मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन अल्पसंख्यकों की “नैतिक सफाई” कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब चीन अपनी सरजमीं से या तो इस्लाम को पूरी तरह मिटा देगा या उनकी मजहबीं परम्पराओं से लेकर, सभी मजहबी व्यवहार पूरी तरह बदल देगा। जिस तरह से चीन कार्य कर रहा है। उसकी सख्त नीतियों को देखते हुए, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चेन्नई में पानी नहीं है। आईटी हब बन चुके देश के छठे सबसे बड़े महानगर में स्कूल, हॉस्टल और होटल इसीलिए बंद किए जा रहे हैं क्योंकि यहाँ भीषण जल-संकट है। हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाईं तो सरकार ने मीडिया पर आरोप लगाया। चेन्नई में पानी की समस्या के बारे में जानिए सबकुछ यहाँ।
श्री लंका के इस पहले उपग्रह (कक्षा में स्थापित) का वजन 1.5 किलोग्राम है। यह श्री लंका और उसके आसपास के क्षेत्रों के चित्र लेकर उस इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने में और बेहतरी प्रदान करेगा।
"पश्चिमी दिल्ली के संसदीय क्षेत्र में सरकारी जमीन, सड़कों, पार्कों और दूसरे अनुचित स्थानों पर मस्जिदों का निर्माण किया जा रहा है। सार्वजनिक जमीनों पर बनी मस्जिदों के कारण न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या होती है, बल्कि आस-पास रहने वाले लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।"
वो पीढ़ी जिसने जब से होश संभाला है, या राजनैतिक रूप से जागरुक हुए हैं, उन्होंने भारत का इतिहास भी ढंग से नहीं पढ़ा, उनके लिए ऐसे सीरिज़ ही अंतिम सत्य हो जाते हैं। उनके लिए यह विश्वास करना आसान हो जाता है कि अगर इस्लामी आतंक है तो हिन्दू टेरर क्यों नहीं हो सकता।
हिन्दू मंदिरों की ज़मीनों पर काफ़ी समय से यह फर्जीवाड़ा जारी है। 20124.08 एकड़ की मंदिरों की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा हुआ है। यह कब्ज़ा ऐसे होता है कि मंदिर की ज़मीन जिसे रियायती दरों पर किराए पर दी जाती है, वह उसका प्रयोग खुद न कर आगे दूसरों को ज़्यादा महंगे दामों पर किराए पर दे देते हैं।
12 ‘दागदार’ व ‘सुस्त’ वरिष्ठ अधिकारियों को समय-पूर्व रिटायरमेंट देने के बाद एक और बार अकुशलता पर चाबुक चलाते हुए मोदी सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व कस्टम बोर्ड के 15 बड़े अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है। इन सभी अधिकारियों पर पद की नियमावली के खिलाफ काम करने...
"भारत में हुए सारे आतंकी हमलों के लिए मोहन भागवत ही ज़िम्मेदार हैं, चाहे वो 26/11 का मुंबई हमला हो या फिर पुलवामा हमला। इतिहास में महात्मा बुद्ध और महावीर ने ब्राह्मणवादी जातिवाद के ख़िलाफ़ लड़ाइयाँ लड़ी थीं। तुम एक राष्ट्रवादी नहीं हो, एक रेसिस्ट और हत्यारे हो।"
इनके हर झूठ को बेनकाब कीजिए, इन्हें पढ़िए, तर्कों से घेरिए, इनसे सवाल पर सवाल कीजिए, इनके हर नैरेटिव की लंका लगा दीजिए। इनसे पूछिए कि क्यों ऐसे स्टोरी-टेलर और पूँजीपति हलाला, तलाक या आतंकवाद या समुदाय विशेष पर खुलकर कुछ नहीं कह पा रहे, कुछ बना नहीं पा रहे?