"वह अपनी माँ को पानी देने के लिए कह रही थी। मैंने उसे चुपचाप सोने के लिए कहा। उसने मुझसे पूछा 'तुम कौन हो?' और 'चोर, चोर, मम्मा, हमारे घर में एक चोर है' चिल्लाना शुरू कर दिया। मैंने उसे ईंट से मारा जो मैंने बिस्तर पर रखी थी। फिर मैंने उसके साथ भी वैसा ही (बलात्कार) किया।"
"खासतौर पर भारतीय लड़कियों को सेक्स एजुकेशन दी जानी चाहिए। खासतौर पर 18 साल की उम्र में आते ही उन्हें कॉन्डोम साथ लेकर चलना चाहिए। बहुत आम तर्क है, अगर मर्दों की इच्छाएँ पूरी होंगी तो वे महिलाओं को नहीं मारेंगे। सरकार को कुछ इस तरह की योजना बनानी चाहिए।"
बच्ची ने अब्दुल हामिद बहादुर अंसारी के कुकृत्यों के बारे में बताया, तो माता-पिता ने पुलिस में केस दर्ज कराया। आरोपित के ख़िलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
सिस्टर लिसी ने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”
बीएचयू प्रशासन को उस ऑर्डिनेंस को देश के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिसके जरिए बीएचयू में धार्मिक शिक्षा बीएचयू एक्ट-1951 में संशोधन के पूर्व से दी जा रही थी, इसीलिए संसद को संशोधन के समय लिखना पड़ा कि "religious instruction being given." अर्थात दी जा रही धार्मिक शिक्षा रोकी नहीं जाएगी।
उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
अमजद और अजगर ने पीटने के बाद दलित से कहा कि वह नीची जाति से है। उसे पठानी सूट पहनने का कोई अधिकार नहीं है। अगर उसने दोबारा पठानी सूट पहना तो वे उसे जान से मार देंगे।
सर्कुलर में कहा गया है कि अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। जो ऐसा नहीं करेंगे वे जेएनयू अकेडमिक ऑर्डिनेंस के तहत यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं रह जाएँगे।
मौलाना पर कमलेश के हत्यारों को अपने घर में शरण देने का आरोप है। उसने उनकी आर्थिक मदद की। उपचार किया। 20-20 हज़ार रुपए के 2 जमानत एवं निजी मुचलका राशि दाखिल करने पर उसे जमानत दी गई है।