मद्रास उच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा है कि किसी दलित का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र चर्च जाने और ईसाई मत प्रतीक चिन्ह क्रॉस लटकाने से निरस्त नहीं किया जा सकता।
श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।