काशी में रंगभरी एकादशी 358 वर्षों से अपने भव्यतम स्वरूप में निरंतर निभाई जा रही है। इसके पहले कहा जाता है कि मुग़लों के शासन में लम्बे समय तक यह परंपरा बाधित रही।
गोस्वामी तुलसीदास का पैतृक गाँव उत्तर प्रदेश के बाँदा जिला का राजापुर है। वहाँ उनके द्वारा हस्तलिखित रामचरितमानस आज भी मौजूद है। रामाश्रय इसके सेवादार हैं।