पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी कप्तान सरफराज अहमद को जमकर लताड़ लगाईं है। PCB का कहना है कि सरफराज अहमद टीम को सही दिशा में नेतृत्व और खिलाड़ियों को प्रेरित करने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले आगामी मैचों में भी हारती है तो सरफराज अहमद को कप्तान के पद से निकला जाना निश्चित है।
यह हमला ऐसे वक्त पर हुआ है जब कुछ दिनों पहले ही अमेरिका ने इरान पर उनके ड्रोन पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगा चुका है। बीते हफ्ते जून 13, 2019 को ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर भी हमले किए गए थे लेकिन यह हमले किसने किए थे इसके बारे में साफ नहीं हो सका। हालाँकि अमेरिका ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।
अगर टीम इंडिया मैदान में भगवा रंग की जर्सी पहनकर उतरती है, तो भगवा शब्द सुनते ही किलकारियाँ मारने वाला देश का एक बड़ा वर्ग खुद को कोड़े मारते हुए देखा जा सकता है। संसद से लेकर क्रिकेट वर्ल्डकप तक भगवाकरण होता देखना कुछ लोगों को जरूर दुःख दे सकता है।
"मैं चाहती हूँ कि वे (रोशन परिवार) अभी रुहेल को स्वीकार करें क्योंकि वे मेरे जीवन को नरक बना रहे हैं और मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती... वे नहीं चाहते कि मैं उनसे (रुहैल) मिलूँ। मैं शादी के बारे में कुछ नहीं जानती, लेकिन अभी मैं रूहेल के साथ रहना चाहती हूँ। सिर्फ़ इसलिए कि वह मुस्लिम है, वे (रोशन परिवार) उसे स्वीकार नहीं कर रहे।"
"एक दिन दाऊद पोरबंदर से मुंबई लौट रहा था, तो उसकी कार में पीछे की सीट पर बैठे उसके साथी ने गोली चलाई, यह गोली ग़लती से दाऊद को लग गई थी, जबकि निशाना विरोधी करीम लाला के क़रीबी आलमजेब पर था। यह गोली दाऊद की गर्दन में लगी थी। तभी उसे बड़ौदा के सयाजी हॉस्पिटल ले जाया गया था।"
इमरान ख़ान ने अपने ट्वीट के साथ लिखा कि जो खलील जिब्रान के इस उद्धरण को समझ लेते हैं, वो एक संतुष्टिपूर्ण जीवन जीते हैं। इसके बाद लोगों ने रिप्लाई में बताया कि यह पंक्तियाँ जिब्रान की नहीं बल्कि टैगोर की है।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन अल्पसंख्यकों की “नैतिक सफाई” कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब चीन अपनी सरजमीं से या तो इस्लाम को पूरी तरह मिटा देगा या उनकी मजहबीं परम्पराओं से लेकर, सभी मजहबी व्यवहार पूरी तरह बदल देगा। जिस तरह से चीन कार्य कर रहा है। उसकी सख्त नीतियों को देखते हुए, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चेन्नई में पानी नहीं है। आईटी हब बन चुके देश के छठे सबसे बड़े महानगर में स्कूल, हॉस्टल और होटल इसीलिए बंद किए जा रहे हैं क्योंकि यहाँ भीषण जल-संकट है। हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाईं तो सरकार ने मीडिया पर आरोप लगाया। चेन्नई में पानी की समस्या के बारे में जानिए सबकुछ यहाँ।