त्रावणकोर के दीवान सीपी रामास्वामी की हत्या के प्रयास के बाद त्रावणकोर के राजा ने रियासत के भारत में विलय को मंजूरी दे दी थी। पूरा किस्सा कुछ यूँ है कि...
विभाजन के दौरान पाकिस्तान में हिन्दुओं-सिखों की मदद के लिए न आई कोई राजनीतिक पार्टियाँ और ना ही आए वह नेता, जो उस समय इतिहास में खुद को दर्ज कराना चाहते थे।