उजबेकिस्तान में एक शहर है - अंदीजान। यहीं पर भारत में मुगल शासन की नींव रखने वाले बाबर का जन्म हुआ था। अब यहीं लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। और इसी शहर में भारत के पहले गृहमंत्री पटेल के नाम पर एक सड़क का नामकरण भी किया गया है।
"पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में नए कानून के तहत दोष सिद्ध होने का यह पहला मामला है। साजिद अली पर बेअदबी भरी, ईशनिंदा करने वाली और अपमानजनक’ सामग्री डालने का आरोप था।"
सत्ता के परिवर्तन और समय के चक्र से कभी-न-कभी कॉन्ग्रेस, माकपा, हिन्दू कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले 'मुल्ला मुलायम' की सपा जैसे लोग वापिस आ ही जाएँगे। उस समय अगर राम मंदिर सरकारी नियंत्रण में रहे तो क्या होगा, ये कभी सोचा है?
दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में राज्य शिक्षा निदेशालय द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने की पहल पर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया जाएगा।
केजरीवाल सरकार के वकील चाहते थे कि जज इस फैसले को इंसानियत के आधार पर लिया फैसला बताएँ। लेकिन बच्चों के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे वकील अशोक अग्रवाल ने कहा, "कौन सी इंसानियत? हम भिखारी नहीं हैं, हम अपने अधिकारों की माँग कर रहे हैं।"
जिस धर्म के हजारों बड़े मंदिर तोड़ दिए गए, उनकी आस्था पर सिर्फ इस मकसद से हमला किया गया कि ये टूट जाएँ और यह विश्वास करने लगें कि उनका भगवान भी स्वयं के घर की रक्षा नहीं कर पा रहा, उस धर्म के लोग जब अपनी आस्था को पहचानने को खड़े हुए हैं तो उन्हें स्कूल और हॉस्पिटल की याद दिलाई जा रही है?
जैसे ही कनफ़्यूज़न ख़त्म हुआ, पाक फाइटर जेट्स ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस से बाहर तक जाने का रास्ता दिया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल नहीं हो गया। DGCA की तरफ़ से इस बात की पुष्टि की गई है।
"इसके बाद सुदीप्तो ने मुझे आँखे बंद कर लेट जाने को कहा। साथ ही ऊपर के रेप सीन संबंधी डायलॉग बोलने को कहा। इसके बाद उन्होंने मुझे उंगलियों से छूना शुरू किया और कहा कि उनकी छुअन को सेंस करते हुए डायलॉग बोलूँ। फिर अचानक से उस शख्स ने..."
बुधवार को हुई छापेमारी में पुलिस ने 500 बच्चों और पुरुषों को आजाद करवाया। इनमें से अधिकतर को जंजीरों से बाँधकर रखा गया था। इनका यौन शोषण किया जाता था। इनसे मारपीट की जाती थी। इसके अलावा इन्हें हर अकल्पनीय प्रताड़ना दी जाती थी।
यह घटना मक्का से 170 किमी दूर हिजरा रोड पर अल-अखल गाँव के करीब शाम 7 बजे घटी। इस दौरान बस में 39 विदेशी यात्री सवार थे। हादसे में 35 विदेशियों की मौत हो गई और 4 गंभीर रूप से घायल हैं।