जब डॉक्टर मुखर्जी का पार्थिव शरीर कश्मीर से कोलकाता लाया जा रहा था, उससे पहले शेख अब्दुल्ला ने उनके पार्थिव शरीर पर कश्मीरी शॉल डाला था। शेख अब्दुल्ला सहित उनकी कैबिनेट के अनेक मंत्रियों ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया था। अब्दुल्ला ने एक माला बेगम अब्दुल्ला की तरफ़ से भी पेश किया था।
अफगानिस्तान पर भारत की रोमांचक जीत से जहाँ पूरा हिंदुस्तान बेहद खुश था तो वहीं, 'द प्रिंट' की पत्रकार काफी क्षुब्ध और व्यथित लगीं। परेशानी जब हद से ज्यादा बढ़ गई तो उन्होंने अपनी निराशा और भड़ास को जहर के रूप में ट्विटर पर उगला। विराट कोहली पर निशाना साधा।
मैरी कॉम के प्रशंसक राजनीति की हर धारा और विचार धारा में हैं। 2016 में प्रणब मुखर्जी द्वारा राज्य सभा में नामित मैरी बॉक्सिंग में सरकार की ऑब्ज़र्वर भी हैं।
जयाादित्य पुरकायस्थ जो जानवरों के संरक्षण के लिए काम करने वाला समूह 'गुड अर्थ' की ओर से मंदिर में कछुओं को बचाने का काम कर रहे हैं उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएफपी से बातचीत में बताया कि कछुओं की प्रजाति असम में दिन पर दिन कम होती जा रही थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। इससे भारत को करारा झटका लगा है क्योंकि निशानेबाजी में भारत हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करता है और यह उन खेलों में शामिल है जिसमें भारत सबसे ज्यादा पदक जीतता है। साल 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम में भारत ने 7 स्वर्ण समेत 16 पदक जीते थे।
"एक दिन दाऊद पोरबंदर से मुंबई लौट रहा था, तो उसकी कार में पीछे की सीट पर बैठे उसके साथी ने गोली चलाई, यह गोली ग़लती से दाऊद को लग गई थी, जबकि निशाना विरोधी करीम लाला के क़रीबी आलमजेब पर था। यह गोली दाऊद की गर्दन में लगी थी। तभी उसे बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया था।"
चेन्नई में पानी नहीं है। आईटी हब बन चुके देश के छठे सबसे बड़े महानगर में स्कूल, हॉस्टल और होटल इसीलिए बंद किए जा रहे हैं क्योंकि यहाँ भीषण जल-संकट है। हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाईं तो सरकार ने मीडिया पर आरोप लगाया। चेन्नई में पानी की समस्या के बारे में जानिए सबकुछ यहाँ।
"पश्चिमी दिल्ली के संसदीय क्षेत्र में सरकारी जमीन, सड़कों, पार्कों और दूसरे अनुचित स्थानों पर मस्जिदों का निर्माण किया जा रहा है। सार्वजनिक जमीनों पर बनी मस्जिदों के कारण न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या होती है, बल्कि आस-पास रहने वाले लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।"
हिन्दू मंदिरों की ज़मीनों पर काफ़ी समय से यह फर्जीवाड़ा जारी है। 20124.08 एकड़ की मंदिरों की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा हुआ है। यह कब्ज़ा ऐसे होता है कि मंदिर की ज़मीन जिसे रियायती दरों पर किराए पर दी जाती है, वह उसका प्रयोग खुद न कर आगे दूसरों को ज़्यादा महंगे दामों पर किराए पर दे देते हैं।
12 ‘दागदार’ व ‘सुस्त’ वरिष्ठ अधिकारियों को समय-पूर्व रिटायरमेंट देने के बाद एक और बार अकुशलता पर चाबुक चलाते हुए मोदी सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व कस्टम बोर्ड के 15 बड़े अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है। इन सभी अधिकारियों पर पद की नियमावली के खिलाफ काम करने...