54 वर्षीय ऑडिटर रमेश की जुलाई 2013 में घर में घुस कर हत्या कर दी गई थी। ये वो दौर था जब बम धमाके होते थे, हिन्दू कार्यकर्ता मार डाले जाते थे। अब तक न्याय के लिए लड़ रहीं माँ।
सोनम वांगचुक बोले, "मैं तो इसे इस तरह देखता हूँ - ये ऐसे राम निकले जो सीता को रावण से छुड़ा कर लाए, लेकिन घर नहीं ले गए बल्कि भरी बाजार में बिकने के लिए रख दिया।"
ED (प्रवर्तन जिदेशलय) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जाँच एजेंसी के पास पर्याप्त सामग्रियाँ हैं जिनसे पता चलता है कि सत्येंद्र जैन प्रथम दृष्टया दोषी हैं।