पात्रा चॉल घोटाला एक ऐसा स्कैम है जहाँ सरकार ने निजी कंपनी को गरीबों के घर के पुनर्विकास का काम दिया, लेकिन कंपनी ने मोटी रकम कमाने के लिए उसे बेच डाला।
जिस आर्थिक बहिष्कार की बात होती है, वह हिंदू आज भी नहीं कर पाए हैं। लेकिन हिंदुओं के छिटपुट प्रयासों और दगाहो-मजारों पर सन्नाटे ने इनकी छटपटाहट बढ़ा दी है।