भारत की बात

जातिगत भेदभाव हमारी सबसे बड़ी दुर्बलता, संगठित होना इस काल की आवश्यकता: स्वामी विवेकानंद

पश्चिम का अन्धानुकरण भारत के लिए भयंकर खतरा... जातिगत भेदभाव हमारी सबसे बड़ी दुर्बलता - इन विचारों के साथ भारत का चिंतन करते थे विवेकानंद।

18 साल की उम्र में फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी: सावरकर भाइयों से प्रेरित हुए तो धधकी आज़ादी वाली आग, छद्म ‘वैदिक’ अंग्रेज कलक्टर...

पता लगता है कि नासिक निवासीगण, विजयानंद थिएटर में जैक्सन के लिए विदाई समारोह का आयोजन करने वाले हैं। इसके बाद अनंत लक्ष्मण कन्हेरे उसे मार गिराने की जिम्मेदारी लेते हैं।

1000 साल तक अक्षुण्ण रहे अयोध्या का राम मंदिर, इसलिए 3 मंजिल इमारत की ऊँचाई जितनी खोदी जमीन: रामनवमी पर सीधे रामलला के मुख...

अयोध्या में बन रहे भगवान राम के मंदिर को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह कम-से-कम एक हजार साल तक भव्यता के साथ खड़ा रहे।

‘जगह तो अच्छी है लेकिन नंगी मूर्तियाँ कर रहीं खराब’: जब ‘गाजी’ बाबर ने मुगलिया फ़ौज से कहा – जैन प्रतिमाओं को तोड़ डालो:...

बाबर ने लिखा था, "पूर्णरूपेण नंगी मूर्तियों की प्रदर्शनी लगी हुई है। उनके जननांग भी नहीं ढँके हुए हैं। मैंने उन्हें तबाह करने का आदेश दिया।"

वीर बाल दिवस: 300 साल पहले मुगलों के आगे साहिबजादों ने नहीं झुकाया सिर, कहा- नहीं छोड़ेंगे धर्म, दीवार में चुनवा दो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। आज पूरा देश बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद कर रहा है।

सोलंकी क्षत्रिय राजाओं ने रूद्रों के नाम पर बनवाया भव्य रुद्र महालय: ज्योतिषी बोला- प्रलय तक रहेगा मंदिर, दो बार इस्लामी आक्रांताओं ने तोड़ा,...

चालुक्य क्षत्रिय, जिन्हें सोलंकी राजपूत भी कहा जाता है, के द्वारा बनवाए रुद्र महालय मंदिर को दो बार ध्वस्त किया गया और मस्जिद बना दिया गया।

पंडित मदन मोहन मालवीय: वकील बने तो 153 को फाँसी से बचाया, हैदराबाद के निजाम को भी अपने सामने झुकाया

"जब मैं मदन मोहन मालवीय जी से मिला, वह मुझे गंगा की तरह निर्मल और पवित्र लगे। मैंने तय कर लिया कि मैं उसी निर्मल धारा में गोता लगाऊँगा।"

नेहरू की नीतियों के कारण Pak में जाने वाला था असम, लेकिन राह में खड़ा हो गया ये नेता: ‘मुस्लिम लीग’ ने रची थी...

नेताजी सुभाष बोस ने कॉन्ग्रेस द्वारा सरकार बनाने का समर्थन किया, किन्तु उनका विरोध करने के लिए इस बार सामने थे - मौलाना आज़ाद। बोस को सरदार पटेल का साथ मिला।

बैटल ऑफ भोपाल: जब निजाम-मुगल-नवाब-जय सिंह पर अकेले भारी पड़े मराठा, 70 हजार की फौज को धूल चटाई; 5 लाख रुपए दे निजाम और...

285 साल पहले हैदराबाद के निजाम के सामने मराठा ऐसी दीवार बनकर खड़े हुए कि इतिहास में शौर्य का एक नया अध्याय जुड़ गया। इसे बैटल ऑफ भोपाल के नाम से जानते हैं।

खून, भगवान नरसिंह और जटिल समीकरण… वेदज्ञ गणितज्ञ, जिन्हें स्वयं महालक्ष्मी पढ़ाती थीं गणित: 100 साल में भी बन न पाए जो सवाल, मंदिर...

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का कहना था कि उनके सारे गणितीय खोज नमक्कल स्थित थेयर नामगिरी महालक्ष्मी की देन हैं। इससे उनकी प्रतिभा और लगन का महत्व कम नहीं होता।

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