एडिटेड वीडियो को गिरोह विशेष ने वायरल किया। तथाकथित लिबरल पत्रकारों ने इस वीडियो के सहारे न सिर्फ़ दिल्ली पुलिस को क्रूर और अत्याचारी साबित करने का झूठा प्रयास किया, बल्कि जामिया नगर के दंगाइयों को भी पाक-साफ़ बताने की कोशिश की।
नए वीडियो में देखा जा सकता है कि लाइब्रेरी के दरवाजे पर एक व्यक्ति खड़ा है, जो भाग कर आ रहे नकाबपोशों को अंदर घुसा रहा है। जाहिर है पुलिस ने यूँ ही किसी पर कार्रवाई नहीं की। उसने उपद्रवियों को चिह्नित कर एक्शन लिया।
सीमा रिजवी पर जामिया कोऑर्डिनेशन कमिटी (JCC) के कुछ सदस्यों द्वारा हमला किया गया। उनकी बेटी को किडनैप करने की धमकी दी गई। उन लोगों ने यह धमकी इसलिए दी, क्योंकि उन्होंने CAA विरोधी प्रदर्शन की वीडियो फेसबुक पर डाल दी थी।
जब पुलिस जाँच के लिए सीसीटीवी फुटेज लेने पहुँची, तब छात्रों ने हंगामा किया और पुलिस को वो फुटेज नहीं लेने दिया। आख़िर जामिया के छात्र क्या छिपाना चाहते थे? हमारे कुछ और भी सवाल हैं, जो इस वीडियो को देखने के बाद उभरते हैं। देखिए पूरा वीडियो, जो आपसे छिपाया गया ।
“वो हर सुंदर कला को और भी सुंदर बनाती हैं। मर्दों की तरह मेहनत वो रात-दिन करती हैं, मगर फिर भी कुछ ना करने की तोहमत लगाई जाती है। दिल में जो डर का किला है, वो तोड़ दो अंदर से तुम, एक ही झटके में अपने आप ही वो ढह जाएगा। आओ मिलकर हम बढ़ें, अधिकार अपने छीन लें। काफिला अब चल पड़ा है। अब न रोक पाएगा।”
इस्लामी आतंकियों ने अशोक रैना सहित सभी हिंदुओं को बस से नीचे उतरने के लिए कहा। उन आतंकियों ने अन्य यात्रियों को कहा कि सिर्फ पूछताछ करेंगे, यकीन दिलाने के लिए पैगंबर और कुरान की शपथ भी खाई। लेकिन ऐसा किया नहीं। सभी 6 हिंदुओं को बस से उतारने के बाद...
पुलिस ने बताया कि महिला की शादी 6 साल पहले असलम से हुई थी। दोनों का 3 साल का एक बच्चा भी है। पीड़िता का आरोप है कि असलम ने अपना नाम सोनू बताकर उससे नजदीकियाँ बढ़ाईं और शादी कर ली।
तीनों छात्रों के नाम आमिर, बासित और तालिब हैं। वीडियो में बैकग्राउंड में गाना बज रहा है- "खाई है ये कसम, खाई है ये कसम, सुन ले दुश्मन सभी, है ये दिल की सदा.. पाकिस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद।" वीडियो के बीच में एक छात्र आजादी के नारे भी लगाते हुए सुना जा सकता है।
कल्पना के साथ पूर्व एमएलए लिव इन रिलेशन में थे। कल्पना उन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। शादी के बहाने उसे साईं मंदिर बुलाया और रॉड से उसके तथा उसकी बेटी के सिर पर वार किया। फिर दोनों के चेहरे को गाड़ी से कुचल दिया।
“उस समय तक राशि निश्चित रूप से जमा हो जाना चाहिए, वरना फिर हम आपको दिखाएँगे कि हम कितने कठोर हो सकते हैं।” - सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उन टेलीकॉम कंपनियों पर की, जिन्होंने पिछले 4 महीनों से एक पैसा भी नहीं चुकाया था।