ऐसे कई मामलों में यह भी देखा गया है कि लड़कियों का सामूहिक शारीरिक शोषण से ले कर, अपने दोस्तों, भाई, पिता आदि से बलात्कार तक करवाते हैं। जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो पता चलता है कि लक्ष्य प्रेम का नहीं, बल्कि हिन्दू लड़कियों और उनके परिवारों को समाज में नीचा दिखाना और परिवारों को तबाह करना होता है।