IS की कैद में रहने के दौरान मुलर ने अपने परिजनों ने एक पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "मैं नहीं चाहती कि मुझे छुड़ाने के लिए आप लोग कोई समझौता करें।" म्यूलर ने लिखा था, "मैं जानती हूँ कि आप चाहेंगे की मैं स्ट्रॉन्ग बनू। मैं एकदम वही कर रही हूँ।"
इस विरोध प्रदर्शन के बहाने भारत और हिन्दुओं के प्रति नफरत फैलाने की इस हरकत के पीछे लंदन के कई पाकिस्तानी समर्थन वाले ग्रुप और जेकेेएलएफ यानि जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की युनाइटेड किंगडम वाली ब्रांच का हाथ है।
"आज मैंने खबर पढ़ी कि कोर्ट ने संघीय और प्रांतीय सरकारों से पूछा है कि क्या वे कल नवाज शरीफ की जिंदगी की गारंटी ले सकते हैं। मैं तो कल तक के लिए अपनी ही जिंदगी की गारंटी नहीं ले सकता, तो मैं किसी अन्य की जिंदगी की गारंटी कैसे दे सकता हूॅं?"
'बगदादी फुटबॉल के स्टार थे' से लेकर 'बगदादी अंतर्मुखी थे' तक, बीबीसी ने ISIS के सरगना को ऐसे सम्मान दिया, जैसे उसने उसकी रूह की शांति के लिए तर्पण की जिम्मेदारी ली हो। आतंकी बगदादी की मौत से शोकग्रस्त बीबीसी के प्रोपेगेंडा का काला चिट्ठा पढ़ें उसके ही शब्दों में।
पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब की यात्रा के लिए विमान को अपने हवाई क्षेत्र उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। इस बार भारत ने अंतरराष्ट्रीय सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।
"प्रिय मुख्यमंत्री सर, मैंने आपके लिए कान के स्पेशलिस्ट की अपॉइंटमेंट बुक की है। सर, हम दोनों भले ही अलग पार्टियों से हैं, लेकिन आप हमारे मुख्यमंत्री हैं, हमें आपकी फिक्र है। कृपा कल अस्पताल में जाइए और अपना चेकअप कराइए।"
"यदि बैरिकेड्स और अन्य व्यवधानों के साथ हमारे मार्ग पर बाधाएँ उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, तो इससे टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। चाहे एक महीने के लिए ही राष्ट्रीय राजमार्गो को बंद क्यों ना कर दिया जाए, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, हम इस्लामाबाद जाएँगे।"
शुभकामना संदेश को लेकर समुदाय विशेष के लोगों ने जहीर को किया ट्रोल। ट्रोल करने वाले उमर को राणा अय्यूब, निखिल वागले और सबा नकवी जैसे लिबरल पत्रकारों के साथ ही संजय निरुपम जैसे कॉन्ग्रेसी भी फॉलो करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद आतंकी सरगना बगदादी के मारे जाने की पुष्टि की है। इसके बावजूद पाकिस्तानी सीनेटर को इस पर यकीन नहीं हो रहा है। इसके कारण सोशल मीडिया में उनकी काफी किरकिरी हो रही है।
पीएम मोदी ने यूरोपियन पैनल को "आतंकवाद के प्रति कोई रहम नहीं, कोई समझौता नहीं" के भारतीय पक्ष से अवगत कराया। 28 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पैनल को जम्मू-कश्मीर का दौरा करवा कर यह दिखाया जाएगा कि वहाँ सब कुछ ठीक है और पाकिस्तान प्रोपेगेंडा करके भ्रम फैला रहा है।