धर्म और संस्कृति

दिगंबर के लिए ‘उत्तम क्षमा’ तो श्वेताम्बर कहेंगे ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’: जानिए क्या है मानवीय विकृतियों पर विजय का महापर्व पर्युषण

पर्युषण पर्व जहाँ श्वेतांबर के लिए 8 दिन का होता है वहीं दिगंबर 10 दिन तक मनाते हैं। जिसे 'दसलक्षण' कहते हैं। ये दसलक्षण हैं- क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन एवं ब्रह्मचर्य।

12वीं सदी के प्राचीन गलतेश्वर महादेव मंदिर के शिखर का पुरातत्व विभाग ने किया पुनर्निर्माण, फहराया गया हिंदू धर्म ध्वज: देखें वीडियो

गलतेश्वर महादेव मंदिर सोलंकी युग का है और इसका निर्माण 12वीं सदी में किया गया था। कहते हैं कि शिवलिंग ऋषि गलवी की तपस्या से प्रकट हुआ था।

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्… का ही पर्याय रहा है श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन

श्रीकृष्ण ने केवल शब्दों से ही नहीं, अपितु अपने चरित्र और आचरण से क्लीवता एवं कायरता के स्थान पर पौरुष और पराक्रम का संदेश दिया।

हनन कर शत्रु का सदधर्म है यह: रूढ़ियों को तोड़ती है श्रीकृष्ण की धर्मनीति, लोकमंगल ही है धुरी

श्रीकृष्ण ने अपने युग में धर्म के नाम पर पल्लवित रूढ़ियों से संरक्षित शोषक-शक्तियों का विनाश कर मानवीय-गौरव को प्रतिष्ठित किया।

श्रीकृष्ण: अतीत नहीं, भविष्य… जीवन को उसकी सम्पूर्णता में जीने वाला धर्म जिसकी सम्पूर्ण मानवता को जरूरत

कृष्ण का सम्पूर्ण जीवनवृत्त एक खेल है, बिना किसी परिणाम की चिंता किए अपनी पूर्णता में, पूरी तल्लीनता से किया गया एक कर्म।

सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर: 1500 साल से अडिग एक रानी के प्रेम की निशानी Vs 500 साल पुराना ताजमहल

हर्षगुप्त की पत्नी रानी वासटादेवी थीं। राजा हर्षगुप्त की मृत्यु के बाद ही रानी ने उनकी याद में छत्तीसगढ़ के सिरपुर में लक्ष्मण मंदिर...

कानपुर का जगन्नाथ मंदिर: कितनी होगी बारिश… कलश से टपकते बूँदों की ‘भविष्यवाणी’ नहीं हुई कभी गलत

कानपुर के जगन्नाथ मानसून मंदिर में उपस्थित अयागपट्ट के आधार पर कई इतिहासकार इस मंदिर को लगभग 4,000 साल पुराना बताते हैं।

जहाँ लिंग स्वरूप में मौजूद हैं ब्रह्मा-विष्णु-महेश, स्तंभों से निकलते हैं संगीत के सुर: कन्याकुमारी का स्थानुमलयन मंदिर

भारत की मुख्य भूमि के दक्षिणतम छोर पर स्थित तमिलनाडु के कन्याकुमारी से करीब 13 किमी दूर सुचिन्द्रम में स्थानुमलयन नामक प्राचीन मंदिर स्थापित है।

पुजारी पहनते हैं स्त्रियों जैसे वस्त्र, नहीं होता शिव-पार्वती विवाह: 5 महाभूत स्थलों में से एक तिरुचिरापल्ली का जम्बुकेश्वर मंदिर

पंचतत्वों में से एक जल तत्व को समर्पित जम्बुकेश्वर मंदिर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को 'अप्पू लिंगम' कहा जाता है।

चिल्कुर का ‘वीजा बालाजी’ मंदिर: जब भक्त के लिए जंगल में प्रकट हो गए भगवान वेंकटेश्वर

तेलंगाना के चिल्कुर बालाजी मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि यहाँ भक्तों की 'वीजा' प्राप्त करने की इच्छा पूरी होती है।

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