निकाह हलाला और बहुविवाह के ख़िलाफ़ जल्द सुनवाई के लिए दायर की गई याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में माँग की गई थी कि इस मसले को जल्द से जल्द सुना जाए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले पर जल्द सुनवाई नहीं हो सकती है और न ही अभी संविधान पीठ के गठन की गुँजाइश है।
सोनाक्षी सिन्हा के ख़िलाफ़ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा-420 के तहत 24 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इंडिया फैशन एंड ब्यूटी अवॉर्ड कार्यक्रम में आने के लिए पूरी रकम लेने के बाद भी सोनाक्षी ने अचानक कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया था।
आईपीएल में पॉइंट्स टेबल में शीर्ष 2 स्थानों पर काबिज टीम को प्लेऑफ में हारने पर दूसरा मौक़ा मिलता है। जबकि वर्ल्ड कप में खेल रही टीमों का पिछले मैचों में अच्छे प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं होता। एक हार और सब कुछ ख़त्म।
जुलाई 2014 से मई 2019 की अवधि में ग्रुप-ए के 36,756 और ग्रुप-बी के 82,654 अधिकारियों की समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान ग्रुप के 312 अधिकारी भ्रष्ट पाए गए।
"कैबिनेट ने बच्चों के प्रति अपराधों की गंभीरता को देखते हुए इससे निपटने के लिए पॉक्सो कानून में संशोधनों को मंजूरी दी है।" सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से बाल उत्पीड़न पर अंकुश लगेगा, क्योंकि कानून में शामिल किए जाने वाले दंडात्मक प्रावधान निवारक का काम करेंगे।
इससे पहले यह मामला मई 2019 में सामने आया था जब सुप्रीम कोर्ट ने एक दायर जनहित याचिका के आधार पर सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह, आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ को एक नोटिस जारी किया था। यह नोटिस प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया था।
23 साल की दूती मात्र 11.32 सेकंड में रेस पूरी कर पहले पायदान पर रहीं। स्विट्जरलैंड की डेल पोंटे 11.33 सेकंड के साथ दूसरे और जर्मनी के लीसा क्वायी 11.39 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
बंगाल में हाल ही में पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है, जिसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए सिंगुर आंदोलन के अलावा उनके द्वारा किए गए अन्य आन्दोलनों को जगह दी गई है। कई ऐसी पुस्तकों के सामने आने की ख़बर है, जिसमें भारतीय विभूतियों को ग़लत तरीके से पेश किया गया है।
"शमी को श्रीलंका के खिलाफ मैच में इसलिए आराम दिया गया, क्योंकि भाजपा का एजेंडा मुस्लिमों को आगे नहीं बढ़ने देना है। मोहम्मद शमी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, वो 15 विकेट ले चुके थे। वो रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब थे। लेकिन अचानक से उन्हें बैठा दिया गया क्योंकि..."
उच्चतम न्यायालय ने कारण यह बताया कि याचिकाकर्ता खुद मुस्लिम नहीं है, इसलिए इस याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख सबरीमाला मामले में उसके फैसले के ठीक उलट है। सबरीमाला के याचिकाकर्ताओं में भी किसी का संबंध न तो केरल से था न ही...