भारत की बात

12 जुलाई का वो पन्ना जिसे नेहरू के ‘टाइपिस्ट इतिहासकारों’ ने छिपाया: जब मूसलाधार बारिश के बीच RSS के संस्थापक सरसंघचालक हेडगेवार का स्वागत...

भारत के स्वाधीनता आंदोलनों को लेकर अनेक अध्याय एवं ऐतिहासिक तिथियाँ हैं। ऐसी ही एक तिथि है 12 जुलाई 1922।

खादिम को चाहिए नूपुर शर्मा की गर्दन, जिस मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर में दरगाह उसके शागिर्दों ने हर दिन मंदिर में काटी गाय-गिराए मंदिर

‘सूफी संत’ मोईनुद्दीन चिश्ती के बारे में इतिहास में दर्ज तथ्य बॉलीवुड की फिल्मों, गानों, सूफी संगीत और वामपंथी इतिहास से एकदम अलग हैं।

राजा हरिश्चंद्र के पुत्र ने त्रेतायुग में इस दुर्ग को बनवाया: शाहजहाँ-मुमताज को यहीं हुआ मुराद, दीवारों से टपकता खून और रात में आती...

बिहार के रोहतास जिले में स्थित रोहतासगढ़ किले के बारे में कहा जाता है कि इसे त्रेता युग में राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व ने बनवाया था। शेरशाह ने किया था कब्ज़ा।

27 साल का संत, आदिवासियों के लिए बजाई अंग्रेजों की ईंट से ईंट : अल्लूरी सीताराम राजू, जिन्हें कॉन्ग्रेस ने नकारा, PM मोदी करेंगे...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को आंध्र प्रदेश के भीमावरम शहर में महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

‘आप पूछते हैं कि आपकी वफादारी पर सवाल क्यों उठाए जा रहे, ये आप खुद से पूछिए’: कन्हैया लाल की हत्या के बीच सुनिए...

आजाद भारत के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने कहा था कि जो मुस्लिम अभी भी भारत में हैं, उनमें से कई ने पाकिस्तान बनाने में मदद की थी।

पांडवों द्वारा स्थापित गढ़वाल का रहस्यमयी मंदिर: रानी कर्णावती ने शाहजहाँ की सेना को हराया, नाक कटने से लज्जित सेनापति ने कर ली थी...

गढ़वाल की महारानी कर्णावती बिनसर मंदिर में रहकर मुगलों के खिलाफ सैन्य संचालन करती थी। उन्होंने मुगलों को करारी हार दी थी।

संस्कृत वाली मुहरें, जाति/परिवारवाद खत्म… किसानों के लिए सब्सिडी: छत्रपति शिवाजी महाराज की शासन प्रणाली आज भी प्रासंगिक

भारत एक सनातन देश, यह हिंदुस्थान, यहाँ पर अपना राज होना चाहिए… अपने धर्म का विकास होना चाहिए... शिवाजी महाराज का जीवनसंघर्ष था यह सोच।

4 साल के बेटे को टुकड़े-टुकड़े काटा, दिल निकाल कर बंदा बैरागी के मुँह में ठूँस दिया: मुगलों ने 700 बैलगाड़ियों में भरे सिखों...

बंदा सिंह बहादुर सहित 780 अधमरे सिख बंदियों, भालों पर लटके 2000 कटे हुए सिर और 700 मालगाड़ियों में भरे हुए सिखों के कटे हुए सिर लेकर मुग़ल लाहौर में घुसे।

प्रजा के बप्पा, भीलों के रावल, खलीफा को हराने वाले कालभोज: अरबों को ईरान तक खदेड़ने वाले महाराव, जिनसे 500 सालों तक काँपते रहे...

गुहिल वंश के बप्पा रावल ने अरब के खलीफा की फ़ौज को खदेड़ मेवाड़ राजवंश की स्थापना की 1400 सालों तक इस परिवार ने राजस्थान पर राज किया। बलिदान दिए।

…जब सुभाष चन्द्र बोस भटकने लगे थे तो स्वामी विवेकानंद के कारण ही रास्ते पर लौटे, तभी हुआ था क्रांति का उदय

"स्वामी विवेकानंद ने कभी कोई राजनीतिक संदेश नहीं दिया, लेकिन उनके संपर्क में आने वालों में देशभक्ति और राजनीतिक मानसिकता की भावना विकसित हुई।"

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