गयासुर ने भगवान विष्णु से प्रतिदिन एक मुंड और एक पिंड का वरदान माँगा है। कोरोना महामारी के दौरान भी ये सुनिश्चित किया गया कि ये प्रथा टूटने न पाए। पितरों के पिंडदान के लिए लोकप्रिय गया के इस मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था, जयपुर के गौड़ शिल्पकारों की मेहनत का नतीजा है ये।
न तो बलात्कार की समस्या को पहली बार उठाया गया है, न पिता-पुत्री के रिश्ते को पहली बार उकेरा गया है, न ही पुलिस के कामकाज के तरीके पर ये पहला कटाक्ष है। फिर भी 'महाराजा' ताज़ा हवा का झोंका है।