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‘जब भारत के इतिहास में पहली बार किसी गैर वंशवादी पार्टी को मिला था पूर्ण बहुमत’

"कांग्रेस के काम करने का तरीका एकदम साफ है - पहले नकारो, फिर अपमानित करो और इसके बाद धमकाओ। उनकी सोच यही है कि सब गलत हैं, और सिर्फ कांग्रेस सही है। यानि ‘खाता न बही, जो कांग्रेस कहे, वही सही’।"

जनता के लिए जो काम नहीं करेंगे, उन्हें सांसद बनने का हक नहीं: छत्तीसगढ़ में BJP का फैसला और संदेश

नए चेहरों को लाकर पार्टी एक तरह का संदेश देना चाहती है - जनता को भी और सांसदों को भी। सांसदों को लेकर एक तरफ जहाँ जनता की राय ली गई है, वहीं सांसदों से भी उनके द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा माँगा गया है।

‘मोदी PM बना तो हिन्दू नंगी तलवारें लेकर दौड़ेंगे’ से ‘मोदी फिर PM बना तो चुनाव ही नहीं होंगे’ तक

गहलोत ने गम्भीरता से अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर मोदी दोबारा जीत जाता है तो या तो यहाँ चुनाव ही नहीं होंगे या भारत में रूस या चीन जैसी स्थिति हो जाएगी। गहलोत ने आगे बताया कि मोदी चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

चिरयुवा राहुल के ‘बूढ़ों की फ़ौज’ बनाम ‘रूढ़िवादी’ BJP के युवा मुख्यमंत्रियों की टोली

भाजपा और कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र में डेढ़ दशक का फ़र्क़ है। अगर वंशवाद को हटा दें तो कॉन्ग्रेस में शायद ही कोई बड़ा युवा नेता हो। जबकि विपक्षियों द्वारा रूढ़िवादी कही जाने वाली भाजपा के किसी भी मुख्यमंत्री की उम्र 65 से ज्यादा नहीं है।

नए डेटा तो छोड़िए, पुराने हिसाब से भी मोदी सरकार के दौरान महंगाई घटी और रोजगार बढ़े

रोजगार के मामले में अगर NDA के तीन वर्ष के शासनकाल और UPA-2 के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल की तुलना करें तो पता चलता है कि मोदी के शासनकाल में रोजगार में दोगुनी दर से वृद्धि दर्ज की गई है।

FY 2018-19 का आयकर कलेक्शन ₹10 लाख करोड़ पार, मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि

वित्त वर्ष 2013-14 में कुल मिलाकर 3.79 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे। जबकि, वर्ष 2017-18 में 6.86 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जो कि लगभग 80.5% की वृद्धि दर्शाता है।

‘विमान से जाने वाले की लाश ही वापस आती है’ – पर्रिकर का वो लेख, जो हर माँ-बाप-पति-पत्नी को पढ़ना जरूरी

मेधा के जाने का सबसे बड़ा धक्का छोटे बेटे अभिजीत को ही लगा। उसने अपनी माँ को उपचार के लिए विमान से मुम्बई जाते हुए देखा था, लेकिन विमान से उसकी माँ का शव ही वापस आया।

हिन्दूफोबिया टपकता है हसन मिन्हाज के शो से

हसन मिन्हाज जी, आप अपना समय हिन्दूफोबिया फैलाने की बजाय इस्लाम का एकाधिकारवाद मिटाने पर खर्च करें। कॉमेडी मैटर की वहाँ भी कमी नहीं है।

दादी का घर घूमने वाली प्रियंका गाँधी ने कुछ ही दूर दादाजी फ़िरोज़ के क़ब्र को पूछा तक नहीं, जानिए क्यों?

फ़िरोज़ पारसी थे। क्या कॉन्ग्रेस इसीलिए फ़िरोज़ को याद नहीं करना चाहती क्योंकि उनका नाम आते ही उनके कारण नेहरू के मंत्री के इस्तीफा देने की बात फिर से छेड़ी जाएगी? क्योंकि बड़े कॉंग्रेस नेताओं व उद्योगपतियों के बीच संबंधों की बात फिर से चल निकलेगी?

मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री रहते बिना किसी घोटाले के ₹90,000 करोड़ के डिफेन्स कॉन्ट्रैक्ट साइन हुए थे

रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर ने यह सुनिश्चित किया कि रक्षा उत्पादन में भारतीय कंपनियों के हित सुरक्षित रहें। ऐसी नीतियाँ बनाई गईं जिससे भारतीय इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिले। मध्यम और छोटे उद्यमियों (MSME) को कैपिटल दिया गया जो पहले बड़ी इंडस्ट्री पर निर्भर थे।

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