"सोशल मीडिया पर इसीलिए कड़ी नज़र रखी जा रही है ताकि राम मंदिर पर फ़ैसले को लेकर किसी भी प्रकार के अफवाह को फैलने से रोका जाए। इसके लिए न सिर्फ़ ऑनलाइन वालंटियर्स बाकि इलाक़े के संभ्रांत लोगों की भी मदद ली जा रही है।"
एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल ने माओवादियों के मारे जाने पर राज्य पुलिस को धमकाते हुए नोटिस जारी किए थे। प्रारम्भिक जाँच में, पुलिस ने दावा किया है कि इस बात के ठोस सबूत हैं कि दोनों ने माओवादी पदाधिकारियों के साथ संपर्क बना रखा था।
मोहम्मद इस्माइल ने हड़िया के नशे में एक लड़की के साथ छेड़खानी की। इस तरह की हरकत वह पहले भी कर चुका था। इससे नाराज लड़की के भाई ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
समुदाय विशेष का जिक्र किए जाने पर आपत्ति को डीएम ने खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट को ध्यान में रख कर ही उन्होंने आदेश जारी किया और इसका मकसद सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखना था।
जब उसने अपनी बीवी पर कुल्हाड़ी से वार किया, तब वो रसोई में खाना बना रही थी। उसकी सास व दो सालियाँ भी उस दौरान घर में ही मौजूद थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि अगर ग्रामीण नहीं आते तो निसार उन सब को मार डालता।
परांदे ने हाल ही में असम में खत्म हुई नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़ंस (एनआरसी) की कवायद और नागरिकता अधिनियम (सिटिज़ेशनशिप बिल) की भी बात की। उन्होंने कहा कि देश में हिन्दुओं के हित में सिटिज़ेशनशिप बिल में संशोधन किया जाना बेहद ज़रूरी है।
वायरल वीडियो में युवक यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का अपमान करता है और उन्हें गोली मारने की धमकी भी देता है। राजपूतों, करणी सेना और क्षत्रिय ठाकुर सेना की भी निंदा की और उन्हें चेतावनी दी कि यदि वे परशुराम को जरा भी कम समझते हैं, तो वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें खत्म कर देंगे।
नसीम के एक और साथी के बारे में पता चला है, जो फरार बताया जा रहा है। नसीम ने बताया कि वो कुलदेवी को भेंड़ की बलि देता है और काली माता को मदिरा चढ़ाता है। उसने बताया कि उसकी माँ और बीवी हिन्दू हैं।