विभाजन के दौरान पाकिस्तान में हिन्दुओं-सिखों की मदद के लिए न आई कोई राजनीतिक पार्टियाँ और ना ही आए वह नेता, जो उस समय इतिहास में खुद को दर्ज कराना चाहते थे।
भारत का राष्ट्रध्वज तिरंगा डिजाइन करने वाले तेलुगु ब्राह्मण परिवार में जन्मे पिंगली वेंकैया का जीवन गरीबी में बीता। कई भाषाओं व क्षेत्रों के विद्वान थे।
अंग्रेजों ने बनाए कुछ मुस्लिम नेता, जिन्होंने 'काफिर राजा' के विरुद्ध कुरान का हवाला देकर मुस्लिमों को भड़काया। फिर संगठित ढंग से हिन्दुओं का नरसंहार हुआ और उनकी दुकानें-घर लूट लिए गए। अंततः 'बुद्धिजीवियों' ने इस इस्लामी दंगे को 'सामंती राजा के खिलाफ जनता का विद्रोह' बता कर दंगाइयों को श्रद्धांजलि देनी शुरू कर दी।