शुरुआती दिनों में जब कोरोना के लक्षण वाले मामले दिखने लगे तो प्रशासन ने सूचना मिलते ही आवश्यक कार्रवाई करनी चाही। वहाँ के स्थानीय लोगों ने प्रशासन का साथ नहीं दिया और कड़ा विरोध करके एंबुलेंस को ही इलाके से लौटा दिया।
हाल ही में पंजाब के मोगा से 390 टन खाद्य पदार्थों को एक पार्सल स्पेशल ट्रेन के जरिए असम के चंगसारी पहुँचाया गया। इनमें डेयरी प्रोडक्ट्स और नूडल्स सहित कई अन्य चीजें शामिल थीं। रेलवे ने जनता को जागरूक करते हुए बताया है कि भारतीय रेल सेवा कभी युद्धकाल में भी नहीं रुकी, ऐसे में वो स्थिति की गंभीरता को समझें और घरों में ही रहें।
देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मरकज तबलीगी जमात के मुख्यालय में 200 से ज्यादा लोगों के कोरोना संदिग्ध पाए जाने से हड़कंप मच गया है। दिल्ली सरकार ने मरकज के मौलाना के खिलाफ फौरन मुकदमा दर्ज करने को कहा है। उन पर आरोप है कि...
पॉजिटिव पाए गए 8 मरीजों में से सिर्फ 3 मरीज की ही कांटेक्ट हिस्ट्री है, जबकि शेष 5 मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। इंदौर जैसी घनी आबादी वाले शहर के लिए यह भयावह संकेत है। यहाँ अब तक जो मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें से अधिकांश की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।
युवक ने महाराष्ट्र से लौटे दो लोगों के कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज होने की सूचना हेल्पलाइन पर दी थी। मगर, इन दोनों ने सुरक्षा लिहाज से की गई इस जाँच को शान में गुस्ताखी समझ लिया और उसे पीट पीटकर मार डाला।
डीजीपी ऑफिस ने संबंधित जिलाधिकारियों को निजामुद्दीन मरकज में ठहरे यूपी के लोगों की लिस्ट देकर उनसे संपर्क करने और उनका कोरोना वायरस टेस्ट कराने का निर्देश दिया। आदेश के बाद तेजी से हरकत में आई उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी लोगों को ट्रेस कर...
पटना, राँची और दिल्ली के बाद महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक मस्जिद से 10 विदेशियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने मस्जिद के ट्रस्टी जुम्माखान नवाबखान पठान और सलीम बाबूलाल पठान को कोरोना फैलाने के आरोप में और आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में कई धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
निजामुद्दीन में एक भीड़ जुटती है - मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान समेत कई देशों के करीब 2500 लोग यहाँ आते हैं। कोरोना के बवाल के बावजूद यह सब होता है। नतीजा - दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव के हालिया मामले में से 50% से ज्यादा सिर्फ इस एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग।
शराब की दुकानों, बार, होटल्स, देशी दारु की दुकानों आदि को बंद किए जाने से केरल एक अलग ही संकट में फँसता दिख रहा है। इसे देखते हुए पी विजयन ने शनिवार को यह भी कहा है कि शराब के आदी लोगों को डॉक्टर के पर्चे पर सरकार दारू उपलब्ध करवाएगी।
ख़ालिदा जिया जम्मू-कश्मीर की उन पाँच महिलाओं में शामिल थीं जिन्होंने सबसे पहले राज्य में कॉन्वेन्ट शिक्षा हासिल की थीं। बढ़ती उम्र के चलते बेशक उनकी गतिविधियाँ कम हो गईं हैं इसके बाद भी वे अपने रूचि के क्षेत्रों तथा सामाजिक सरोकार पर निगाह बनाए रखती हैं।