यहाँ दो अदालतों के दो जजमेंट सामने हैं जिनमें एक ही जैसा मामला है लेकिन इसे न्याय व्यवस्था की विडंबना ही कहा जाएगा कि एक मामले में एक पत्रकार सब कुछ जानते हुए एक नेता और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट ट्वीट करता है जिसपर उसे उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल जाती है। लेकिन...
मुस्लिम समाज से पैसे निवेश करवा कर और उन्हें 14% से 18% के लाभ का सपना दिखाकर अब मंसूर खान चंपत हो गया है। निवेशक जब बेंगलुरु के शिवाजीनगर स्थित IMA के दफ्तर में अपना पैसा माँगने पहुँचे तो वहाँ कोई नहीं मिला। पुलिस को महज 5 घंटों में 3300 शिकायत दर्ज करनी पड़ी।
मुजफ्फरपुर व वैशाली के विभिन्न अस्पतालों में इस बीमारी से एक दिन के भीतर 25 बच्चों के मरने की ख़बर के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 56 बच्चों की मौत हुई है। 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हो गई थी।
मेरठ के एक मरदसे में पढ़ाने वाले मौलाना द्वारा 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शोर मचाने पर छात्रों ने उक्त मौलाना को दबोच भी लिया था लेकिन अँधेरे का फायदा उठा कर वह वहाँ से भागने में कामयाब रहा। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
"राजाराज चोल के काल में सैकड़ों लड़कियों को वेश्यावृत्ति में ढकेल दिया गया। उनका शासनकाल अन्धकार का युग था। अगर हिन्दू गाय की पूजा करते हैं तो मैं उनके भगवान को खाने वाला व्यक्ति हूँ। सभी मठों की ज़मीनें छीन कर दलितों को दे देना चाहिए।"
अजय बहादुर सिंह की कहानी भी जानने लायक है। उनके पिता इंजिनियर थे और उनकी इच्छा थी कि बेटा डॉक्टर बने। इसके लिए अजय जी-जान से जुट कर तैयारी भी कर रहे थे। लेकिन, अचानक से घर में विपत्ति आन पड़ी। अजय को चाय बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन अपने सपने को नहीं मारे वो और...
रविवार की रात को जब माल्या अपनी गर्लफ्रेंड (किंगफिशर की पूर्व एयर होस्टेस) पिंकी लालवानी और माँ ललिता के साथ स्टेडियम से बाहर निकला, तो क़रीब 100 भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें घेरते हुए ‘चोर है, चोर है’ का जमकर नारा लगाया।
परवेज के कारनामे परिवारवाद को बढ़ाने तक सीमित नहीं रहे। बैंक में चेयरमैन बनने के बाद परवेज ने बैंक की कई शाखाओं की आंतरिक साज-सज्जा सुधारने के लिए 50 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए जारी किए थे जबकि खबरों की माने तो इस काम में सिर्फ़ इस रकम का 30 फीसद खर्चा आया था।
बहुचर्चित कठुआ बलात्कार केस में पठानकोट की अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने 7 में से 6 अभियुक्तों को दोषी पाया है। कुल 6 में से 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है। बाकी 3 को 5-5 साल की कैद और जुर्माना भरना पड़ेगा।