लक्ष्य दिल्ली-मुंबई में बैठे स्टॉक एक्सचेंज के खिलाड़ियों और आर्थिक बीट पर काम करने वाले पत्रकारों तक अपनी बात पहुँचाने का नहीं है, बल्कि उन्हें भी संबल देना है जो खाली पाँव, दहकते कंक्रीट पर, फफोलों के साथ निकल चुके हैं।
यह आत्म निर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तैर पर काम करेगा। उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जो कि भारत की जीडीपी का करीब दस प्रतिशत है।
ऐसी तस्वीरें इसलिए किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के हृदय पर चोट करते हैं क्योंकि पीड़ित एक साधु है जो किसी का कुछ नहीं बिगाड़ता। आखिर कैसे निम्न कोटि के गुंडे रहे होंगे जो साधुओं पर हमला बोलते हैं?