रोज 30 हजार लोगों को मिल रहा खाना

सच्चाई ये है कि इस कम्युनिटी किचेन को 'झंडेवालान मंदिर कमिटी' और समाजसेवा संगठन 'सेवा भारती' मिल कर रही है। इसीलिए आजतक ने बाद में हेडिंग को बदल दिया और 'कैसा है केजरीवाल का कम्युनिटी किचेन' की जगह 'कैसा है मंदिर का कम्युनिटी किचेन' कर दिया।

कोरोना पर The Quint का फर्जीवाड़ा: जिस इंजीनियर को डॉक्टर बता दिखाई भयावह तस्वीर, उसने ही बताया झूठा

मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए क्विंट ने गिरधर ज्ञानी को डॉक्टर बताया। टास्क फ़ोर्स का संयोजक तक बता डाला। जबकि वे ना मेडिकल प्रैक्टिस करते हैं और ना कोई महामारी विशेषज्ञ हैं। यहॉं तक कि ऐसा कोई टास्क फोर्स भी नहीं है जिसका वामपंथी वेबसाइट ने दावा किया।

कोरोना संकट के लिए अजीम प्रेमजी ने दिया ₹50000 करोड़? लोगों ने इसमें भी ढूँढ लिया हिंदू-मुस्लिम – Fact Check

CNBC-TV18 से बातचीत में विप्रो ने कहा, “यह ऐलान मार्च 2019 में हुआ था। आज ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।” करीब एक साल पहले मार्च 2019 में जब अजीम विप्रो के चेयरमैन थे, तो उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के लिए 52750 करोड़ रुपए दान किया था।

कारवाँ के संपादक ने फैलाया झूठ, कहा- देश में नहीं है कोरोना के फ्री टेस्ट की सुविधा

जोस ने एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। जिसमें दावा किया गया है कि अन्य मुल्कों में कोरोना का टेस्ट फ्री है, जबकि भारत में नहीं। हकीकत यह है कि सरकारी लैब में टेस्ट फ्री हो रहे हैं। 4500 रुपए का जो अधिकतम शुल्क तय किया गया है वह प्राइवेट लैब के लिए है।

पादरी ने कोरोना वायरस से बचाने के नाम पर चेले-चेलियों को पिलाया डिटॉल? – Fact Check

केन्या रिपोर्ट की खबर में इस घटना की जाँच कर रही पुलिस का हवाला दिया गया था और बताया गया था कि पादरी ने पहले अनुयायियों को यह विश्वास दिलाया कि कोरोनावायरस के खतरे को कीटाणुनाशक द्वारा खत्म किया जा सकता है। उसके बाद उसने सभी को मुँह से...

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