प्रोफेसर बद्री नारायण तिवारी ने अपनी पुस्तक में आरोप लगाया गया था कि हिन्दू झूठी कथाओं के जरिए दलितों को फुसला कर अपनी तरफ खींच रहे हैं। अब MGCUB के कुलपति बनने की रेस में।
"लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी बहुत सारी गैर-जरूरी चीजों पर रुपए खर्च कर रहे हैं। इन चीजों का कोई उपयोग ही नहीं है और ये अवैज्ञानिक हैं। अब भी लोगों को ये नहीं पता है कि ये सब कर के उन्हें क्या लाभ मिलेगा।"
निपुंगे ने ये भी कहा कि जब भी कोई आत्महत्या का विवादित मामला सामने आता है तो उसमें परमबीर सिंह के शामिल होने का खुलासा होता है। चाहे वह सुशांत सिंह राजपूत, दिशा सालियान, मनसुख हिरेन या फिर इस कॉन्स्टेबल का हो।
"जिहदियीं का मनोबल काफी ऊँचा है और प्रतिदिन हिन्दू लड़कियाँ जिहादियों द्वारा ऊठाई जा रही है। यहाँ तक कि बेटियो की बारात पर भी हमले कर उसे रोका जा रहा है।"
जज कौशिक चंदा ने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आगे की सुनवाई करने का कोई इरादा नहीं रखते, क्योंकि वो नहीं चाहते कि कोई न्यायपालिका को बदनाम करे।
बीफ खाने से इनकार करने पर वो लोग अपने मजहब में मुझे लाने के लिए जोर देने लगे और कहा कि रुपए की कोई कमी नहीं होगी, अच्छी नौकरी दी जाएगी। जमीन तक का लालच दिया गया।"