SIT की रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रेन में सफर कर रहे सिख यात्रियों की ट्रेन और रेलवे स्टेशनों पर हमला करने वाले लोगों द्वारा हत्या किए जाने के पाँच मामले थे।
कोमल शर्मा का आरोप है कि JNU में हुए हमले को लेकर चैनल ने उन्हें कथित तौर पर एक आरोपित के रूप में पेश करके बदनाम किया है। इसके साथ ही कोमल ने मीडिया संस्थानों और दिल्ली पुलिस को भी पत्र लिखकर इस मामले में ध्यान रखने को कहा है।
जब तक CAA को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। वहीं छात्र सहादत हुसैन ने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताया। इस दौरान छात्रों ने धरने पर AMU माँगे आजादी, JNU माँगे आजादी, संघवाद से आजादी जैसे नारे लगाए।
केशव ने अपनी माँ सावित्री से टिकटॉक वीडियो बनाने के लिए रिवॉल्वर माँगी। केशव की माँ ने जब मना किया तो उसने जिद पकड़ ली। आखिर में मजबूरन उसकी माँ ने आलमारी में रखी रिवॉल्वर उसे दे दी।
स्वस्तिका मुखर्जी सिंगापुर में दुकान से सोने का झुमका चुराते हुए पकड़ी गई थी। उस समय यह बंगाली अभिनेत्री एक बंगाली फिल्म महोत्सव के सिलसिले में सिंगापुर में थीं। अभिनेत्री को वहाँ के एक पॉश मॉल के शोरूम में सोने के झुमके चुपके से अपने हैंडबैग में रखते हुए पकड़ा गया था।
JNUSU का कहना है कि वो JNU में तब तक कोई क्लास नहीं चलने देंगे जब तक वाइस चांसलर इस्तीफ़ा नहीं दे देते हैं। इसके जवाब में JNU के प्रोफेसर वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ट्वीट करते हुए कहा है कि अगर क्लास में एक भी विद्यार्थी न हुआ तब भी अपना लेक्चर देंगे।
केरल के सबसे बड़े चर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईसाई लड़कियों को निशाना बनाकर उनकी हत्या हो रही। इस मामले में पुलिस पर भी सही तरीके से कार्रवाई नहीं करने का आरोप पादरियों ने लगाया है।
आम आदमी पार्टी के छात्र विंग के नेता कासिम उस्मानी ने स्थानीय लोगों को भड़काया। जामिया के छात्र ने ऑपइंडिया को दिए इंटरव्यू में किए कई बड़े खुलासे। उपद्रवी मुस्लिम छात्रों ने कुलपति के दफ्तर के ऊपर ही फिलिस्तीन का झंडा लगा दिया और इजरायल का झंडा जला डाला।
ये पहला मौक़ा नहीं है, जब सेना ने इस तरह किसी गर्भवती महिला की मदद के लिए तत्परता दिखाई हो। कुछ दिन पहले ही कुपवाड़ा में भी गर्भवती महिला तस्लीमा को सेना के जवानों ने नई ज़िंदगी दी थी।
इस यात्रा को हज़ारों लोग 83 किलोमीटर पैदल चल कर तय करते हैं। कुछ शरारती तत्वों ने इस पवित्र प्रक्रिया में विघ्न डालने के लिए यात्रा के रास्ते में जानवरों के माँस व कंकाल फेंक दिए ताकि हिन्दुओं की भावनाएँ आहत की जा सके। श्रद्धालुओं ने इसे लेकर गुस्सा जताया।