डासना मंदिर पर हमले की पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके लिए बुजुर्गों को पीस कमेटी की बैठक में भेज, इस्लामी कट्टरपंथियों को डासना मंदिर पर हमले के लिए भेजा गया।
मिथुन मिश्रा ने कुछ दिन पहले अपने चैनल पर ईसाई धर्मांतरण गिरोह की पोल खोली थी। इसके बाद उन्होंने बिहार बाढ़ पर रिपोर्टिंग करके लोगों का दर्द दर्शकों को दिखाया था।
जिस फ्रांसिस जेवियर को 'संत' कह प्रचारित किया जाता है, उसका गोवा की डेमोग्राफी बदलने में बड़ा योगदान है। जानिए कैसे हिंदुओं को धर्मांतरण नहीं करने पर यातना दी गई, कैसे मंदिरों की पहचान मिटाई गई?