जाकिर का मामला इंटरपोल में जाने से उसकी परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं। दरअसल, मलेशिया इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिसने भारत के साथ साल 2010 में प्रत्यर्पण संधि में हस्ताक्षर किए थे। कानूनी रूप से भगौड़ा घोषित होने के बाद ईडी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाईक के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
पीर कासिम ने एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार पीड़ित नाबालिग लड़की का बलात्कार किया। मामला तब सामने आया जब परिजनों ने पाया कि पीड़िता गर्भवती है। इस घटना के बाद 'पीर बाबा' पुलिस से बचने के लिए लगातार जगह बदल-बदल कर रह रहा था। लेकिन...
यह शर्मनाक घटना कानपुर की है, जहाँ के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित मछरिया में मदरसा बना हुआ है। यहाँ मदरसे में बतौर मौलवी मोहम्मद जावेद ने परिसर में आने वाली 16 वर्षीय मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
जब 42-सदस्यीय ग्रुप वहाँ पहुँचा तो वहाँ ईद के सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसा कोई माहौल नहीं था। जब उन्होंने कुद्दुस अली से इस बारे में बात की तो वह उन्हें एक संदेहास्पद स्थान पर ले गया जो हर तरफ से लोहे की चादरों से घिरा हुआ था। यहाँ 700-800 लोग लड़कियों को घेर कर खंजर से...
“आरोपी जाहिद की पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का शव जिस कपड़े में लिपटा हुआ था वह जाहिद की पत्नी का दुपट्टा था। हम पीड़ित परिवार से मिले हैं। उन्होंने माँग की है कि आरोपितों को फाँसी की सजा मिले। मामले में चार्जशीट बनानी है।”
पीड़ित परिवार को लगातार केस वापस लेने की धमकी मिल रही है। मीना (बदला हुआ नाम) की माँ ममता सिंह ने बताया कि उनके परिवार पर केस दर्ज न करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। फ़िलहाल, गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
"मैं अपने अम्मी व अब्बू से अल्लाह के नाम पर रहम माँगती रही लेकिन उन लोगों ने पीटना जारी रखा। बार-बार गिड़गिड़ाने के बावजूद परिजनों ने अपनी बेरहमी जारी रखी। मैं अपने प्रेमी से प्यार करती हूँ और उससे ही निकाह करूँगी, भले ही जान ही क्यों न चली जाए।"
"आसिफ़ के परिवार व पड़ोसियों ने पत्थरबाज़ी की। उन्होंने एक घंटे से भी अधिक समय तक दिल्ली-मेरठ हाइवे को जाम रखा व कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को जम कर नुकसान पहुँचाया, तोड़फोड़ मचाया और कानून व्यवस्था को धता बताया।"
इस मामले को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 511 (दंडनीय अपराध), 325 एससी/ एसटी अधिनियम और 7/8 POCSO के तहत FIR दर्ज कर लिया है और शाहनवाज़ को हिरासत में ले लिया है।
यह कैसी विडंबना है कि एक ओर मीडिया मोदी-राज, योगी-राज, भाजपा-राज को हिन्दुओं की गुंडागर्दी का पर्याय बता रहा है, दूसरी ओर हिन्दू बता रहे हैं कि उन्हें थाने से भगाने को उत्सुक पुलिस 'मोहम्मडन लेडीज़' की आवभगत में लग गई?