लाश को प्लास्टिक में पैक करके फिर दफनाना उनको डिकम्पोज होने में देरी पैदा करता है और इसीलिए बीमारियों के फैलने का ख़तरा बना रहता है। साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। श्मशान का कर्मचारी मास्क और ग्लव्स इत्यादि का इस्तेमाल कर के पूरी सावधानी के साथ लाश का अंतिम संस्कार करेगा।
बाबा रामदेव ने दावा किया कि चिकित्सा, शिक्षा और अनुसन्धान में पतंजलि ने अब तक हज़ारों करोड़ की सहायता की है। इससे पहले बाबा रामदेव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी के साथ भी बैठक की। प्रधानमंत्री ने उनके अलावा अन्य कई बड़े संगठनों के लोगों से बातचीत कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
पुलिस ने मौलाना को समझाया कि पहले कुछ दिनों में तो किसी को कोरोना हो भी तो इसके लक्षण पता नहीं चलते, इसीलिए ये पता करना मुश्किल हो जाता है कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं। मौलवी ने दावा किया कि अल्लाह का घर बंद नहीं होगा और मस्जिद में आने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं रोका जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुदीब मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को फॉलो कर रखा है, वो उसके भाषण को देखता और उसे लाइक और शेयर भी करता है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि ऐसे पोस्ट करना उसकी आदतों में शुमार है, जो अन्य समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है।
डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।
इन नए मामलों के आने के बाद से वहाँ का स्वास्थ्य विभाग अब इस जाँच-पड़ताल में लगा है कि इन 10 कोरोना संक्रमित लोगों के सम्पर्क में कौन कौन आया था। जाँच का दायरा बढ़ता जा रहा है।
एक तरफ जहाँ पूरा देश कोरोना वायरस के महामारी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोमवार को कोलकाता में दो वार्ड पार्षदों के खिलाफ मापीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक शहर के वार्ड नंबर 134 और 137 की सड़कों पर पूरी रात तक भयंकर लड़ाई चली।
“कोरोना वायरस महामारी से संघर्ष में सरकार व समाज की सम्मिलित शक्ति की आवश्यकता है। मेरी आप सभी से अपील है कि 'मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष' द्वारा पीड़ितों की सहायता व उन्हें राहत प्रदान करने हेतु अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें और हम सभी के इस महासंघर्ष को शक्ति प्रदान करें।”
बुखार से काँपते हुए उसने नागपुर में 5 घंटे रुक कर ट्रेन बदली थी। महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिख कर उसकी यात्रा के बारे में सूचित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से सफर करने वाले उस यात्री के बारे में कहा जा रहा है कि उसने नागपुर में भी कई लोगों में संक्रमण फैलाया होगा। रविवार को वो हॉस्पिटल से भाग निकला, जिसके बाद उसे घर से उठा कर लाया गया।