Friday, July 12, 2024
Homeदेश-समाज3 म​हीने पुराने फेसबुक पोस्ट पर 5 घंटे उपद्रव, विहिप कार्यकर्ता के मोहल्ले में...

3 म​हीने पुराने फेसबुक पोस्ट पर 5 घंटे उपद्रव, विहिप कार्यकर्ता के मोहल्ले में हरवे-हथियार ले घुसे

ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। इसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस विहिप कार्यालय में घुस गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद विश्व हिन्दू परिषद नेताओं के साथ नोक-झोंक भी हुई।

झारखंड में करीब तीन महीने पुराने फेसबुक पोस्ट को लेकर समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर बवाल काटा। घटना धनबाद के झरिया की है। गुरुवार (16 जनवरी 2020) को यहॉं पॉंच घंटे तक बवाल चला। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक समुदाय के लोग उस मोहल्ले में हरवे-हथियारों के साथ घुस गए, जहॉं आरोपित विहिप कार्यकर्ता संजीव गिरि का घर है। मोहल्ले के दुकानों और घरों में उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की। महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। झरिया-सिंदरी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पथराव किया। यहॉं तक कि शवयात्रा में शामिल लोगों को भी पीटा गया।

इस संबंध में 7 पीड़ितों ने झरिया पुलिस से अलग-अलग लिखित शिकायतें की हैं। शिकायतों में तनवीर, सलमान, तासिम, विक्की, गुलाम इमाम, गोलू, समीर खान, छोटू, बबन मियाँ समेत अन्य पर हरवे-हथियार से लैस होकर मोहल्ले में घुसकर मारपीट करने, बाइक क्षतिग्रस्त करने, महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने और दुकान में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है।

दैनिक जागरण के धनबाद संस्करण में प्रकाशित खबर

ऊपर राजबाड़ी के गोपाल ने एसडीएम को बताया कि दर्जनों की संख्या में युवक उसके घर में घुस आए। गालियाँ बकीं। आपत्तिजनक नारे लगाए। घर के बाहर सीसीटीवी लगा है। युवकों की सारी कारस्तानी उसमें कैद है। एसडीएम ने सीसीटीवी फुटेज माँगे हैं। एसडीएम राज महेश्वरम ने कहा है कि तोड़-फोड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी। उनको बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज भी खँगाला जा रहा है।

प्रभात खबर के धनबाद संस्करण में प्रकाशित खबर

बाद में ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। इसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस कतरास मोड़ स्थित विहिप कार्यालय में घुस गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद विश्व हिन्दू परिषद नेताओं के साथ नोक-झोंक भी हुई। हालाँकि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को सँभाल लिया। बताया जा रहा है कि सड़क के जाम के दौरान एंबुलेंस व कई अन्य वाहनों के चालकों के साथ भी मारपीट की गई।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर

धनबाद के एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि विवादित पोस्ट को लेकर हंगामा हुआ था, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। विवादित पोस्ट डालने वाले युवक के साथ सड़क जाम और हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिस पोस्ट के कारण हंगामा हुआ, उसे संजीव ने 22 अक्टूबर 2019 को शेयर किया था। हालाँकि फिलहाल युवक ने विवादित पाेस्ट काे डिलीट कर दिया है और नया पाेस्ट करते हुए लिखा है, “मैंने जाे पाेस्ट शेयर किया था, उसके लिए मैं माफी माँगता हूँ।”

गौरतलब है कि धनबाद में अभी हाल ही में वासेपुर के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर आपत्तिजनक नारे लगाए थे। प्रशासन की इजाजत के बिना शहर में जुलूस निकाला था। इससे शहर में घंटों अराजक स्थिति रही थी। इस घटना को लेकर करीब 3000 लोगों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। हालॉंकि अगले ही दिन प्रशासन का रुख इनको लेकर नरम हो गया। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

मंदिर की दीवार पर ख़ून से लिख दिया नाम, इलाके में तनाव: ‘कसाई’ की दुकान पर काम करने वाला गिरफ़्तार

सबरीमाला: पवित्र यात्रा के रास्ते में फेंके माँस के टुकड़े व जानवरों के कंकाल, श्रद्धालुओं में आक्रोश

हिन्दुओं के 18 घरों को बनाया गया निशाना, फूँक दी गई गाड़ियाँ: ‘इज्तेमा’ में शामिल मुस्लिमों पर लगा आरोप

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेपाल में गिरी चीन समर्थक प्रचंड सरकार, विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए माओवादी: सहयोगी ओली ने हाथ खींचकर दिया तगड़ा झटका

नेपाल संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में प्रचंड मात्र 63 वोट जुटा पाए। जिसके बाद सरकार गिर गई।

उधर कॉन्ग्रेसी बक रहे गाली पर गाली, इधर राहुल गाँधी कह रहे – स्मृति ईरानी अभद्र पोस्ट मत करो: नेटीजन्स बोले – 98 चूहे...

सवाल हो रहा है कि अगर वाकई राहुल गाँधी को नैतिकता का इतना ज्ञान है तो फिर उन्होंने अपने समर्थकों के खिलाफ कभी कार्रवाई क्यों नहीं की।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -