Thursday, July 25, 2024
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‘क्या मरे हुए लोग फिर जिन्दा होंगे?’: गाजियाबाद में ईसाई मिशनरियों के कार्यक्रम में अमेरिका और कोरिया के लोग शामिल, गरीबों के धर्मांतरण के खिलाफ शिकायत

VHP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर हिन्दुओं को पैसों का भी लालच दिया जा रहा था। इन पैसों की एवज में उन्हें भ्रम फैलाने वाली तमाम मज़हबी बातें लिखी किताबें पकड़ाई जा रहीं थी।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबद में ईसाई धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। यहाँ एक कार्यक्रम के दौरान हिन्दू संगठनों ने पहुँच कर हंगामा किया है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि ईसाई मिशनरियों ने हिन्दुओं को धोखे से बुलाया और उन्हें धर्मान्तरित करने की कोशिश में जुटे थे। पुलिस ने केस दर्ज कर के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से ईसाई मत से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। जमावड़े में कुछ विदेशी लोगों की भी मौजूदगी की जानकारी मिली है। मामले की जाँच की जा रही है। घटना रविवार (17 मार्च, 2024) की है।

यह मामला गाजियाबाद के थाना क्षेत्र कौशाम्बी का है। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने मामले की शिकायत थाने में दी है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया है कि रविवार को कुछ बाहरी लोगों ने कौशाम्बी थानाक्षेत्र के निर्धन और मेहनतकश परिवारों के बीच ईसाई मत के प्रचार वाले पर्चे बँटवाए हैं। इन पर्चों में सबको एक जगह जुटने के लिए कहा गया था। इस जमावड़े की सूचना विश्व हिन्दू परिषद को भी मिली। विहिप के कई कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे तो वहाँ विदेशी नागरिकों सहित कई नाबालिग बच्चे भी मौजूद मिले।

VHP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर हिन्दुओं को पैसों का भी लालच दिया जा रहा था। इन पैसों की एवज में उन्हें भ्रम फैलाने वाली तमाम मज़हबी बातें लिखी किताबें पकड़ाई जा रहीं थी। हिन्दू संगठनों के हंगामे के चलते मौके पर पुलिस पहुँच गई। बताया जा रहा है कि पुलिस को इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई। पुलिस ने पहले विरोध कर रहे लोगों को समझा कर शांत करवाया। बाद में कार्य्रकम के आयोजकों को साथ ले कर थाने गई। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

मंच पर मौजूद लोगों में अमेरिका और कोरिया के कुछ लोग भी बताए जा रहे हैं। आयोजकों में महिलाएँ भी शामिल थीं। कुछ लोगों को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। ऑपइंडिया को वो पर्चा मिला जिसे बाँट कर लोगों को बुलावा भेजा गया था। इस पर्चे में हेडलाइन के तौर पर ‘यीशु की क़ुरबानी को याद करें’ लिखा हुआ था। नीचे बाइबिल के लूका 22:19 का हवाला दे कर लिखा था, “मेरी याद में ऐसा ही किया करना।” पर्चे के नीचे 24 मार्च 2024 को पार्क क्राउन बैंक्वेट हॉल कौशाम्बी में सभी को शाम 7:45 पर जुटने का आह्वान किया गया है। आह्वान के साथ इस साल यीशु की मौत का स्मारक मनाने का भी एलान छपा हुआ है।

एक अन्य पर्चे में बाइबिल पर आधारित ख़ास भाषण का भी जिक्र है। इसका टाइटल है, “मरे हुए फिर से जिन्दा होंगे। सपना नहीं, सच।” अधिक जानकारी के लिए jw.org नाम की वेबसाइट और उसका बारकोड भी छपा हुआ है। इन सभी का कॉपीराइट अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित वॉच टॉवर बाइबल एंड ट्रैक्ट सोसाइटी के पास बताया गया है। बाँटे जा रहे अन्य पर्चों में ‘शैतान का शासन खत्म होने के बाद दुनिया कैसी होगी’ और ‘क्या मरे हुओं को दोबारा जीवन मिलेगा’ जैसे सवाल छपे हुए हैं। फ़िलहाल इस मामले पर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस का बयान जारी होने पर उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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