Friday, July 30, 2021
Homeदेश-समाजअयोध्या में मोबाइल और इंटरनेट पर पाबन्दी नहीं: सोशल मीडिया के अफवाहों का प्रशासन...

अयोध्या में मोबाइल और इंटरनेट पर पाबन्दी नहीं: सोशल मीडिया के अफवाहों का प्रशासन ने किया खंडन

ज़िला प्रशासन ने समस्त जनपद वासियों से अपील की है कि आप सभी अपने रोज़मर्रा के जीवन को सामान्य जीवन की तरह बिताएँ। किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न दें, किसी भी तरह की अफ़वाह फैलाने वाले व्यक्ति के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

नवंबर माह में राम जन्मभूमि/ बाबरी मस्जिद प्रकरण पर आने वाले उच्चतम न्यायालय के संभावित फैसले के मद्देनज़र ज़िले में विभिन्न माध्यमों से अफ़वाहे फैलाने का काम भी जारी है। इसे गंभीरता से लेते हुए ज़िला प्रशासन ने जनपद वासियों से अपील की है कि न ही वो अफ़वाह फैलाएँ और न ही उन पर ध्यान दें।

कुछ अफ़वाहों के मद्देनज़र ज़िला प्रशासन ने जो महत्वपूर्ण बिन्दु बताए हैं, वो इस प्रकार हैं:

  • आने वाले दिनों में मोबाइल फोन नेटवर्क व इंटरनेट सेवाएँ बाधित नहीं की जाएँगी।
  • बाजार रोज़ाना की तरह अपने समय से खुलेंगे और अपने समय से बंद होंगे, उसमें किसी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जाएगा। 
  • जनपद के सभी स्कूल फिर चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट, रोजाना अपने समय से खुलेंगे और बंद होंगे। स्कूल में पुलिस फ़ोर्स के रुकने का बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं होगा। 
  • इस समय किसी राजनीतिक या धार्मिक मुद्दे पर कोई आपत्तिजनक मैसेज लिखना या भेजना अपराध है। ऐसा करने पर बिना वारंट के गिरफ़्तारी हो सकती है। 
  • आपकी डिवाइस को मंत्रालय के सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा।
  • अपने बच्चों, भाइयों, रिश्तेदारों, दोस्तों, परिचितों आदि सभी को सूचित कर दें कि इन सबका ध्यान रखें और सोशल साइट्स को संयम से चलाएँ।
  • कोई आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो आदि जो आप रिसीव करते हैं राजनीति या वर्तमान स्थिति पर सरकार या प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ उसे न भेजें।

इस सन्दर्भ में अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की।

ज़िला प्रशासन ने समस्त जनपद वासियों से अपील की है कि आप सभी अपने रोज़मर्रा के जीवन को सामान्य जीवन की तरह बिताएँ। किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न दें, किसी भी तरह की अफ़वाह फैलाने वाले व्यक्ति के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें, जिससे अफ़वाह फैलाने वालों को दंडित किया जा सके। सूचित करने वाले का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा। जनजीवन को सामान्य रखने में ज़िला प्रशासन के सभी अधिकारियों का सहयोग करें।
बता दें कि अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से पहले अयोध्या के ज़िलाधिकारी ने 30 बिन्दुओं वाला आदेश भी जारी किया है। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Tokyo Olympics: 3 में से 2 राउंड जीतकर भी हार गईं मैरीकॉम, क्या उनके साथ हुई बेईमानी? भड़के फैंस

मैरीकॉम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि वह हार गई हैं। मैच होने के दो घंटे बाद जब उन्होंने सोशल मीडिया देखा तो पता चला कि वह हार गईं।

मीडिया पर फूटा शिल्पा शेट्टी का गुस्सा, फेसबुक-गूगल समेत 29 पर मानहानि केस: शर्लिन चोपड़ा को अग्रिम जमानत नहीं, माँ ने भी की शिकायत

शिल्पा शेट्टी ने छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए 29 पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का केस किया है। सुनवाई शुक्रवार को।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,882FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe