मुंबई के वर्ली में स्थित सीजे हाउस को लेकर जो डील हुई थी, उसमें हुमायूँ मर्चेंट का भी रोल था। सीजे हाउस को मिलेनियम डेवेलपर्स ने बनाया था और उसमें इक़बाल मिर्ची की बीवी हाजरा और उसके दोनों बेटों को संपत्ति दी गई थी।
दुकानदार ने जब बेकरी में पॉलीथिन न होने की बात कही तो इस पर फैजान गाली गलौच करने लगा। फैजान ने उनका रास्ता रोका और वहाँ नीचे पड़ी ईंट उठाकर जोर से उनके मुँह पर दे मारी। दुकानदार लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।
यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जल्द ही हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा और साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सरकार हत्यारों के लिए मृत्युदंड की भी माँग करेगी।
कमलेश तिवारी की हत्या के बाद महंत सरस्वती ने उनके परिजनों से मुलाक़ात की थी। मुलाक़ात के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से भाषण दिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अशफ़ाक़ और उसके हत्यारे साथी ने सिर्फ़ कमलेश तिवारी की ही नहीं बल्कि 'हिन्दू समाज पार्टी' के उत्तर प्रदेश प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौरव गोस्वामी को भी मारने की योजना बना रहे थे। इसीलिए प्लानिंग के तहत सूरत से लखनऊ आते समय उन्होंने गोस्वामी को कॉल कर के कमलेश तिवारी के दफ्तर आने की काफ़ी जिद की थी। गोस्वामी ने काम ज्यादा होने के कारण इनकार कर दिया, जिससे...
यह फतवा दिवाली से कुछ दिन पहले ही आया है। ताकि मुस्लिम हिन्दू त्यौहार में शिरकत करने से दूर रहें। लेकिन ये जानने वाली बात है कि पटाखे शब-ए-बारात में भी बहुत स्तर पर इस्तेमाल होते हैं।
बरेली के एक मौलवी को हिरासत में लिया गया। एक ड्राइवर तौहीद को दबोचा गया। शाहजहाँपुर से लेकर पीलीभीत तक, हत्यारों को हर जगह से मदद मिल रही है। इस हत्याकांड के तार दुबई से भी जुड़े नज़र आ रहे हैं। उधर लखीमपुर क्षेत्र में एक टेरर फंडिंग के बड़े गैंग का खुलासा हुआ है।
अशफाक ने अपने सहकर्मी रोहित कुमार सोलंकी के आधार कार्ड में उसकी फोटो की जगह अपनी फोटो लगा दी और बाकी की सारी जानकारी वही रहने दी। इसी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल उसने कमलेश तिवारी की पार्टी में शामिल होने के लिए किया।
वसीम रिजवी ने दावा किया कि अयोध्या की विवादित ज़मीन सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है ही नहीं, वो शिया वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति है। इसके पीछे तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि बाबर के जिस सेनापति ने इस मस्जिद को बनवाया था, वो एक शिया मुसलमान था।