Homeदेश-समाजमध्य प्रदेश: हैंडपप से पानी लेने को लेकर विवाद, वन विभाग के अधिकारी ने...

मध्य प्रदेश: हैंडपप से पानी लेने को लेकर विवाद, वन विभाग के अधिकारी ने दलित को मारी गोली

इस घटना की जाँच के लिए वन विभाग ने भी एक टीम का गठन कर दिया है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध कमलनाथ सरकार के दौरान एकदम सामान्य बात हो गई है।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में वन विभाग के गार्ड्स द्वारा मदन वाल्मीकि नामक दलित की गोली मारकर हत्या करने की ख़बर आई है। बताया गया है कि उसकी हत्या तब की गई, जब वह हैंडपंप से पानी भरने को लेकर हुए अपने परिवार और वन अधिकारियों के बीच के विवाद में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा था। यह घटना मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से 60 किलोमीटर दूर फतेपुर नामक गाँव में घटित हुई।

वाल्मीकि की पत्नी सरोज ने आरोप लगाया कि जब उसकी बेटी फतेपुर फॉरेस्ट चेक पोस्ट से कुछ ही दूरी पर स्थित हैंडपंप से पानी लेकर बर्तन धो रही थी, तब उसे फारेस्ट रेंजर सुरेश शर्मा ने जातिसूचक गाली देनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर एक महिला अधिकारी ने उसकी बेटी को बाल पकड़ घसीटना शुरू कर दिया। यह देख करीब 100 मीटर दूरी पर मौजूद उसका पति बीच-बचाव करने दौड़ा आया जिसकी गोली मार हत्या कर दी गई।

वन विभाग ने शुरुआत में अपने अधिकारियों के बचाव की कोशिश करते हुए कहा कि यह हादसा रविवार को तब हुआ जब ग्रामीणों ने अतिक्रमण विरोधी टीम से राइफल छीनने की कोशिश की। रविवार देर शाम करेरा पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद रेंजर सुरेश शर्मा समेत 15 लोगों के खिलाफ दफा 302 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी तक इस संदर्भ में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इस घटना की जाँच के लिए वन विभाग ने भी एक टीम का गठन कर दिया है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध कमलनाथ सरकार के दौरान एकदम सामान्य बात हो गई है।

मध्य प्रदेश के दलित युवक की मौत: इरफान, कल्लू, छुट्टू और पठान ने केरोसिन उड़ेल लगा दी थी आग

कमलनाथ राज में शौच के लिए गए 2 दलित नाबालिगों की पंचायत बिल्डिंग के सामने लाठी से पीटकर हत्या

दलित रेपिस्ट के कारण पीड़‍िता हुई अशुद्ध, शुद्धिकरण के लिए पंचायत का तुगलकी फरमान – भंडारा कराओ

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -